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१४ नवंबर नेहरू के जन्म दिन पर विशेष  हमें नेहरुओं के बारे में कुछ नई सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिसे हम पाठकों को  बताना चाहते हैं। हम आप को सूचित कर चुके हैं कि जवाहर के पितामह यानी दादा का नाम गंगाद्दर कौल था। मुगल राज्य में गंगाद्धर पुलिस अधिकारी  था। वह नहर के किनारे रहता था, इसीलिए इस परिवार ने नेहरू नाम धारण कर लिया। ऐसा बताया जाता है। अब सूचना मिली है कि गंगधर नकली नाम था। जवाहर का पैतृक पितामह वास्तव में मुगलवंशीय था। तब उसने कश्मीरी हिंदू नाम क्यों धारण किया? हमें जो कारण बताए गए हैं, वे निम्नलिखित हैं, 1857 के गदर में अंग्रेज सभी जगह सभी मुगलों को कत्ल कर रहे थे। ताकि भारतीय साम्राज्य का कोई दावेदार न बचे। उस समय हिंदू अंग्रेजों के निशाने पर नहीं थे। जब तक कि, किसी विशेष परिस्थिति में, पिछले संबंधों के कारण, कोई हिंदू मुगलों का पक्ष लेते हुए न पाया जाए। यही कारण था कि मुसलमानों द्वारा हिंदुओं का नाम अपनाए जाने का उस समय चलन हो चुका था। इसी कारण से, मालूम होता है कि, गंगाधर नाम भी किसी मुसलमान ने, अपनी जान बचाने के लिए धारण कर लिया। अपने आत्मचरित्र वर्णन में जवाहरलाल लिखता ह