कुरान और गैर मुस्लमान
इस लेख को लिखने से मेरा किसी भी धर्म का विरोध करने का कोई उद्देश्य नही है। अपितु य ह लेख इस्लाम के प्रचार के लि ए है । कुरान मुसलमानों का मजहबी ग्रन्थ है.मुसलमानों के आलावा इसका ज्ञान गैर मुस्लिमों को भी होना आवश्यक है। ............................................................. मानव एकता और भाईचारे के विपरीत कुरान का मूल तत्व और लक्ष्य इस्लामी एकता व इस्लामी भाईचारा है. गैर मुसलमानों के साथ मित्रता रखना कुरान में मना है. कुरान मुसलमानों को दूसरे धर्मो के विरूद्ध शत्रुता रखने का निर्देश देती है । कुरान के अनुसार जब कभी जिहाद हो ,तब गैर मुस्लिमों को देखते ही मार डालना चाहिए। कुरान में मुसलमानों को केवल मुसलमानों से मित्रता करने का आदेश है। सुरा ३ की आयत ११८ में लिखा है कि, "अपने (मजहब) के लोगो के अतिरिक्त किन्ही भी लोगो से मित्रता मत करो। " लगभग यही बात सुरा ३ कि आयत २७ में भी कही गई है, "इमां वाले मुसलमानों को छोड़कर किसी भी काफिर से मित्रता न करे। " सन १९८४ में हिंदू महासभा के दो कार्यकर्ताओं ने कुरान की २४ आयातों का एक पत्रक छपवाया । उस पत्रक को छपवाने...
बहुत सुन्दर कविता
जवाब देंहटाएंबहुत सहज चित्रण वाली सुन्दर कविता ।
जवाब देंहटाएंchoti see kavita ne bahut badi bat kah dee hai.
जवाब देंहटाएंnvin ji ek chhoti si bchchi ki bcht yojna or desh ke dushmnon ke prti uskaa gussa waah bhaai vaah aapne to kmaal kr diyaa aapke haath choom lene ko ji krta he akhtar khan akela kota rajasthan
जवाब देंहटाएंBahut achi kavita
जवाब देंहटाएंYe bat kamare bade bade kayar- darpok netaonko bhi nahi samazh me ati vo ye chotisi bachhi ne kahi hai.
Anahita ko agale karya ke liye shubhecha !
beta 4 ka pata to tumhe blogs par hi mil jayega.
जवाब देंहटाएंo meri chhoti si behna !!
जवाब देंहटाएंmujhko hai bas itna kehna !!
is umra me seekho miljul kar rehna !!
banduk agar hal karti smasya to ab tak hal ho jati.... hai naa ??
बहुत बढ़िया
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