शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

सन २०११ को अगर स्वामी(subrmanyam swami) वर्ष का नाम दिया जाय तो कोई अतिशोक्ति नहीं होगी.



अंग्रेजों का ईसवी सन २०११ अब भूतकाल में चला गया है. २०११ पूरी दुनिया में काफी उथल पुथल मचाकर गया है. कई देशों में जन क्रांति के लिए विख्यात रहे इस साल में भारत भी किसी से पीछे नहीं रहा. जहाँ विश्व पटल पर एक नया देश दक्षिणी सूडान उभर कर आया वही लीबिया का तख्ता पलट हुआ और एक और तानाशाह तेल की अमेरिकन राजनीती का शिकार हुआ.
२०११ भारत में भी काफी हलचल भरा साल रहा. महंगाई, भ्रष्टाचार व काले धन की वापसी के आंदोलनों ने केंद्र सरकार की रातों की नीदें हराम कर डाली. टू जी स्पेक्ट्रम घोटाला ,मुंबई का आवास योजना घोटाला व राष्ट्रमंडल खेलों के घोटालों में केंद्र सरकार स्पष्ट फसती नजर आई. कोंग्रेस की इस भ्रष्ट सरकार के विरुद्ध भारत को दो नए नायक मिले.जहाँ पहले नायक बाबा रामदेव ने भारत की जनता को विदेशो में छुपाये काले धन के विरुद्ध खड़ा किया, वहीँ अन्ना हजारे ने जन लोकपाल बिल के लिए आन्दोलन खड़ा कर सरकार की खटिया खड़ी कर दी. मगर इन सबसे अलग एक महान आत्मा ऐसी भी रही जो भारत में हो रहे आंदोलनों की नीव का पत्थर बनी और एकला चलो के अभियान से कोंग्रेस सरकार के कई बड़े नेताओ,मंत्रियों को जेल पहुचाया. सोनिया गाँधी,राहुल व अन्य कोंगेसी नेताओं को स्वप्न में भी उस महान आत्मा की छवि डराने लगी. आप लोग समझ ही चुके होंगे की मै किसकी बात कर रहा हूँ ,और जो नहीं समझे तो उन्हें बताना आवश्यक है की यहाँ बात हो रही है जनता पार्टी के अध्यक्ष डॉ सुब्रमन्यम स्वामी जी की. सुब्रमन्यम स्वामी जी के कार्यकलापों से ही आज भारत के गृह मंत्री का काला चेहरा पीला पड़ गया है. कांग्रेस का सरकारी दामाद राबर्ट वाड्रा अपने छुपने के लिए बिल की तलाश में जुट गया है. राहुल के चहरे पर उनका खोफ स्पष्ट नजर आता है.
सुब्रमन्यम स्वामी जी के राष्ट्र पति कलाम को लिखे एक पत्र ने ही सोनिया गाँधी का पी एम् बनने का सपना चूर चूर कर दिया था. काले धन की वापसी का मुद्दा हो या अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार का .इन सभी के पीछे स्वामी जी कहीं न कहीं स्पष्ट रूप से खड़े नजर आते है. राहुल गांन्धी के प्रधान मत्री बनने के मुद्दे पर वे मात्र मुस्कराकर यही कहते हैं की मै किसी भी विदेशी को भारत का प्रधान मंत्री नहीं बनने दूंगा.
भारत में सन २०११ को अगर स्वामी वर्ष का नाम दिया जाय तो कोई अतिशोक्ति नहीं होगी.भ्रष्ट केंद्र सरकार की २०११ में जिस साहस के साथ स्वामी जी ने पोल खोली ,प्रत्येक भारतवासी आशा करता है की सन २०१२ में भी वे दुगने उत्साह के साथ वे देश हित के कार्यों में लगे रहेंगे .इश्वर से उनके स्वस्थ की कामना करता हूँ और प्रत्येक भारत वासी से प्रार्थना करता हूँ की स्वामी जी का तन, मन और धन से सहयोग करे और भ्रष्ट सरकार की लुटिया डुबोने में स्वामी जी का साथ दें . इसी के साथ इसवी सन २०१२ की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ आपका अपना नवीन त्यागी