गुरुवार, 2 अप्रैल 2009

कुरान और गैर मुस्लमान

इस लेख को लिखने से मेरा किसी भी धर्म का विरोध करने का कोई उद्देश्य नही है। अपितु लेख इस्लाम के प्रचार के लि है । कुरान मुसलमानों का मजहबी ग्रन्थ है.मुसलमानों के आलावा इसका ज्ञान गैर मुस्लिमों को भी होना आवश्यक है। .............................................................
मानव एकता और भाईचारे के विपरीत कुरान का मूल तत्व और लक्ष्य इस्लामी एकता व इस्लामी भाईचारा है. गैर मुसलमानों के साथ मित्रता रखना कुरान में मना है. कुरान मुसलमानों को दूसरे धर्मो के विरूद्ध शत्रुता रखने का निर्देश देती है । कुरान के अनुसार जब कभी जिहाद हो ,तब गैर मुस्लिमों को देखते ही मार डालना चाहिए।
कुरान में मुसलमानों को केवल मुसलमानों से मित्रता करने का आदेश है। सुरा ३ की आयत ११८ में लिखा है कि, "अपने (मजहब) के लोगो के अतिरिक्त किन्ही भी लोगो से मित्रता मत करो। "
लगभग यही बात सुरा ३ कि आयत २७ में भी कही गई है, "इमां वाले मुसलमानों को छोड़कर किसी भी काफिर से मित्रता न करे। "
कुरान की लगभग १५० से भी अधिक आयतें मुसलमानों को गैर मुसलमानों के प्रति भड़काती है। सन १९८४ में हिंदू महासभा के दो कार्यकर्ताओं ने कुरान की २४ आयातों का एक पत्रक छपवाया । उस पत्रक को छपवाने पर उनको गिरफ्तार कर लिया गया। परन्तु तुंरत ही कोर्ट ने उनको रिहा कर दिया। कोर्ट ने फ़ैसला दिया,"कुरान मजीद का आदर करते हुए इन आयतों के सूक्ष्म अध्यन से पता चलता है की ये आयते मुसलमानों को गैर मुसलमानों के प्रति द्वेषभावना भड़काती है............."उन्ही आयतों में से कुछ आयतें निम्न है................
सुरा ९ आयत ५ में लिखा है,......."फ़िर जब पवित्र महीने बीत जायें तो मुशरिकों (मूर्ती पूजक) को जहाँ कहीं पाओ कत्ल करो और उन्हें pakdo व घेरो और हर घाट की जगह उनकी ताक में बैठो। यदि वे तोबा करले ,नमाज कायम करे,और जकात दे तो उनका रास्ता छोड़ दो। निसंदेह अल्लाह बड़ा छमाशील और दया करने वाला है। "
इस आयत से साफ पता चलता है की अल्लाह और इश्वर एक नही हो सकते । अल्लाह सिर्फ़ मुसलमानों का है ,गैर मुसलमानों का वह तभी हो सकता है जब की वे मुस्लमान बन जाए। अन्यथा वह सिर्फ़ मुसलमानों को गैर मुसलमानों को मार डालने का आदेश देता है।

सुरा ९ की आयत २३ में लिखा है कि, "हे इमां वालो अपने पिता व भाइयों को अपना मित्र न बनाओ ,यदि वे इमां कि अपेक्षा कुफ्र को पसंद करें ,और तुमसे जो मित्रता का नाता जोडेगा तो ऐसे ही लोग जालिम होंगे। "
इस आयत में नव प्रवेशी मुसलमानों को साफ आदेश है कि,जब कोई व्यक्ति मुस्लमान बने तो वह अपने माता , पिता, भाई सभी से सम्बन्ध समाप्त कर ले। यही कारण है कि जो एक बार मुस्लमान बन जाता है, तब वह अपने परिवार के साथ साथ राष्ट्र से भी कट जाता है।

सुरा ४ की आयत ५६ तो मानवता की क्रूरतम मिशाल पेश करती है ..........."जिन लोगो ने हमारी आयतों से इंकार किया उन्हें हम अग्नि में झोंक देगे। जब उनकी खाले पक जाएँगी ,तो हम उन्हें दूसरी खालों से बदल देंगे ताकि वे यातना का रसा-स्वादन कर लें। निसंदेह अल्लाह ने प्रभुत्वशाली तत्व दर्शाया है।"

सुरा ३२ की आयत २२ में लिखा है "और उनसे बढकर जालिम कोन होगा जिसे उसके रब की आयतों के द्वारा चेताया जाए और फ़िर भी वह उनसे मुँह फेर ले।निश्चय ही ऐसे अप्राधिओं से हमे बदला लेना है। "

सुरा ९ ,आयत १२३ में लिखा है की," हे इमां वालों ,उन काफिरों से लड़ो जो तुम्हारे आस पास है,और चाहिए कि वो तुममे शक्ति पायें।"

सुरा २ कि आयत १९३ ............"उनके विरूद्ध जब तक लड़ते रहो, जब तक मूर्ती पूजा समाप्त न हो जाए और अल्लाह का मजहब(इस्लाम) सब पर हावी न हो जाए. "

सूरा २६ आयत ९४ ..................."तो वे गुमराह (बुत व बुतपरस्त) औन्धे मुँह दोजख (नरक) की आग में डाल दिए जायंगे."

सूरा ९ ,आयत २८ ......................."हे इमां वालों (मुसलमानों) मुशरिक (मूर्ती पूजक) नापाक है। "

गैर मुसलमानों को समाप्त करने के बाद उनकी संपत्ति ,उनकी औरतों ,उनके बच्चों का क्या किया जाए ? उसके बारे में कुरान ,मुसलमानों को उसे अल्लाह का उपहार समझ कर उसका भोग करना चाहिए।

सूरा ४८ ,आयत २० में कहा गया है ,....."यह लूट अल्लाह ने दी है। "

सूरा ८, आयत ६९..........."उन अच्छी चीजो का जिन्हें तुमने युद्ध करके प्राप्त किया है,पूरा भोग करो। "

सूरा १४ ,आयत १३ ............"हम मूर्ती पूजकों को नष्ट कर देंगे और तुम्हे उनके मकानों और जमीनों पर रहने देंगे।"

मुसलमानों के लिए गैर मुस्लिमो के मकान व संपत्ति ही हलाल नही है, अपितु उनकी स्त्रिओं का भोग करने की भी पूरी इजाजत दी गई है।

सूरा ४ ,आयत २४.............."विवाहित औरतों के साथ विवाह हराम है , परन्तु युद्ध में माले-गनीमत के रूप में प्राप्त की गई औरतें तो तुम्हारी गुलाम है ,उनके साथ विवाह करना जायज है। "


अल्बुखारी की हदीस जिल्द ४ सफा ८८ में मोहम्मद ने स्वं कहा है, "मेरा गुजर लूट पर होता है । "

अल्बुखारी की हदीस जिल्द १ सफा १९९ में मोहम्मद कहता है ,."लूट मेरे लिए हलाल कर दी गई है ,मुझसे पहले पेगम्बरों के लिए यह हलाल नही थी। "

इस्लाम का सबसे महत्वपूर्ण मिशन पूरे विश्व को दारुल इस्लाम बनाना है। कुरान, हदीस, हिदाया, सीरतुन्नबी इस्लाम के बुनयादी ग्रन्थ है.इन सभी ग्रंथों में मुसलमानों को दूसरे धर्म वालो के साथ क्रूरतम बर्ताव करके उनके सामने सिर्फ़ इस्लाम स्वीकार करना अथवा म्रत्यु दो ही विचार रखने होते है। इस्लाम में लूट प्रसाद के रूप में वितरण की जाती है..........................लेख जारी है।

612 टिप्‍पणियां:

  1. tabhi to all muslims r terrorist or indirectly they support terrorism

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  2. kuran ki agar yahi sachchai hay tomadarse to aatankvad ke karkhaane hai jhan kuran ki shikxa di jati hai.

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  3. quran main kya likha hai yah dekhne ke liye quranhindi.com par dekhe. aur apni akal lagaye kahi suni baton par na jaye

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  4. rashmig aapka gyan kue ke mandak ke jaisa hai.maine kuran ko va hadeeson ko kai kai baar padha hai.aur pichle 6 varshon se islaam par hi addhayan kar raha hoon .apni mail id bheje aapko bhi kafi samagri bhej sakta hoon.

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  5. rashmi quran ki jo aayte mene udharan ke roop me di hai,quranhindi.com me unhe padkar dekho.sirf quran ko dekhne se uske baare me pata nahi chalta.uska addhyan bhi karna padta hai.

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  6. पहले xकुरानx (कुरआन) को ठीक से लिखना सीख लो उसके बाद कुरआन का अध्ययन करना.........इन आयतों से पहले की आयते भी कोट करते तो टिप्पणीयों मे ही आपको जवाब मिल जाता

    या फिर अगर सिर्फ़ गौर से ही पढ लेते तो ये लेख लिखते ही नही...कुरआन में नाज़िल हुई आयत अलग हालात और वक्त में नाज़िल हुई है.....कुरआन की आयतें अल्लाह का हुक्म है जो मोह्म्मद साहब पर नाज़िल हुंई जब उनको उनकी ज़रुरत थी

    इस्लाम और कु्रआन को अच्छे से जानें यहां

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  7. kashif ji mujhe mat bataao ki kuran me kis samay kya najil hua.ab ek lekh likhkar ye bhi bataaunga ki kuran ki soft aayte kab aur kis halat me likkhi gayi.

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  8. मुस्लिम्स को कुरान नहीं पढ़नी चाहिए ,क्योकि ये किताब आदमी को जानवर (आतकवादी ) बना देती है |नवीन जी आप का लेख अच्छा है ,|तभी संसार मैं इतने आतंकवादी हो गए हैं क्योकि वो कुरान के अनुसार चलते हैं |

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  9. bhaiya tygigi ap ke likhe huwe jo galat alfaj hai.ye apki nadani hai kyo ke kuran ko apne thik se samjha hi nhi.jaise "NIM HAKIM KHATRJAN" waisee thumhari halat hai .kuran asmani kitab hai.ye us samai ke halat ke waqt likhi gai hai lagta hai apne thik se kuran ko samjha nahi.islam koi atankwadi nahi hai. atank ka koi dharam nahi hota.apko islam janne ki jaroorat hai kisi maulana ke pas jakar islam ki jankari lo.tyagi ji.apka bhala hoga.

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  10. mera naam mo.khalil hai me tum se kuch sawal karta hu agar tum jawa de do to me manu ga ke tu इतिहास का विद्यार्थी hai
    or agar tu jawab nahi denga to me manuga ke pahele apna इतिहास ke bare me logo ko bataye fhir dosro ke tum jaise logo ki wajese atnkwaad paida hota hai.
    jo majhab me dosro ke devi devta ke bare me ek (ayat) me bhi kuch kaha nahi wo itna sub kaise kuraan me likh sakte hai mere bai kuraan ki padane keliye (15 se 25 )saal lag jate hai wo tune kuch saal padai kar ke khol dala jawab nahi tera .chal ab mere sawalo ka jawab de
    agar tere paas nahi hai to me dedonga me bhi
    इतिहास का विद्यार्थी hu par tare jaisa nahi (khalilqureshi@rocketmail.com)
    (1)sab se pahele ye batau hindu dharm ke kitne bhagwan hai sub ke nam kya hai kaha payda huve kaha mare gaye ?
    (2)sankar bhagwan ke mandir ke samne jo bail(hela) baitha hai wo kyu baitha hai?
    (3)prachin mandero me jo shiv ling hai us ka matlab kaya hai or wo kaha se aya hai?
    (4)ye zameen asman kis ne banaye?
    (5)sankar bhagwan ko jab ek ladke se pyar howa to to wo ladki ban kar os ladke ke paas kyu gaya wo to bhagwan tha fhir bhi us ke paas gaya
    us ko jado se apne paas kyu nahi bulaya
    .mera mo.no.9595941003.kk

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  11. jo bhi hai usme fer badal to kr nhi skte..agar hume khe ki muslman kuran change kr le to wo nhi krege agar muslman khe ki sare hindu muslman ho jaye to a bhi mumkin nhi hai.....hum phle ak acche aur sacche insan bne...agar hum isme kamyab ho gye to...har hindu aur muslman apne aap accha aur saccha ho jayega....dharm to anadi kal se chala a rha hai ise koi khatam nhi kr skta...hum aapne apne dharm ko puri nistha se pale osi me sansar ka kalyan hai....

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  12. dekhiye mai aap sabhi se request karta hu ki kabhi bhi kisi dharam ki buraai nahi karni chahiye. jo bhi insaan jis dharam me vishwaas rakhta hai usko wahi se shakti milti hai. koi bhi insaan jab paida hota hai to usko nahi pata hota ki wo hindu hai ya muslim hai ya kisi bhi dharam ka, dharam kisi insaan ka uske paida hone ke baad decide kiya jaata hai. agar aap kisi pathar me vishwaas karenge to aapko bhagwaan ya allah mil jayenge. dharam ki ladaai to politicians ke liye hai apna vote bank increase karne ke liye, jaisa ki angrez kehte the DIVIDE AND RULE.

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  13. राजीव जी दुसरे मजहब के बारे में गलत कहना गलत है लेकिन किसी मजहब के बारे में सही लिखना गलत नहीं है |आज ये दुनिया मुस्लिम्स से परेशान है |
    1876- Afghanistan
    1904- Nepal
    1914- Tibet
    1937- Myanmar
    1947- Bangladesh
    1947- Pakistan
    ......और जब जब हिन्दु घटा है तब तब ही देश बटाँ है ।
    इस पूरे संसार में केवल भारत के कुछ मुसलमानों को छोड़ कर कोई भी मुसलमान किसी और मजहब और धर्म को मान्यता नहीं देता |इसके एक नहीं अनेक उद्धरण हैं जैसे अरब की तरफ जितने भी मुस्लिम देश हैं, सब वहां के राजदूत के लिए भी किसी मुस्लिम्स का होने को बाध्य करते हैं |वो भारत सरकार को भी मुस्लिम राजदूत का होने को बाध्य करते हैं |
    वहां पर वो किसी और मजहब के लोगों को नागरिकता नहीं देते |अगर कोई दुसरे मजहब के लोग वहां जाते हैं तो वो अपने मजहब से सम्बंधित कोई पुस्तक या कोई मूर्ति नहीं ले जा सकते |पाकिस्तान व् बंगलादेश के मुसलमानों ने अपने पूर्वजों को भारत न बताकर अपने को अरब के मुसलमानों से जोड़ कर देखा ,इसलिए वहां भी पाकिस्तान में २०% से १% व् बंगलादेश में ३२% से ५ % दुसरे मजहब और धर्म के लोग बचे हैं |यही कश्मीर में हुआ वो पाकिस्तान के पिछलग्गू बन कर रहे तो उन्होंने भी दुसरे मजहब और धर्म के लोगों को वहां से भगा दिया |इससे स्पष्ट है की मुस्लिम्स की ये सभ्यता है |

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  14. खलील बेटा पहले तो तुम अपनी अम्मी से जाकर तमीज सीख|
    हिंदुत्वा को जानने के लिए दिमाक की आवस्यकता होती है वो मुल्लो में होता है, ऐसा नहीं लगता ,वरना वो आतंकवादी ही क्यों बनेगा |
    पूरा ब्रह्माण्ड परमात्मा का ही काया (शरीर) है ,ब्रह्माण्ड का जो भी स्वरूप है वही ब्रह्म का रूप या शरीर है । वह अनादि है, अनन्त है । जैसे प्राण का शरीर में निवास है वैसे ही ब्रह्म का अपने शरीर या ब्रह्माण्ड में निवास है । इसलिए हम प्रकृति की पूजा करते हैं |
    उसी ब्रह्म के
    जिस रूप में वह कल्याण करने वाला है उसका नाम शिव है ।


    'शिव' परमात्मा के कल्याणकारी स्वरूप का नाम है और 'लिंग' का अर्थ 'प्रतीक' होता है. जो मार्ग, नियम, व्यवहार, आचरण और विचार हमें नीचता से विरत कर उच्चता की ओर ले जायें वही कल्याणकर हो सकते हैं. ऊँचाई की ओर जाता गोल स्तम्भ समतावादी एवं कल्याणकर उच्च विचारों को प्रवाहित करने वाला है|
    मुझे नहीं लगता तुझे ये बात समझ आएगी |

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  15. there is not much difference between monotheism and polytheism. It is our perception of the things that divides one entity into several entities. To understand the things very clearly, let us take an example. We know that the earth, the planet on which we live, is one. We adore it when we say, ‘Victory to Mother Earth’. An astronaut looking at the earth from space has an overwhelming experience because he sees no borders that divide the earth into countries. The beauty of the earth without borders supports the Hindu thought that the earth is a family (Vasudhaiva kutumbakam). But we also know that due to political, economic, social and other reasons the earth is divided into several countries. If we belong to India we say, ‘Victory to Mother India’. Thus it is our outlook that divides one into many. One may compose a song in praise of the earth and another song in the praise of one’s own country. Similarly Vedic hymns not only adore one God Supreme but also praise or adore the sun, the moon the earth etc. being part of the body of Brahma(God Supreme) or Nature. While studying geography we divide the earth into seas and oceans, provinces and countries, hills and planes, fertile lands and deserts, equator and poles, soils and waters; so Vedas divide the nature (the body of Brahma) into fire, water, air, earth, and other describable aspects and praise them. If a poet wants to describe the beauty of a damsel he describes her pretty eyes, ears, lips, mouth, nose and cheeks. He looks minutely at her bulging breasts and hips, her tender hands and feet, her slender waist, her sweet tongue and melodious voice. In the same way description of material form of God Supreme is impossible if we ignore Nature. Nirgun Brahma is beyond description. So Vedic hymns, if they describe or praise various forms or qualities of the Nature, cannot be quoted in support of the argument that Vedas believe in polytheism. Vedic seers give various names to one God Supreme such as Indra, Mitra, Varuna,shiv,visnu, Agni or Yama but one Vedic hymn itself explains very clearly that these names refer to one God Supreme.

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  16. mera naam rahul he mere blog par hindi hindu hindustan bhot baten hen....idhar laga lo aur Sarita-Mukta mition ko shakti do..

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  17. islam me nasha kerna mana hai kyon ki aadmi nashe me galat kaam kerta hai
    aor galat kaam kerna mana hai isliye nasha kerna mana hai
    to mere dosto sabse bada galat kaam hai kisi begunaah ki jaan lena
    aab ek bachhe ne hindu ya yahudi ke ghar paida hoke koin sa gunah ker diya hai
    ki use maar dena chahiye
    mere muslim bhaiyon sabse bada dharm insaniyat hai

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  18. Mara name zakir hi yani iswer ko yaad krny wala aap sabhi ki ray pdhi lakin bda dukh hua ku ki aap sayad janty nhi hum ko jis bat ka pta na ho or hum us per bhse kry to hum sabhi pagal hai islam ka mtlab hai sirf 1 per visvas krna ku ki ager hum us iswer ky siwa jisny sari bhrmmand bnaya or kisi ki pooja kry to yhi to uski sraser tohin hai or wo aapni tohin kya brdast kry jab ki aap or hum jara sa kam kr jada wawahi lut na chaty hai

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  19. जाकिर भाई अगर आप कहते , कि इस्लाम का मतलब है कि एक पर विशवास करना तो कमसे कम आपको काफ़िर घोषित किया जायेगा (इस्लाम के अनुसार). क्यों कि आपको इस्लाम के अनुसार इश्वर की प्राप्ति दलाल (पैगम्बर मोहम्मद) पर ईमान लाये बगैर नहीं हो सकती.

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  20. naveen tyagi agar aap ne poori quran padi hoti aur uska theek theek matalb samjha hota to ab tak aap "Muslmaan" ho gaye hotey....aur ha aap ko bhout maza aata hai na doosro ke mazhab ka mazaak bananey me,,,le lo jitney mazey le sako, tum jaisey logo ki liye hi dozak bani hai....kyunki tumharey liye yahi duniya sab kuch hai na....!!!!

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  21. @syed alam
    तुम मुसलमान बन गए होते ???????

    ये सोच ही तुम लोगों को आतंकवादी बनाती है |

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  22. gulaam mr tyagi sansar ke har dharam ek hi ishwar ya allah ki ibadat ki siksha deta hai agar chhote bacche se bhi puchha jaye ki tera rabb kaun hai to uski haat upar malik ke or ishara karti hai agr aap sansar ki saari dharam ki kitabon ko check karoge to kuraan ko sabse behtar paoge.main aapse puchoo ki aapke baap kitne hai to aapko gussa aaiga kyoki aapko khud nahin malum ki aapko kisko pujne ka hai.kaun hai aapka asli eeshwar .aage tumahare liye tumahar din aur hamare liye hamara deen .salamti ho us par jo hidayat ki pairvi kare.

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  23. rashmi bilkul sahi kah rahi hai
    aap swayam kuraan padhe fir kuch kahe

    ye tyagi ji ke pass koi kaam nahi hai
    uper wala ek hai
    aor insaan do hain
    1-achhe insaan
    2-bure insaan

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  24. @himanshu will be

    the persons like u were resposible to make slave india

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  25. Mera Naam Nadeem Hai. Mai Nitin se Itna hi Kahunga ke aap apna granth Ved padhe. uske baad ye decide kare ki kya sahi hai aur kya galat hai.

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  26. NO MY DEAR I TOLD U ALL HUMAN BINGS PLSSSSSSSS, JA TAK KISIBHI DHARM KI MLUMAT NA HO TB TAK NA LIKHE....., WO HI SABKE HAQ ME BEHTAR HAI, KOI BI DHARMHAMAI SOCH SE BADA HAI. AR SABKA MARTBA BHI HAI.

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  27. tyagi apni ved padh tumhe hujoor mohmmad sallahoaliwasallam k bare me pta chalega jinka jikr tumhare ved me hai or ye v jaan le islam manjil hai bina islam jannat nhi or jankari chahiye to sankracharya dharmendra ji se mil sahi jankari ho jayegi thumhe

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  28. उठो भाई जागो

    ओ भारत के वीर जवानों ,
    माँ का क़र्ज़ चुका देना ,
    कटे फटे इस मानचित्र को
    अबकी ठीक बना देना !!
    पटना साहीब से मीलने को
    ननकाना बैचेन खड़ा ,
    अबकी तिरंगा रावलपिंडी में
    घुस कर तुम फहरा देना !!
    अटक कटक से सिन्धु नदी तक
    सब कुछ हमको प्यारा है ,
    कश्मीर मत मांगो कह दो
    पाकिस्तान हमारा है !!
    जो उपवन से घात करे
    वो शाख तोड़ दी जायेगी ,
    जो पीछे से वार करे
    वो बांह मोड़ दी जायेगी ,
    जो कुटुंब का नाश करे
    वो गर्दन तोड़ दी जायेगी,
    मेरे देश पे उठती
    हर एक आँख फोड़ दी जायेगी ,
    जो देश द्रोह की बात करे
    वो मनुष्य हत्यारा है ,
    कश्मीर मत मांगों
    कह दो पाकिस्तान हमारा है !!
    बन्दे- मातरं
    जय हिन्द - जय भारत

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  29. Mr Tyagi Antim Avtar kali Kamli Wali ke bare me Tameej Se Bolna Chahiye Kalangi Avtar to Sabke hai wohi duniya ko sahi rasta Dikhane wale hai , Lekin jise kala chasham lagane wale ko sabhi or kala hi nazar aata hai vese hi tumhe kuran me buraiya hi dikhai deti hai meri aap se vinity hai ak bar chashma utar kar deko tumhari duniya hi badal jayegi ,

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  30. Mr. Taygi burai ka chasama laga ker vedo , Bibil ,Ramayan , Mahabharat, Torat, guru gurugranth shahib kisi ko bhi pado ko pado tumhe un me bhi burahiya hi nazar aayegi isleye apni soch ko sahi karo or sasti Publicity ka moh tyago . Aaj ka har hindostani bahut samajhdar hai is terah ki bakwas se unhai koi fark padanewala nahi hai
    or islam duniya ka sabase jyada badane wala dharm aise hi nahi hai

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  31. mr tyagiji apne aapke ek jawab me mhd. ka ullekh dalal kiya hai kya is hisab se bhagwan ki gatha batane wale saare sant bhi dalal hai?

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  32. Bhaiya "RAM-RAM" . apko dhanywad apka chote bhai Lalit Solanki & Rahul Pandey apse sahmat hai. Swamsewak

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  33. kisi dharam ki kitab ka galat matlab nikalna or us ke aadhar par nafarat felana insaniyat nhain hai ap je se logon ko smjhana namumkin hai mai bhagvanse khuda se ye duaa krta hun ki aap logon ko vo nek or muhbat ke rste pr chalae mohmmad sahab ka irshad[farmana ] hai ki kisi bhi mzhab ko bur mat kho

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  34. quraan ki jistrha vakhya ki gai hai vo galat hai sahi bat malum karni hai to bazaron me hindi lipi me quran milta hai padhe ro samjhe quran me murti puja man hai or agar koi pujna chahe to puje kis ko etraz hai sab aapne aapne dharam or mzhab par chalen magar ek dusare ki astapar kichad to n uchalo

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  35. Upar jo kuch bhi kaha ya likha gaya hai sayad wo sach ho. koi ki mai ne kuran padi nahi hai. Magar itna kahna chahunga ki har kisi dharm ki apni kuch nitiya aur niyam hai kuch halat ko dekhkar banaye jate hai aur kuch insanoo ko dekh kar. Magar Aaj hum sabhi ko jarurat hai apas mai bhai chare se rahne ki kyo ki jab app is duniya se jayege to app kisi cheez ko sath nahi le jayege. Kyo ki aaj tak kisi ne bhi nahi dekha hai ki koi Swarg ( jannat) ya Nark ( dozakh) mai jata hai ye to sab hamari astha par kendrit hai. Har kisi ko haq hai ki woh apne dharm aur karm ko puje kyo ki kuch to hai jo hame is duniya aur is mukam tak le kar aaya hai.

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  36. mujhe to malum hi nahi tha ki kuran me ye sab likha hai tabhi to ye musalman mannushya hokar bhi janwar ki tarah behave karte hai.mujhe aayate padh ke bahut bara brain me sort laga hai.tabhi to bangladesh aur pakistan me jo hua aur ho raha hai wo kuran ka hi natija hai aisa dharma granth aur iske anusar chalne wale logo ke sath kya karna chahiye wo mai sochne par majbur ho gaya hu aur ye sabhi hidu samaj ko sochna chahiye.aur sabhi hindu ko ek jut ho kar hidustan se sabhi muslim ko mar bhagana chahiye so mai isi kam pe study kar bhi raha hu aur jald result nikalne wala hai.

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  37. i think navin tyagi is tottaly mad person. i think tumne quran nahi or kuchh padha hoga. pehle to quran me kahi bhi marna esa nahi likha he, or jo tum ne likha he vo tottaly islam ke virrudh likha he, agar tumhe sahi quran padhna he to me tumhe padhaunga, badmee tum muslim dharm me aa jaoge insallah. agar tumhe jayada jaanna ho quran ke bare me ya islam ke bare me to muje email karo:yasin21.smart@yahoo.co.in.
    or ye bevakufi ka lekh likh ke islam ko badnam mat karo. nahi ye meri baddua he ki tu kuchh hi time me barbad ho jayega. bhikh bhi nahi mang sakga.

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  38. or tum kya bhagaoge, hinustan ki aazadi me jo musalman ne jo balidan diya he vo tum khaddi gaand vale kya jane.
    or bhagane ki baat dur rahi, tu aapni maa ke pet se nikal nahi paaya tha, tuje uper wale ne nikala tha or tum hame nikal ne ki baat karte ho.
    salo tum jese log muslim or hindu dharm ko badnaam karte ho. salo holi, ganpati ,navratri me tehvaar ka bahata kar ke bhabhi or ladki yo ke boobs dabate ho, or gaaand marte ho.
    itna yaad rakho muslim ka khun garam karoge to tum jeso ke liye ghar se bahar nikal na muskil ho jayega.
    or jyada baat karne ka tumhari gaand me dum he to muje mail karo. me tumhe baataunga
    yasin21.smart@yahoo.co.in

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  39. NAMASKAAR MAIN KEWAL ITANA KAHANA CHAHTA HOON
    KI MAINE KURAN TO NAHI PADHI PAR HAAN CHARON VED AUR PURAAN AWASHYA PADHE HAIN AUR USAME YE BAAT SIDHHA HOTI HAI KI SABSE PAHALE SATYA SANATAN DHARM BANA FIR KALYUG KE SHURUAAT ME BOUDH DHARM FIR JAIN AUR SABSE BAAD ME ISLAAM BANA WO BHI PAIGAMBER SAHAB NE 700 AC ME BNAYA ARTHAT MATRA 1300 VARSH PAHALE AUR SABSE PAHALE SATYA SANATAN DHARM BANA AUR KALIYUG KE ANT ME BHI KEWAL YAHI DHARM BACHA RAH JAEGA BAKI SBHI DHARM NAST HO JAYENGE AUR PAKISTAN, AFGANISTAAN ME TO ISAKI SHURUAAT HO BHI CHUKI HAI WO AAPAS ME HI LAD MAR RAHE HAIN

    RAHI BAAT HINDUON KI TO HAMARE PURVAJ PASHU RAAM JI NE 21 BAAR DHARTI KO CHATRIY VIHIN KAR DIYA THA HUM WO HI BRAHMAN HAIN AUR HUM AGAR SHATRA AUR SHASHTRA PADHA SAKETEN HAIN TO CHALATE AUR BHI ACHHE SE HAIN ISLIYE BHAIYON PREM SE RAHO YE SHARIR HI NAHI APITY SAMPOORN BRAHMAND BHI NASHWAR HAI TO IS NASHWAR SHARIR KE LIYE VYARTH KALAH KAR KE APANA YE LOK AUR PARLOK KYON BIGADTE HO

    AUR JAISA HAMMARE MUSLIMO NE LIKHA KI HAMMARE KITANE BAAP HAIN TO SUNO HINDUON KE PRATYACH 33 KAROR AUR APRATYACH MATRA EK JAGAT GURU SHREE VISHNU JI HAI

    AUR 33 KAROR BHI ISLIYE KAHA RAHAA HOON KYONKI YE BHI BHAGWAAN VISHNU KE SHARIR SE NAIKLE HUYE HAI

    JAYDE JANKAARI AGAR KISI KO CHAHIYE HO MUJHSE SAMPRK KARE

    PT. SHASHTRI DEEPAKACHARYA MISHRA
    MOB. NO. +919893093361
    YA EMAIL KAREN
    deepakmishra87@rediffmai.com

    BHAIYON AGAR EK BAAR AAP SANATAN DHARM KI MAHIMA PADHO NAHI BAS SUN BHAR LOGE TO SARA KALAH DWESH AUR LOBH KAM SAB KATM HO JAYEGA

    HAMMARE EK BAHI NE BADI ASHISHTATA KA PRICHAY DETE HUE EK LEKH LIKHA KI HINDU LOG TYOHHAR KE BAHANE ASHLILATA KARATE HAIN

    TO AISE KAMI PURSHON KI GATIVIDHIYAN SVAYAM PARMATMA DEKH RAHA HAI AUR UNKO USAKA DAND MILANA TAY HAI

    PARANTU AAP LOG BHI YE JAANTE HONE KI MUSLIM SHASHAKON NE KIS PRAKAR YAHAAN HINDU PAR PUJA KARANE PAR TAX LAGA DIYA
    MANDIR TUDWA DIYE AUR HAMAARE GRANTHON KO JALA DIYE KYA YR SAHI HAI

    YE MUJHE JAROOR BATAYIY

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  40. jii aapne bohat achha reply diya he, i m impressed but navin bhai ne jo likhe kya vo sahi he? quran or aatankvadi ke bare me.
    ye sab america or politics ki chaal he. agar america ka satya janna chahte ho to google/youtube par dekhiye.
    hum india wale laden ko dusman maante he lekin laaden ne kya bigada he, uski dusmani to sirf america se he.aapne nahi dekha ke america ne kya julam kiye.aaj america dhul chat raha he. world e sabse bad economy he to america ki.
    aapne achhi commenet ki he. or hamare quran me likha he ki kisiko bhi maro mat.agar aap achhe muslim se mile hote to aap islam ki tarif karte.. or muslim ko badnaam karne me media/movies ka bada haath he.filmo me villan ke role me vo muslim hi rakhte he esa kyou?
    me kisi bhi dharm ka virodh nahi karta hu or na karunga. aap ek baar quran padh lijiye aapko pata chal jjaayega.
    ok,byee
    or islam me dakhil hone ki dawat deta hu.
    ok, byee

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  41. deepakacharya mishra (shastri ji)18 सितंबर 2010 को 11:25 pm

    yasin ji

    maine aapake lekh ka addhyan kiya

    aur main bhi hinsa ke sada sarvada viruddh hoon

    parantu main chama chahta hoon aapne likha ki main aapke dharm ka granth padhun
    to ye main nahi kar sakata hamara dharm yah kahata hai ki prani matra arthat sabhi praniyn se prem karo isliye main sansar ke sabhi praniyon me parmeshwar ka roop dekhta hoon

    aur rahi baat islam ko padhne ki to parmeshwar ki janha lila na ho jo sanatan dharm ko na batata ho usako padhana sanatan dharm ka apamaan hai

    aur maine jo poocha tha usaka uttar to kisine ne ne nahi diya aapke mhd.sahab ne hi is dharm ki sthapana ki thi aur unaka janm to
    matra 1400 saal pahale hi hua tha na
    wahin hamara dharm to kai karor saal pahale se hai
    aur isake pramaan bhi mil chuke hai

    aur bahi man ek baat aur poochana chahta hoon ki aap logon ne ayodhya mandir par kyon vivad khada kiya hai jab ki aap sab jaante hain ki wahan ram mandir kam se kam babar ke aane se pahale hi tha aur baabar bharat me 1500 ac me aya tha
    tatha hamare raam lala ka mandir to tretayug se wahaan par hai isake bhi pramaan bhi mil chuke hain
    ham aapka virodh nahi karte parantu apane dharm ka apane bhagwaan ka apamaan bhi nahi sah sakate

    agar maine bhawanaon me kuch galat kah diya ho to main sabhi logon se chama ki prarthna karta hoon

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  42. mera naam sameer hai pahele main aap sab ko ye bata dena chahata hun ki jo koi duniya main logo ko katal karta hai wo musalman nahi ho sakta hai.chahe woh paanch waqt ki namaz ka paband kyun na ho.allah tala ne to us dushman ko bhi maaf farma diya tha jis ne "huzur s a w " ke sahaba ka kaleja nikal kar chaba tha nitin tyaagi ji agar aisa farman hota to aaj jitna bhi muslim aur maulvi hai sab talwar aur banduk le kar sabhi gair muslimo ka safaya kar dete . allaha tala ka farman hai jang tabhi ki jani chahiye jab dushman khud pahel kare aur agar maidane jang main bhi dushman aman chahata hai to wapis laut jao.
    nitin tyagi ji jakar firse quran ka matlab samajh kar ao.

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  43. tyagi jiiiiiiiiii aapke jankari ke liye main aap ko batado ki aaj diniya main sab se zyada badne wala mazhab islam hai chahe woh america ho ya phir yurop ya china .kabhi aap ne suna hai koi muslim ne hindu mazhab kabul kiya hai aaj har taraf log islam kabul kar rahe hai aur allaha tala ka farman hai ki duniya khatam
    hone se pahele puri duniya main islam rahega

    naveen tyagi tu bilkul pagal hai tere main dam hai to hindustan se musalmano ko nikal ke bata ye tere ko challeng hai hisdustan ko azaad karana main jitna musalmano ne sab se zyada kurbaniya di hai.dekte hai tere main kitna dum hai all the best and good luck.

    aur deepak ji aap ayudhya ki baat kar rahe hai zara mujhe ye batana ki kaunse news paper main ya news channel par bataya hai ki masjid ki jagaha par ram mandir ke sabut mile hai main aap ko bata dena chahata hun ki kuch din pahele masjid main ek jamat ayee huyee thi us jamat main ek aadmi woh tha jis ne babri masjid ko giraya tha aaj woh khud muslim ban gaya hai aisa kyun jawab zarur dena.

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  44. yaasin ke liye sab se pahle mai tumhe batana chahunga manusya aur janwar me antar.seience ke anusar sarvasrestha prani manusya ko hi mante hai.kyonki manusya janwar ki tarah behave nahi karta agar kare to use janwar tulya hi mana jya.janwar to banawat me lagte hi janwar tarah aur usme maryada nam ki chij bhi nahi hota jaise aapas me hi sambandh asthait karna janwar banata hai lekin wo to janwar hai wo kuchh bhikar sakta hai.par manusya koto yaisa nahi karna chahiye...bahut aise dharma hai jo maryada par chalne ko kahta hai par ek dharma aisa bhi jo janwar jaise raste par chalne ko prerit karte hai aur chalte bhi hai ex-bai bahan ke sath,bap beti ke sath,son mother ke sath...........etc. smbandh asthapit kar sakta hai yani sare blode relation me.sayad tum isi dharma se taalukkat rakhte ho tumhe mujhe kuchh kahne se pahle apna sochna chahiye ki tum kya karte ho. jaha tak ajadi me balidan dene ka sawal uthaya hai tum kya balidan diye ho ye tum bhi jante ho aur mai bhi aur abhi kya kar rahe ho iss desh me rahke ye sab jante hai. jaha tak hindustan se tumhe bhagane ka sawal hai wo to sahi hi hai kyon ki tum aajadi me to kuchh kiya nahi aur pak,bang,jaisa bara land harap chuke ho aur usse bhi pahle afg,irak iran,barma .....etc.ab aur harapne ki kosis me lage ho mujhe tolagta hai ki tumlogo ko sarma nam ki chij hi nai hai agar rahata to yaha se bhagwane ki aasa nahi karte apneaap chale jaate. aur jaha tak khun garma hone ka sawal hai agar 82%hindu ka khun garma ho jayega to tum kya kar sakoge kyoki border to bijli taar se bandha hua hai kahan jaoge iske bare me bhi socha karo.

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  45. rassmiji aapne jo kuran ke bare me janne ko kaha hai pahle mai aapka pura naam janna chahunga kya bata sakti hai ki aap kiss dharma se related hai.

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  46. q navin ji apni okat pe aa gaye, sameer ji ne jo kaha vo tunhari gaand me laga.
    sameer yaad rakhna jindagi me do logo se na bhidna 1. jise kuchh khabar na ho.
    2. jo murkh ho.
    usme tumhara hi time kharab hoga,
    or tyagi aap muslim ke bare me keh rahe.
    aaj world me muslim jyada he. or europ or america me dekha jyada log muslim ho rahe he.
    aap to jaante he vaha muslim ke khilaf kya hota he fir bhi allah tala ne vahi se dharm felaya.
    or aap hindu dharm ka esa koi sthan he jaha sab hindu log mil sakte ho.
    me kehta hu nahi he. lekin dekho muslim me makka or madinah ye do jagae esi he jaha world ke sab muslim mil rahe he.
    or din bar din muslim badhte jayenge.
    or jyada janna ho to youtupe convert into islam ke sab video dekhna.
    qayamat aane se pehle aap bhi musalmaan ban jao. varna maout ke baad bohat pachhtaoge.
    or dekhna ek din sab jaga musalmaan jyada honge.
    2001 se leke aaj tak kayi aafate aayi he jese ke ketrina,earth qua. or kayi qudrati honarat huyi he waha jyadatar ger-muslim hi mare he.
    or tum he batao tumhara dharm sachha he to kya bhagwan 1 se jyada ho sakte he.
    aaj tak suuna he ki compny ke do boss he. to fir bhagawan kese do huve.
    or jo babri masjid ke baare me keh rahe ho vo tune kaha se padha he.tumhari ramayan or geeta me harrooj changes aate rehte he. aaj tak suna he ki quran me chahges huva he? or sun lo agar koi karna bhi chahega to nahi kar sakega q ki world me abaj logo ke diil me quran utar gaya he.
    haa agar tumhe komi vivad jarna ho to me bhi kar sakta hu. lekin mere paass itna time nahi he ke me tumhare faltu sawalo ka jawab du. ha agar esa vesa likhoge to repky jam ke milega.

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  47. haa or mere saath jyada baat karni ho to quran badh ke aao . fir hum baat karege ke tum kese sabit kar sakte ho ki ye sab juth he.agar nahi padhna chahte ho to me samjuga ke tumme padhne ki himmat nahi he, tum ye janna hi nahi cahte ho ke hindu ke siva koi dharm he. aap ramayan bhoi padho or quran bhi padho fir hum baat karenge. kayi ese mudde he jispe hum charch kar sakte ho. lekin tumhara 1 side knowledgew k sath me behes nahi kar sakta .

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  48. aap jo bhi hain mr. benaami ji aap sabse pahale to apane naam ke sath post kijiye nahi to aaj ke bad koi comment mat karana aur rahi baat convert hone ki to suno ye baat aaj to post kar di aaj ke baad jab tak bharatvarsh ki bhoomi me ho tab tak aisa sochana bhi mat. thik hai na

    aur tum kya kah rahe ho aaj bharat me 70% se bhi jyada islam convert hain wo ya unake purvaj pahale hindu hi the

    aur rahi baat ek sath milane ki to suno hum log na to sajish karte hin na kisi se darate hain jo particular kisi place pe jake milen are ye sara vishwa hamaara hai hum kahin bhi mil sakaten hain
    aur jab tum makka me milane jate ho to kon baar baar aane jane ka kast karate ho wahin rah jao na.

    aur ek baat batao yaar bhai plz bura mat maanna
    ki duniya ke sare atankwadi sanghatan, aur aatankwadi islam se hi kyon related hai.??????????

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  49. beta sameer tumne jo maine likha tha usaka ans to diya hi nahi ki babar hindustaan aya kab tha???????????

    agali baar likana to puri baat nahi to likhana hi mat samjhe na

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  50. beta benami apna naam batakar samne ao.babar hindustan main actober 1513 main aya tha.

    beta deepak sun tum baat kar rahe ho 70% ki main to bolta hun ki india main to 100% canvert muslim hai.allaha tala ka shukr hai ki hamare purvajo ne islam kabool kar liya.
    aur tum baat karte ho sajish karne ki to main tum ko wo logo ki list deta hun jo hindu se muslim huye hai tum khud hi unse puch lena ki makke main kya sajish hoti hai thik hai

    benaami ji hamara kaam tha islam ki dawat dena so hum ne kar diya.

    deepak mishra ji tum muslim atankwad ki baat karte ho to zra niche ki list par nazar daudana.
    1. 18 feb 2007 samjauta exp main bum dhamaka
    kiya gaya 68 log mare gaye lashkar tayyeba ka naam aya lekin pata chala ki is hadse main r s s ke parcharak sanddeep dange aur ramji ka hath hai.
    2.18 may 2007 ko makka masjid main bum dhamaka hua 14 log mare gaye 80 musalman ki dhad pakad huyi 25 musalman giraftar 2010 main c b i ne r s s ke sandeep dange ramchandra aur loke bharma zimmedar tharaya.
    3.11 oct 2007 ko ajmer sharif mazar ke karib
    dhamaka hua jiske liye singh pariwar ke devender gupta aur chander shekhar vishnu zimmedar paye gaye. itna kafi hai ya aur lambi list du aur tum baat karte hon muslim atankwad ki bura mat manna tumahari jankari ke liye bataya.

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  51. sameerji mene pehle hi bataya k aap vo 1side knowledge valo ke sath jyada bahas mat karo.aap ghadhe ko ghoda nahi bana sakte.
    umne dawat dene ka kaam kar diya ab unki marji.abhi aaj london me 1 nav-muslim se mulakat uyi.vo pele bohat bada bhaqt pandit ta. lekin masallah aaj uski 1 bhi namaz mis nahi hoti.
    allah pak unko kub sukun or barkat de ,aamin

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  52. navin aapne kaha tha ke hamare nabi 1400 saal pehle aaye the. usse pele islam nahi tha.to aapki jaankari ke liye bata du aaj tak pruthvi pe 124000 ese nabi aaye the. subne toda thoda islam felaya or hamare paygamber mohmmad nabi duniya ke aakhri nabi the.
    or tum kya ame bhagaoge.aaj tak tum ghar se cuo ko nahi bhaga sake.or ye tumhare baap dada ki jameen nahi he or tum koi kuda nhahi e ke ame yaha se vaha kar sake.
    or jyada janna he na tos sirf youtube pe jaake dr.zakir naik ke video deko. baddme pata chaljayega.
    jo log convert huve he usme tumse jyada budhi hongi. samje ke or samajao

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  53. haan haan sahi hai bhoukane ke liye koi to rahana chahiye na sab ko nahi bhagange yaasin

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  54. kya baat kahi yasin chalo sab bhag gaye ek bacha hai bhokne ke liye.

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  55. hindu aur muslim ek hi hai,kyunki bhagwan aur allha ek hai.agar koi musalman bhagwan ko chu le aur achanak andhi tufan ho jaye to samjo bhagwan musalmano se nafrat karta hai.aur agar koi hindu masjit ja ke namaj padh le ya matha tek de aur wahi andhi tufan sure ho jaye to samaj lo bhagwan aur allha ala hai.agar aisa nahi hota hai,toh yeh samaj lo hum hi sab karte hain.jis din hum padhe likhe log anpdh ki tarha nahi sochenge tab hi hum age ja payenge.so plz stop all such things.it will spread fire aganist us.

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  56. quran k bare me ulti sidhi bat kar k dusro ko bhdkao mat

    khof bin allah daro us seeee
    sare azab isi duniya me bhgtne padenge yad rakhna

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  57. benami ji pahele to aap samajhlo ki allah aur bhagwan kabhi ek nahi ho sakte.kyunki bhagwan ki tarah hum "allah" ko apne hatho se nahi banate nahi uski hifazat ki zarurat hoti hao woh to khud saari duniya ki hifazat karta hai aur nahi use khane ki zarurat hai aur nahi nind ki."allaha" sirf ek hai.to aap kahenge ki allaha dikhai kyu nahi dete islam ka naam hi woh hai jo ek allaha par yakin kare aur uski ibadat kare aur itna yaad rakhna ki insaani ankhe "allaha" ko kabhi nahi dekh sakti marna ke baad agar aap nek hai aap "allaha" ki saari baten mani ho tabhi "allaha" ne agar chaha to woh aap ko apna didar kara sakte hai.kuch ajib nahi hai ki insaan apne hi hato se apne bhagwan ko banata hai aur uski pooja karta hai.yaad rakhna "allaha" ne saaf saaf "quran" main kahe diya hai ki jo shirk karenga to uske liye hum ne "dozakh" bana ke rakhi hai bas woh hamesha hi usme rahenga aur "dozak" ka indhan insaan aur patthar hai "shirk" use kahete hai ki "allaha"ke siwa kisi dusre ki ibadat karna. ab age aap ki marzi.

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  58. yasin tumne mere comment nahi kiya ....kiya tumhare isska jawab hai agar hai to i m wait.....................

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  59. haa manoj mene tumhara comment padha bohat ghatiya likha he.
    or tum jise najaij samband kehte o to tum shadi hi nahi kar sakoge q ki blood ke hisab se to sab tumhare bhai bahan huve q ki duniya ki saruvat 2manusyo se huyi he, na ki hajaro,lakho se. jara uski tahkikat karo.
    or tumne jo itihaas padha he vo 1 tarfi he agar padhna he to goro ka padho jo hindustan pe julm karne wale the unhi me se kisi 1 ne likha he.
    or khun garm karne ki baat karte ho englend 1 kohinoor diamond leke gaye vo to le nahi sake, or america ke samne puchh hilate rehte he, or america saudi ki cuntry se bhikh mang raha he.
    tumhare khun me namardgi ki boo aa rahi he.
    1 laden or abu salem or saddaam or ese kayi he jinse tumhari fatti he.
    ye socho agar har musalman tumhe maarne pe ya bhagane pe aa jaye to 1 bhi ghar se bahir nahi niklega.
    or samjane ko bohat kuchh he lekin tumhara dimag itna jyada chalta nahi na yahi to problem e so bhens ke aage bhagwat hogi. and its tottaly waste of my time.

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  60. yaasin tu apane aap ko samajhta kya hai be

    ek baat samajh le bhai hum sab shanti chahte hain tum bhi shanti se raho thik hai

    jis vatan ka namak kha rahe ho usake sath namak harami karoge to jannat ki baat chhodo jahannum bhi nasib nahi hoga

    sala tum rahate hindustan me ho khate bharat ka ho aur gana saudi ka gate ho are sharam karo

    rahi baat dileri ki to 1971se le kar 1999 kargil tak tumne hamari dileri dekh hi li hogi

    tum kya maroge ya bhagaoge tumhe to humne khud jammin ka tukada aur bhikh di thi pakistan banane ke liye fir bhi besharmo ki tarah yahaan pade ho

    koi baat nahi hum sab bhool gaye lekin tum se ek gujarish hai ki ab koi aisa bayan mat do jis se hum ko badnaam hona pade bharat me 93 karor hindu hain lekin fir bhi sab aman hi chahten hai to tum bhi kayde me raho thik hai

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  61. ya yeto pata chal chal gaya ke tum kitne bahadur ho jo benami se comment pass ki.
    mene kab hindustan ki khodi. or tum bhi sukar mano ke hum tumhare jese nahi huve varna 1 laden ne puri duniya hilayi thi to socho itne sare musalmaan agar bure raste pe aajaye to kya hoga.
    or agar tumne pakistaan ko jamin ka tukda diya he to vapas lelo .balke tum khud kashmir ki aabadi ko dekh ke aapna banana chaqhte ho. uske liye bhikh mang rahe ho.
    or jo tum 93 karor hindu ki ginti bata rae ho unme se sab tumhare jese nahi he, sab insaaniyat jaante he or un log ki vajah se aaj tum sab sef he varna tumne kafi suna hoga jisne muslim pe julm kiya vo area nakshe se mit gaya he.
    haaa agar baat karni he to himmat se samne aana, or naam likhna mat bhulna.
    or mene age bhi likha he ki industan jitna tumhara he utna amara bhi he.
    haa or aage tumhe or bayan chahiye to bolo?

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  62. naveen ji aap so rahe ho kya hamaare bhaiyon ko bharatvarsh ki bhoomi ko ye itana bura bhala kah rehe hain

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  63. benami mene bharat ko nahi kaha he or na kaunga. q ki me bhi ek pakka hindustani hu
    lekin me unko ke raha jo ye samjte he ki har muslim hindustani nahi he or terririst he .
    tum is comment ko bharat desh pe mat turn karo.
    mene jo comment sirf or sirf tum jese idiot(benami) ke liye liki he.

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  64. har musalman pakka hindustani hai woh kabhi hindustan ke bare main galat nahi bolenga aur jo bolenga use yaha rahene ka koi haq nahi hai. aur benami tu khud akela muqabla nahi kar sakta kya jo dusre ko bularaha hai aur ye hai teri bahaduri.

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  65. yasin bhai ye logo ko istaraha hi jawab dena chahiye tabhi ye sudharte hai aap ne sahi kaha ek laden ne america jaise super power country ke naak mein dam kar diya hai to agar har musalman istaraha ho jaye to socho kya honga is duniya ka.aur yaad rakho benami is hindustan ka har musalman wafadar hai jis din is hindustan ka musalman gaddar ho gaya to na jane is hindustan ka kya honga aur iske zimmedar sirf tum log honge abhi bhi waqt hindustani musalman ko atankwad ki nazar se dekhna band kardo warna tum apne pair par khud kulhadi mar donge yaad rakhna

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  66. jai shreeram jai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeramjai shreeram

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  67. deepakacharya mishra (shastri ji)3 अक्टूबर 2010 को 10:30 am

    sanatan dharm ki jai sanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jaisanatan dharm ki jai

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  68. or sameerji kya haal h sunao?
    hamare liye duaa karna.
    yama yaha sirf in sirfiro ki galat soch badalne ke liye aaye he varna hamare pass itna time kaha jo inki bekar comment ka jawab de .kya time bigade inke sath lekin ham jese sachhe or achhe musalmaan ko or islam ke bare me bhala bura keh rahe he.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  69. humne kya tumko pile chawal diye the ki aake yahaan apana muh kala karwao

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  70. to esa vesa q likhte ho ke hum majboor o jaye.
    agar hum tumhari mma behno or tumhare indu dharm ke bare me galat likhte to kya tum chudi pehen ke bethe rehte?
    vese tum log ki tarah hame bhi bohat kuchh likhna aata he lekin hum ye nahi karte q ki ham achhe hindu bhai ki izzat karte he.
    tum jese idiot ki nahi.
    ha ha ha.
    ye to abhi me or sameer hi he. agar bulao to sab musalman bhai aa jayenge or tumhe muh tod jawab denge.lekin abhi am dono hi kafi he
    samje?

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  71. assalaam w alaikum yasin bhai.

    benami hum ne kabhi apni baat mein nahi kha ki bharat hindu rashtra nahi hai hum to ise hindustan hi kahete hai to tum kya soch ke kaherahe ho ki bharat hindu rashtra hai aur rahenga.kabhi kisi mussalman ne nahi kha ki bharat hindu rashtra nahi hai.pahele kuch dhang ka socho phir likho.likh kar mat socho.
    aur mishra ji pahele meri tippani padh lena uske baad apna mun kholna.

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  72. dono bhai in jahillo se kyo ulj raho ho ye log janwer hai

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  73. muje un logo se koi fark nahi pdata lekin agar musalmaan or islam ke bare me kuchh galat likhenge to turnt jawab dunga or vo bhi muh tod.
    ok
    khudahafiz
    thnx for support
    sameerji and one muslim brother benamiji

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  74. I will give the answer of about controdiction...

    Sabse pehli baat ye acchi taran se samajh lein ki Quran koi aisi kitaab nahin hai jo ek baar mein kisi insaan ke dwara likhi gayi ho...Instead Quran Allah ke direct words hain jo Angel Jebrail ke dwara Mohd (pbuh) ko diye jate the..Poora Quran 21 saaal mein prathvi par aaya..
    Humare Hindu bhai ne likkha ki quran mein kafir ko marna likkha hai...
    pehle to main kafir ka matlab batana chahunga..
    aksar hindu bhai samajhte hain ki kafir koi gali ya bahut ganda lawz hai jo muslims use karte hain..
    lekin fact ye hai ki kafir word aata hai arbic word kufr se jisska matlab hota hai, Quran ki baat ko na manna..to agar koi bhi banda chahein wo muslim ho quran ki baat ko nahin manega wo kafir hai..aur raha sawal kafiron ko qatl karne ka to ye murti torhna aur qatl karna uss waqt jayz tha jab kaabe par non muslims ne kabza kar liya tha..ab koi hindu mujhe jawab de de ki agar usske kisi mandir par kabza kar ke wahan kuch aur kiya jaye to usska dharm usse ijazat nahin dega ki hidutv ki raksha kare..ye ram janam bhoomi vivaad mein hindus ne jo muslims ko qatl kiya wo kya tha..was that not terrorism...
    gujrat mein dange mein jo kuch hua kya wo terrorism nahin tha..
    to phir muslims ko hi kyon terrorist kaha jata hai..
    Mera ye khula challange hai ki koi bhi kisi bhi tareeke ka sawal kahin se bhi laaaye main usska jawab dunga aur Main ye sabit kar dunga ki Quran hi ek sacchi kitab hai...
    Hai koi mai ka laal aa jaye apne questions lekar aur agar samne se wo koi bhi jawab de sake to main hindu banne ko tayyar hun...
    DARE TO ASK EMAIL ME: answeringnonmuslims@gmail.com .... dekhte hain kitna dumm hai...

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  75. AUR YE NAVIN TYAGI KAHETA HAI KI USNE QURAN KO PADHA ARE QURAN KO PAHELE SAMAJHO KI YE KIN HALATO MAIN NAZIL HUA HAI TUM LOG JAB BHI QURAN KO PADHTE HO IS ZAMANE KE HISAB SE PADHTE HO LEKIN QURAN TO PAHELE ZAMANE KE HALATO KE HISAB SE NAZIL HUA HAI ZAMANE KE HALATO KO DHYAN MAIN RAKHO KI US ZAMANE MAIN KYA HALAAT THE AUR YE NAVIN TYAGI QURAN KI AYATO KO LIKHKAR BATATA HAI KI QURAN MAIN KAFIRO KO QATAL KARNE KA HUKM HAI TO MAIN BATADU KI PAHELA KAABE PAR KAFIRO KA KABZA THA AUR ALLAHA NE MOHAMMED (SAW) KO JANG KARKE QATAL KARNE KO KAHA THA AUR TUM LOG BATAO KI TUMHARE BALAJI MANDIR PAR AGAR KISI NE KABZAA KAR LIYA TO KYA TUM KHAMOSH BAITONGE QURAN KO PADHTE WAQT US ZAMANE KE HALAAT KO DHYAN MAIN RAKH KAR PADHO.AUR YE NAVIN TYAGI KAHETA HAI KI USNE QURAN KO PADHA ARE PAHELE APNI SOCH KO BADLO TUM JAISI SOCH WALE QURAN KO KYA SAMJHONGE.

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  76. KHA HAI YE NAVIN TYAGI AUR USKE SATH DENE WALE CHELE APNA MUN CHUPA KAR BAITHE HAI DAM HAI TO AO SAMNE TUMHARE KISI SACCHE IMAN WALO SE PALA PADA HAI ARE ISLAM KE BAARE MAIN KUCH JANNA HAI TO KISI SACHHE IMAN WALE SE PUCHO NA KI NAVSIKHIYO SE.

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  77. suno mere hindu bhaiyo ALLAH tala ne kafiro ke liye bahut dardnak azab banakar rakha hai aur main nahi chahta ki koi bhi insan is azaab main mubtila ho jaye tum quran ko acchi soch ke sath gaur se padho main tum ko kuch ayaat batata hun ki ALLAH quran main kya kahete hai.
    1.to jo shakhs khuda par jhut bohtan bandhte ya uski ayaato ko jhutlaye usse badh kar aur jalim kaun honga phir to woh log hai jinhe unki takdir ka likha hissa rizk wagaira milta rahenga yha tak ki jab hamare bheje huye farishte unke paas jakar unki ruh kabz karenge to unse puchenge ki jinhe tum khuda ko chod kar pukara karte the ab woh kha hai to woh kuffar jawab denge ki woh sab to hame chod kar chal champat huye.( sureh araf ayaat no 37)

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  78. benaami ji sabhi ko pata hai ki sooar(pig) hamesha gandgi mai hi mooh marta hai.isliye mai yaaseen or doosre logon ki gaaliyon kaa bura nahi manta .agar mai bhi inke jaise hi gaali galoch par utar aaya to vo bhi koodi me moonh marna hi hoga.

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  79. Naveen tayagi mera naam ATIF KHAN HAI aur jo uper benaam post likkhi hai jissmien aapko khula challange diya gaya hai wo maine hi likkhi thi..Bhai afsoos hua ki tumme dam hi nahin hai kyon ki tumne email hi nahin kiya mujhe kuch bhi..khair ab main tumhe batata hun..suar khana bhi mana hai usski bhi ek wajah hai wajah ye hai ki Duniya mein sirf suar hi aisa janwar hai jo apni female ke saath apne doosre saathiyon ko sex karne ke liye encourage karta hai, aaj agar aap western culture dekhein even in india barhi barhi parties mein kya hota hai sharab peekar apni biwiyan ek doosre se badalte hain..kyon kyonki suar khate hain to suar ki characteristics aati hain..naveen ji aap kuch nahin jante aapne wo verses to quran ki utha lin aur unhe bhi ghalat tareeke se pesh kiya ab main aapko quran ke baare mein bata sakta hun..aapne quran parha to ussmein chamatkaar nahin parhe..aaye main samjhata hun aapko..
    THE RATIO OF THE SEA TO THE LAND
    Quran mein word 'land' 13 baar aata hai aur word 'sea' 32 baar aur ye dono ek saath 45 baar aate hain ..
    ratio of land= 13/45 = 28.8888 %
    Ratio of Sea= 32/45= 71.111111%
    ye aapki science aaj batati hai jabki quran ne ye 1400 saal pehle bata diya...
    AAPKO Bata dun Navin ji ki
    QURAN IS NOT THE BOOK OF S-C-I-E-N-C-E but it is the book of S-I-G-N-S

    aur shayad aapne ye aayat bhi parhi hogi agar quran parha hai to...
    And We sent down iron in which there lies great force and which has many uses for mankind, ... (Surat al-Hadid, 25)
    iss surat mein iron ke liye arbic word “al-Hadid,” use hua hai agar haap hadid word ko arbic ke alphabets ko maths ki values ke saath calculate karein to value hogi 26 aur 26 hi iron ka atomic number hai..bolo naveen sahab ye aaapki science aaj batati hai jabki quran ne ye 1400 saal pehle hi bata diya again SAYING QURAN IS NOT THE BOOK OF SCIENCE BUT IT IS THE BOOK OF SIGNS...aur jo sura uper likkhi hai ye quran ki sura number 57 hai which is another isotop of iron..main aapko aise 1000 se zyada scientific facts including anatomy,embryology,biology,astology,geogrophy aur hazaro scientific fact aapko dikha sakta hun..Quran mein word 'DAY' 365 baar use hua hai aur saaal meni itne hi din hote hain..poore Quran mein word 'month' 12 baar use hua hai aur saaal mein 12 hi mahine hote hain poore quran mein word 'days' 30 baar use hua hai aur aaj ek mahine mein 30 din hote hain ab aap hi bata dein naveen sahab ye georgical calander to abhi 200 saal pehle bana hai to phir quran mein ye hazaron discoveries 1400 pehle kaise aa gayin??????
    come on naveen sahab himmat karein aur apne aap ko sach sabit karein....main phir apna email aapko bata dun.. answeringnonmuslims@gmail.com

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  80. navinji i think tumhare paas liklhne ko koi sabd nahi he. or aap kaha se kaha jaa rahe ho
    pehle aap quran or islam ko galat sabit karna chhahte the. or jab ab koi apna topic nahi raha to janwaro ki baat pe aa gaye.
    or achha kiya aapne sovvar vali baat bata di q ki mene aaj tak dekha or kiya nahi na so... i think aapko vo bohat bada anubhav he.
    upper tumne lekh likha lekin uska koi base hi nahi he so its tottaly fake.haa agar tumhare paas is ke baare me ya islam or quran jutha he isbaat ki koi sabiti he to batao hum uska solution karenge.
    haa agar nahi he to fir ye blog bandh karo.q ki yaha tumhare jese anpadh or bevakoof log kaa kaam nahi he.
    allah ka sukr he ki islam felane ka or uske bare me samjane ka kaam kafi jorro se chal raha he.or or insallah aage bhi hoga or insallah hum bhi usme jyada se jyada waqt denge.
    or aakhir me aapko bhi islam me aane ka dawat deta hu.

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  81. haa tumne suvaar vala example diya, lekin me use example ko tumhari language me bhi samja sakta hu, jisme tumha role kya he . agar janna chahte ho to reply do

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  82. bahut badiya atif aise logo ke liye yahi sahi jawab hai kyu navin tyagi hai kya dum jawab do agar nahi to iske baad aise faltu blog likhna band kar do nahi to phir koi dusra muslim ake tumhare mun band kar denga.

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  83. 17september ke date me mai ye sabit kar diya hai ki iss bhumi par islam aur janwar me koi fark nahi hai.agar kisi janwar ko sak hai to bole mai unka sak dur kar sakta hu ok.

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  84. Sameer bhai hum to allah ke fazal se jihaad kar rahe hain..Ab naveen sahab aa gaye janwar ka naya topic lekar..Naveen sahab aap islam par kya behes kareinge chaliye main aapko bata dun aap hindu dharam ke baare mein hi kuch nahin jante...Agar jante hote to janwer se example nahin dete jabki Aaapke to bhagwan hi monkey,snake,cow,ox etc hain aur ab aaap bata dein ki ye kya janwer nahin hain..humare liye to ye janwer hi hain aapke liye bhagwan hain :P
    khair naveen sahab chorhiye aapne jo blog mein likha aapko usska jawab mil gaya..ab main aapko batata hun aapke hinduism mein bhi ek se zyada bhagwan ko poojna sahi nahin hai.
    ye main nahin kehta aapka hi dharma kehta hai...
    UPANISHAD:hindus ki pavitra granth...aaaye ye kya kehte hain..
    1. Chandogya Upanishad Chapter 6 Section 2 verse number 1
    “Ekam Evadvitiyam” matlab wo yani Eshwer ek hai without second..

    2. Shwetashvatara Upanishad Chapter 6 verse 9
    “Nacasya kascij janita na cadhipah” matlab usska na to koi mata pita hain aur nahi usska koi lord...

    3.Shwetashvatara Upanishad Chapter 4 verse 19
    “Na tasya pratima asti” matlab usski koi pratima ya image nahin hai aur phir bhi aap log image aur murtiyan bana kar poojte hain..

    4. Shwetashvatara Upanishad Chapter 4 verse number 20
    “na samdrse tisthati rupam asya, na caksusa pasyati kas canainam”.
    matlab ussska koi astitva nahin hai aur usse koi nahin dekh sakta hai..phir aap kaise shiv,vishnu,brhama,hanuman etc ko dekh kar unnpar tv dramas banate hain clear hai aapko khud hindusm ka matlab nahin pata hai :P

    5.BHAGWAD GEETA 7:20 (most common scripture of hindus)
    “Those whose intelligence has been stolen by material desires worship demigods” that is “Those who are materialistic, they worship demigods” i.e. others as deities besides the True God.

    matlab saaf hai jo kai bhagwano ko poojte hain ya materialistic jaise ki haath se banayi hui ki cheez murti ya kuch bhi unnke liye ye verse hai...

    6.“He who knows Me as the unborn, as the beginning-less, as the Supreme Lord of all the worlds...”(Bhagwad Geeta 10:3)
    matlab saaf kaha gaya hai ki jo mujhe jante hain wo ye bhi jante hain main unborn hun phir aap kaise ram ko lord mante hain aur unnke pita ko dashrat...

    AAYE NAVEEN SAHAB AB DEKHTE HAIN AAPKE VEDAS KYA KEHTE HAIN...VEDAS TO AAPKE LIYE LORD KE WORDS HAIN NA..COME ON LETS SEE...

    1.Yajurveda Chapter 32, Verse 3
    “na tasya pratima asti” MATLAB usski koi pratima nahin hai, phir aap kaise garhesh,ram,krishna,shiv etc ki pratima banate hain isska matlab aap apne hi vedas ka palan nahin karte...

    2. Yajurveda Chapter 40 Verse 8
    “He is bodiless and pure”.matlab saaf hai Eshwar body less hai phir aap kaise shiv ke haath mein trishool thama dete hain aur kaise vishnu ke haath mein chakra de dete hain????

    3. Yajurved Chapter 40 Verse 9
    “Andhatma pravishanti ye assambhuti mupaste”
    matlab “They enter darkness, those who worship natural things.”
    E.g. worship of natural elements air, water, fire, etc.
    phir kaise aap surya,vayu,chandra etc ki pooja karte hain????
    ye verse aage kehti hai “They sink deeper in darkness those who worship sambhuti i.e. created things”

    E.g. created things such as table, chair, idols, etc.
    (Yajurveda Samhita by Ralph T. H. Griffith pg. 538)...phir bhi aap moortiyon ko poojte hain shame on u....

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  85. Comment continues part 2....

    5.ATHARVA VEDA
    Atharva Veda book 20 hymn (chapter) 58 verse 3
    “Dev Maha Osi” matlab wo sirf alag hai aur akela hai aur mahan hai.yahan bhi GOD ek hi bataya gaya hai...

    6.RIGVEDA (aapka sabse purana aur manniye ved)
    “Ekam sat vipra bahudha vadanti” matlab ek GOD ko pukaro kai naamon se thats what we muslims do we say ALLAH,RAHEEM,KAREEM,ETC...aap to kai bhagwano ko alag alag roop aur namon se pukarte hain...

    7. Rigveda Book 8 hymn 1 verse 1
    “Ma Chidanyadvi Shansata”
    matlab Do not worship anybody but Him, the Divine One, Praise Him alone..thats wht we muslims do aur aap apne hi vedas ko nahin mante to aap kya quran parhienge aur janeinge :P

    8.Rigveda Book no. VI, Hymn 45, verse 16
    “Ya Eka Ittamushtuhi”
    matlab usski (ESHWAR) ki tareef karo jo matchless hai aur ek hi hai..thats what we muslims do but you dont....

    9.BRAHMA SUTRA OF HINDU VEDANTA
    Ekam Brahm, dvitiya naste neh na naste kinchan”

    “Bhagwan ek hi hai dusara nahi hai, nahi hai, nahi hai, zara bhi nahi hai”.

    uper ki saaari verses mein ek hi bhagwan ki pooja ya prathna batayi gayi hai aur wo hai no doubt Allah..thats what we muslims do...

    OPEN CHALLENGE TO MR NAVEEN TAYAGI FROM ATIF KHAN....
    Agar aap uper di gayi ek bhi verse ka sahi evidence de sakein to I am ready to accept hindusm otherwise dont ever try to pin any muslim mr.naveen..Aapki profile mein likkha hai aap history ke student hain aur isska matlab ye nahin ki aap bahut jankaar hain..I m the student of com.religion and master of science...Aaap apne vedas ko nahin mante aur agar dekha jaye to hum mante hain to we muslims are greater followers of your vedas than you...
    ye to sirf maine ek bahut chota sa refference diya hai aaap kahein to aapke hi dharam se main pooori kitaab nikal sakta hun islam ki...
    aur aap kahein to main PROPHET MOHD (PBUH)aapke hi hindus scripture mein se nikaal kar dikha dun...
    to itna lamba post to main nahin likh sakta hun lekin aapke liye sirf itna hi kahunga ..ki ADHJAL GAGRI CHALKAT JAYE..ussi gaggri ka pani chalakta hai jo aadhi bhari hui hoti hai to aapki knowledge bhi aadhi hai aur issiliye aaap aise faltu blogs banate hain...aapke email ka abhi bhi intezaar hai mujhe phir bata dun apna email main aapko 'answeringnonmuslims@gmail.com'
    Hope this answers the question and waiting for your reply hope proofs ke saath.....
    Regards,
    Atif khan....

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  86. 5.ATHARVA VEDA
    Atharva Veda book 20 hymn (chapter) 58 verse 3
    “Dev Maha Osi” matlab wo sirf alag hai aur akela hai aur mahan hai.yahan bhi GOD ek hi bataya gaya hai...

    6.RIGVEDA (aapka sabse purana aur manniye ved)
    “Ekam sat vipra bahudha vadanti” matlab ek GOD ko pukaro kai naamon se thats what we muslims do we say ALLAH,RAHEEM,KAREEM,ETC...aap to kai bhagwano ko alag alag roop aur namon se pukarte hain...

    7. Rigveda Book 8 hymn 1 verse 1
    “Ma Chidanyadvi Shansata”
    matlab Do not worship anybody but Him, the Divine One, Praise Him alone..thats wht we muslims do aur aap apne hi vedas ko nahin mante to aap kya quran parhienge aur janeinge :P

    8.Rigveda Book no. VI, Hymn 45, verse 16
    “Ya Eka Ittamushtuhi”
    matlab usski (ESHWAR) ki tareef karo jo matchless hai aur ek hi hai..thats what we muslims do but you dont....

    9.BRAHMA SUTRA OF HINDU VEDANTA
    Ekam Brahm, dvitiya naste neh na naste kinchan”

    “Bhagwan ek hi hai dusara nahi hai, nahi hai, nahi hai, zara bhi nahi hai”.

    uper ki saaari verses mein ek hi bhagwan ki pooja ya prathna batayi gayi hai aur wo hai no doubt Allah..thats what we muslims do...

    OPEN CHALLENGE TO MR NAVEEN TAYAGI FROM ATIF KHAN....
    Agar aap uper di gayi ek bhi verse ka sahi evidence de sakein to I am ready to accept hindusm otherwise dont ever try to pin any muslim mr.naveen..Aapki profile mein likkha hai aap history ke student hain aur isska matlab ye nahin ki aap bahut jankaar hain..I m the student of com.religion and master of science...Aaap apne vedas ko nahin mante aur agar dekha jaye to hum mante hain to we muslims are greater followers of your vedas than you...
    ye to sirf maine ek bahut chota sa refference diya hai aaap kahein to aapke hi dharam se main pooori kitaab nikal sakta hun islam ki...
    aur aap kahein to main PROPHET MOHD (PBUH)aapke hi hindus scripture mein se nikaal kar dikha dun...
    to itna lamba post to main nahin likh sakta hun lekin aapke liye sirf itna hi kahunga ..ki ADHJAL GAGRI CHALKAT JAYE..ussi gaggri ka pani chalakta hai jo aadhi bhari hui hoti hai to aapki knowledge bhi aadhi hai aur issiliye aaap aise faltu blogs banate hain...aapke email ka abhi bhi intezaar hai mujhe phir bata dun apna email main aapko 'answeringnonmuslims@gmail.com'
    Hope this answers the question and waiting for your reply hope proofs ke saath.....
    Regards,
    Atif khan.....

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  87. me mullo tumse yah poochna chahta hoon ki jo bhi baat naveen tyagi ji ne tark ke saath kahi hai kya vo baaten galat hain.

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  88. mai bhi musalmaan hoon par ye bhi janta hoon ki mere poorvaj hindu hi the jinhe jabardasti musalman banaya gaya.or aaj jab bhi muslim itihas ki or dekhta hoon to mujhe apne aap par ghin aati hai.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  89. chalo yahan koi to muslim bhai esa mila joapne ko bhagvan sriram se jodta hai.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  90. navin kumar ne sahi kaha janwar or musalmaan me koi fark nahi
    kya sahi baat boli
    aapne suna he kitne type ke janwar hote he.
    ismese 70% janwar bewajah kisi ko nuksan nahi pohchahte he. vo tab nukshan pohchate he jab unpe koi vaar karta he.
    or tumne thik kaha muslamaan bhi ese hi he
    muje yaha tumhare gatiya blog me koi intrest nahi he lekin tumne islam or musalmaan pe vaar kiya to tumhe jawab mil gaya.
    or sun lo hum isse bhi badhasakte he lekin hum tumhare jese nahi.

    or dusri baat 30% janwar be wajah kisiko nukshan pohchate he.means tumhare jese. jiska musalmaan koi nukshan nahi kiya he.
    kya musalmaan ne tumhara khana chhina?
    kya tumhara family ko maar dala ?
    kya tumhari job le li?
    ya tumhare paas pese mange?
    kya musalmaan ne tumhe raat ko sone nahi diya?

    is sawal ka jawab aapne aap se dena. tab tumhe pata chalega.
    yaha dene ki jarurat nahi he q ki me jaanta hu ke tumhare paas ghatiya dimag he sio answer bhi ghatiya hi aayenge.bhir bhi tum aapni bhadas yaha puri kar sakte ho.


    syad tumne kabhi sachhe musalmaan ko mile hi nahi isliye esi baat kar rahe .
    aaj fir me tumhe islam ki dawat deta hu.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  91. haaa or ali mene aaj tak tumhara jesa ghatiya insaan nahi dekha.
    tum kehte ho ke tumhare baap dada ko jabardasti musalmaan banay he. to aaj tum vapas dharmantar kar sakte ho aaj tumhe kisne baandha rakha he? khamakha q islam ko badnaam karte ho.
    lekin sun lo tum log chahe jitna koshis karo lekin esa kabhi nahi ho sakta.
    or ek baat islam chhodne se pehle 100 baar sochna q ki baadme tumhare paas pachhtane ke alawa koi rasta nahi rahega.
    ye bhi isliye bataya ki me bhi muslim hu isliye dusra bhai ko aane vali muskilo se bachana chahta hu.
    so baad me tumhari marzi

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  92. good atif bhai.
    aatif bhai ne yaha sirf ye likha he ki aapke ved me kya likha he. nahi ke aapki or hindu dharm ki badnaami ki he.
    or muje achha laga ke mr.ram kumar ne tarif ki sayda unhe ye sachha lekh pasand aaya.
    or haa hum na to kis dharm ko badnaam karte he naa to karna chahte he lekin tum ne start kiya so humne or aatif bhai ne aapko sahi jawab dekar aapki galat fehmi dur ki.or sachhayi batayi.
    or aape sachhe hindu hene to aatif bhai ne jo bataya uspe aamal karo naa ki apni thinking se
    or hume hamare haal pe chhod do.
    or aakhir me aapko islam ki dawat deta hu.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  93. or haa yaha tumne yaha pe isliye likha ke tumhara blog log sarch kare or tum pese kama sako.
    lekin sachhayi maat bhulo
    sahi kamane jariye or bhi he.agar chahiye to batau

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  94. Reply to Mr.Ali from Atif khan,

    Mr. Ali sabse pehle to aap apne dil se ye ghalat fehmi door kar lein ki aap muslim hain..aur ye bhi main aapko bata dun ki kisi dharm se nahin hain..becz kisi bhi human ko apni religion par kabhi koi shak nahin hota hai..Aur jahan tak sawal hai hinduism ka to koi bhi dharam ghalat aur shaitani kaamon ki ijazat nahin deta...aaap log hi bata dein ki kaise ek moorti jo aapne khud banayi matlab aap khud usske ek prakar se creater hue phir ussse hi aap kaise apna bhagwan maan sakte hain..I have no objection to say that you should pray only one GOD and thats what your scripture says..wheather it is Lord Ram,lord krishna or lord brahma but should be only one.and i will say that LORD BRAHMA IS THE CREATER OF UNIVERSE so it would be more proper to say him as ESHWAR For hinduism...
    Every religion is made to fight with evils...
    I can give many things SIMILARITIES BETWEEN HINDUISM AND ISLAM...if anyone willing to get any stuff can email me: answeringnonmuslims@gmail.com...
    aur jahan tak sawal hai sabse purane religion ka to wo bhi no doubt islam hai..
    ADAM (pbuh) was the first man on the earth and he was the prophet of ALLAH (SWT), like this jesus (pbuh),Abrahim (pbuh),Ismail (Pbuh) and many more including 124000 came to this earth with same messages of allah and thats what the reason that we muslims belive INJEEL (the book was relvealed on Jesus (pbuh),Taurat (the book was revealed on MOOSA, ZOOBOOR AND FINALLY WE PREFERR MOST QURAN BECZ MOHD (PBUH) WAS THE FINAL MESSENGER FROM ALLAH (SWT)AND ALL THE ABOVE SCRIPTURES ARE OBEYED BY DIFFERENT RELIGION LIKE CRISTIANS BELIEVE BIBLE THAT IS INJEEL FOR US BUT THEY HAVE MADE CHANGES IN THE BIBLE,THIS IS THE REASON THAT CHIRISTIAN AND MUSLIMS MATCH THEIR IDEAS UPTO ALMOST 50% and the controversy is only that they Make jesus (pbuh) as GOD or son of GOD but we muslims beleive GOD has no son or family so JESUS (PBUH) was messenger..I also challange chiristians that if THEY COULD CODE ME EVEN A SINGLE VERSE FROM THE BIBLE FROM ANY WHERE OF THEIR SCRIPTIARS WHERE JESUS (PBHU) HIMSELF HAD SAID THAT I M THE GOD OR I M THE SON OF GOD OR I M THE DIVINE OR ETC, I ATIF KHAN KHUDA KI KASAM READY TO ACCEPT EVEN CHIRISTIANITY TODAY...
    Believe me my intensions are not to hurt any non muslims feelings but to make them the concept clear for the right path...and to erase all the misconfusion about islam the people like mr naveen spreading for islam and this is so we called JIHAD,not that to kill any non muslims...Any one of you want any answer from me can email me: answeringnonmuslims@gmail.com....
    Thanks and Regards,
    Atif khan...
    have a good day and may allah shower HIS Grace to all of us...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  95. further more thanks to MR YASIN BHAI...Who praises my knowledge (ALLHAMDOLLILAH) and hope in future THIS STRIVE/JIHAD will be continued.....

    Regards,
    Atif khan...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  96. चमन में होने दो बुलबुल को फूल के सदके
    बलिहारी जाऊँ मै तो अपने रसूल के सदके

    सदा बहार सजीला है रसूल मेरा
    हो लाखपीर रसीला है रसूल मेरा
    जहे जमाल छबीला है रसूल मेरा
    रहीने इश्क रंगीला है रसूल मेरा

    चमन में होने दो बुलबुल को फूल के सदके
    बलिहारी जाऊँ मै तो अपने रसूल के सदके

    किसी की बिगड़ी बनाना है ब्याह कर लेंगे
    बुझा चिराग जलाना है ब्याह कर लेंगे
    किसी का रूप सुहाना है ब्याह कर लेंगे
    किसी के पास खजाना है ब्याह कर लेंगे

    चमन में होने दो बुलबुल को फूल के सदके
    बलिहारी जाऊँ मै तो अपने रसूल के सदके

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  97. मुर्ख हिन्दुओं(bliend-hindues) पूजा-पाठ छोड़ो पैगम्बर से दिल लगाओ
    इस्लाम दुनिया का सबसे सुन्दर व प्यारा मजहब क्यों है ???????????????????????
    इस्लाम कहता है कि "सारी दुनिया मुसलमान बन जाए अन्यथा काट दिए जाओगे।"
    अब उसके बाद अगर कोई मुसलमान बन जाए तो वह स्वत : ही स्वेच्छा से मुसलमान बना की नहीं और जो नहीं बना तो अगर उसे मार दिया जाय, काट दिया जाय तो इसमें बिचारे मुसलमानों का क्या कसूर। ...........अरे वे तो पहले से ही उन्हें अल्लाह के मार्ग की और बुला रहे थे। ...............अब किसे ने नहीं सुना तो गलती तो मरने वाले की हुई न ।
    इस्लाम के सन्देश को यदि ध्यान से देखा जाय तो योन विज्ञान का एक नया सिद्धांत है बिना किसी लाग लपेट के नई नई ओरते भोगने को आराम से मिलती हैं ।............... केवल मात्र औरत के परिवार को समाप्त करना होता है।पवित्र कुरआन मुसलमानो को यही आदेश देती है । .......... पैगम्बर ने अपने शिष्यों के लिए विषय भोग का साधन अत्यंत ही सरल व सुलभ बनाया था। धन्य हो पैगम्बर मोहम्मद।

    इसके अलावा पैगम्बर ने मुसलमानों के लिए धन की व्यवस्था भी बड़े अच्छे प्रकार से की है कि मुसलमानों को कुछ भी करने की जरूरत नहीं है -------पैगम्बर कहता है कि "मेरा गुजर लूट पर होता है ."
    इसी प्रकार एक हदीस में पैगम्बर कहता है कि" अल्लाह ने मेरे लिए लूट हलाल कर दी है.मूझसे पहले पैगम्बरों के लिए लूट हलाल नहीं थी। "

    एक हदीस कहती है की "तुम्हे जो गनिमते(लूट का माल)मिली है उन्हें पाक समझ कर खाओ।

    इस धन कमाने के आसान तरीको के अलावा पैगम्बर ने अपने चेलों के के लिए जन्नत का भी वायदा किया है .कुरआन कहती है की "दुसरे धर्मो के लोगों को मारो,उनकी स्त्रियों से बलातकार करो ,उनकी संपत्ति को लूटो तो तुम जन्नत को प्राप्त करोगे। "
    और हाँ महान पैगम्बर ने ऐसी वैसी जन्नत का वायदा नहीं किया है। जन्नत भी ऐसी की वहां भी मजे लूटने के लिए ७२ हूरे(सम्भोग के लिए) व ७२ कम उम्र के लोंडे(जी हाँ सम्लेगिको के लिए भी जुगाड़ है) व शराब की नदिया बहती मिलेंगी।
    अरे मूर्ख हिन्दुओं छोड़ो तप साधना व नैतिकता का रास्ता।पैगम्बर मोहम्मद पर ईमान लाओ और सब कुछ पा जाओ।
    तो मित्रों हुआ ना हुआ धन पाने का एक आसान तरीका । और साथ साथ जन्नत का टिकट भी पक्का।
    इश्वर अपने अनुयायियों के महान हमदर्द पैगम्बर की आत्मा को शांति दे .

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  98. dr.ram pehle to aap apne naam ke aage se dr. likhna chhod do.
    q ki ye degre tumne pese se kharidi hongi. uper jo likha he usme aapka i q zero sabit hota he.
    or jjaan kari ke liye bata du ke aapke dharm ke kaurav hi jugar khelne gaye the. or aapke shree krishna khud ladki yo ko chhedte the.
    or tumne marne ki baat kahi, hamare dharm me 1 makhkhi ko bhi bewajah marne ki ijajat nahi he.
    or ese dhan paneka ashan tarika tum logo ke paas hoga. aaj tak suna he ki kisis muslim ne bank luta ho ya kiskika ghar luta ho.or ijjat bhi?
    balke tumhare hindu hbhai narendre modi or uske chamche ne kafi musalman behno or maa par balatkar karvaye the agar yakin na ho to kisi hindu parishad member se puchh lena.

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  99. for ali
    ali pehle to aapne is juthe naam se likhna chhod do . q ki me tumhe pehle din hi jaan gaya tha ke tum muslim nahi ho.
    koi bhi muslim ese baat nahi karta.
    tumne kaha rup suhana hoga to byah kar lenge. --vo to tumhar hindu dharm me hota hoga.
    q ki hamare muslim me ek dusre ke chehre dekhe nahi jate.
    or mard he to aaayina aapne sachhe naam se comment karna . hum tumhe jawab denge

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  100. @yasin
    हम तो लिंग और योनी की पूजा नहीं करते ,लेकिन हाँ तुम मुस्लिम्स मक्का में जाकर लिंग व् योनी की चुम्मी क्यों लेते हो इसका उत्तर दे |

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  101. ali tumne asani ne se ali ke naam se comment to likh diya . par tum ye bhiul gaye ke konse sabd kaha use karne chahiye,aapne aap ko smart samajte ho , pehle khud ki bhul ko pakdo ke tumne kaha bhul ki thi.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  102. @yasin
    शाहजहाँ प्रेम की मिसाल के रूप पेश किया जाता रहा है और किया भी क्यों न जाय ,८००० ओरतों को अपने हरम में रखने वाला अगर किसी एक में ज्यादा रुचि दिखाए तो वो उसका प्यार ही कहा जाएगा। मुमताज के बाद शाहजहाँ ने अगर किसी को टूट कर चाहा तो वो थी उसकी बेटी जहाँआरा। जहाँआरा को शाहजहाँ इतना प्यार करता था कि उसने उसका निकाह तक होने न दिया। धिक्कार है ऐसे इतहास्कारों पर जिन्होंने जहानारा को शाहजहाँ की रखेल बताया। बेटी और रखैल ,तोबा तोबा किसने कह दिया?वो तो अब्बू का प्यार था। बाप के इस प्यार को देखकर जब महल में चर्चा शुरू हुई, तो मुल्ला मोलवियों ने एक हदीस का उद्धरण देते हुए कहा कि माली को अपने द्वारा लगाये पेड़ का फल खाने का हक़ है।

    iska jabab de

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  103. Mr.navin tyagi aapki information ke liye bata du ke 90% itihaas jo book me likhe gaye vo juth he.
    haaa or tum esi juthi or sarma deni vali baat jante kahase he. kya tumhare khandan ka koi vahi pe kaam karta tha kya?
    haa agar sahjaha galat hota to log tajmahal q dekhne jate he or sahjaha or mumtaj ke love ko samman dete he.kya vo sab murkh he?
    or tum nahi ho?

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  104. or navin tyagi i think tum abhi ande me ho.
    chahe to makka ka pura video you tube pe dekhlo kahi bhi tumhe yoni dikhay de.
    or jankari naa ho to likhte nahi.
    or ye nange pan ka khel to tum log kartte ho jo nadi pe sab orto or mard log nange nahate ho
    or bolte hi ki paap dhote he
    or tumhare 80% sadhu or dharm premi nange bethe hote he. or aaaj tak tumne kahi dekha he ki molvi ya to koi nabi nanga tha?
    u idiot

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  105. Reply to MR.NAVIN AND DR.(:p) RAM FROM ATIF KHAN...
    Reply comes from Glorious Quran,
    Sureh Bakhra chapter no.2 verse no.111..It says "they say that they will enter the paradise,if ye are true then ask for evidence...

    Sabse pehle to main DR RAM SE poochna chahunga ki UNNKE Priye bhagwan KIRSHNA ki kitni wives thin???? Unnka khud ka dharam kehta hai ki 16108 thin...:P to Mr Ram aap aakar jawab dein ki agar aapke bhagwan 16108 wives rakh sakte hain to aapko kya problem hai ki We muslims can keep just 4 ...
    Aur Mr RAM main aapko bata dun..ki QURAN Hi ek maatra kitab hai duniya mein jo kehti hai ki MARRY ONLY ONE..GO AND READ SUREH BAKHRA CH.NO 2 VERSE 228 TO 243..IT IS SAID..Marry only one,or in twos or threes but if you could make justice to them...
    Aaap ek se zyada shaadi jabhi kar sakte hian jab aap justice kar sakte hon..harr tareeke se ...by wealth,by health even by sexual intercourse otherwise nahin kar sakte to ek se zyada biwi haram hai..MR RAM aap Ek bhi kitaab including your hindu scriptures lekar aa jayein aur dikha dein ki kahan likkha hai KI EK SE SHAADI KARO...
    OPEN CHALLANGE HAI AGAR AAP AISA KAREINGE I ATIF KHAN READY TO ACCEPT HINDUISM OTHERWISE YOU CANNOT CRITISISE QURAN...
    Ab raha sawal NAVIN TIYAGI KA...
    TO MR NAVEEN AAAP LOG FOLLOW KARTE HAIN..Aise Bhagwanon ko JO KHUD INSAAN KA ROOP LEKAR AAYE AUR BHAGWAN JAB KHUD MANUSH BAN GAYA TO USSMEIN AUR MANUSH MEIN KAHAN ANTAR REH GAYA...
    RAHA SAWAL DR.RAM KA TO YE HAIN NAAM KE DR. INKO PATA NAHIN KIS CHEEZ KI DR.DEGREE DI GAYI..KHAIR DR. RAM NE EK BHI PROOF QURAN AUR HADID KA NAHIN DIYA ...THATS WHY I SAY WHAT DR. RAM IS SAYING NOT ISLAM,ISLAM IS WHAT QURAN AND HADID SAYS..TO EK BHI JAGAH AAP MUJHE REFFRENCE NUMBER DIJIYE JAHAN AISI KOI BHI BAAT LIKHI HO..I WILL ANSWER AUR RAHA SAWAL LOOT KA TO BHAYYA AAP LOG HAIN KAM AKAL KE AAPKO ZYADA PARHE LIKKHO KI BAAT SAMJH MEIN NAHIN AAYEGI TO AAPKE HI TAREEKE SE JAWAB DE DETA HUN..AAPKE KRISHNA BHAGWAN TO MAKKHAN CHURATE THE :p TO KHUD HI BATA DO KYA WO CHOR THE....:p

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  106. Reply to MR.NAVIN AND DR.(:p) RAM FROM ATIF KHAN...
    Reply comes from Glorious Quran,
    Sureh Bakhra chapter no.2 verse no.111..It says "they say that they will enter the paradise,if ye are true then ask for evidence...

    Sabse pehle to main DR RAM SE poochna chahunga ki UNNKE Priye bhagwan KIRSHNA ki kitni wives thin???? Unnka khud ka dharam kehta hai ki 16108 thin...:P to Mr Ram aap aakar jawab dein ki agar aapke bhagwan 16108 wives rakh sakte hain to aapko kya problem hai ki We muslims can keep just 4 ...
    Aur Mr RAM main aapko bata dun..ki QURAN Hi ek maatra kitab hai duniya mein jo kehti hai ki MARRY ONLY ONE..GO AND READ SUREH BAKHRA CH.NO 2 VERSE 228 TO 243..IT IS SAID..Marry only one,or in twos or threes but if you could make justice to them...
    Aaap ek se zyada shaadi jabhi kar sakte hian jab aap justice kar sakte hon..harr tareeke se ...by wealth,by health even by sexual intercourse otherwise nahin kar sakte to ek se zyada biwi haram hai..MR RAM aap Ek bhi kitaab including your hindu scriptures lekar aa jayein aur dikha dein ki kahan likkha hai KI EK SE SHAADI KARO...
    OPEN CHALLANGE HAI AGAR AAP AISA KAREINGE I ATIF KHAN READY TO ACCEPT HINDUISM OTHERWISE YOU CANNOT CRITISISE QURAN...
    Ab raha sawal NAVIN TIYAGI KA...
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    RAHA SAWAL DR.RAM KA TO YE HAIN NAAM KE DR. INKO PATA NAHIN KIS CHEEZ KI DR.DEGREE DI GAYI..KHAIR DR. RAM NE EK BHI PROOF QURAN AUR HADID KA NAHIN DIYA ...THATS WHY I SAY WHAT DR. RAM IS SAYING NOT ISLAM,ISLAM IS WHAT QURAN AND HADID SAYS..TO EK BHI JAGAH AAP MUJHE REFFRENCE NUMBER DIJIYE JAHAN AISI KOI BHI BAAT LIKHI HO..I WILL ANSWER AUR RAHA SAWAL LOOT KA TO BHAYYA AAP LOG HAIN KAM AKAL KE AAPKO ZYADA PARHE LIKKHO KI BAAT SAMJH MEIN NAHIN AAYEGI TO AAPKE HI TAREEKE SE JAWAB DE DETA HUN..AAPKE KRISHNA BHAGWAN TO MAKKHAN CHURATE THE :p TO KHUD HI BATA DO KYA WO CHOR THE....:p

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  107. Reply to MR.NAVIN AND DR.(:p) RAM FROM ATIF KHAN...
    Reply comes from Glorious Quran,
    Sureh Bakhra chapter no.2 verse no.111..It says "they say that they will enter the paradise,if ye are true then ask for evidence...

    Sabse pehle to main DR RAM SE poochna chahunga ki UNNKE Priye bhagwan KIRSHNA ki kitni wives thin???? Unnka khud ka dharam kehta hai ki 16108 thin...:P to Mr Ram aap aakar jawab dein ki agar aapke bhagwan 16108 wives rakh sakte hain to aapko kya problem hai ki We muslims can keep just 4 ...
    Aur Mr RAM main aapko bata dun..ki QURAN Hi ek maatra kitab hai duniya mein jo kehti hai ki MARRY ONLY ONE..GO AND READ SUREH BAKHRA CH.NO 2 VERSE 228 TO 243..IT IS SAID..Marry only one,or in twos or threes but if you could make justice to them...
    Aaap ek se zyada shaadi jabhi kar sakte hian jab aap justice kar sakte hon..harr tareeke se ...by wealth,by health even by sexual intercourse otherwise nahin kar sakte to ek se zyada biwi haram hai..MR RAM aap Ek bhi kitaab including your hindu scriptures lekar aa jayein aur dikha dein ki kahan likkha hai KI EK SE SHAADI KARO...
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    RAHA SAWAL DR.RAM KA TO YE HAIN NAAM KE DR. INKO PATA NAHIN KIS CHEEZ KI DR.DEGREE DI GAYI..KHAIR DR. RAM NE EK BHI PROOF QURAN AUR HADID KA NAHIN DIYA ...THATS WHY I SAY WHAT DR. RAM IS SAYING NOT ISLAM,ISLAM IS WHAT QURAN AND HADID SAYS..TO EK BHI JAGAH AAP MUJHE REFFRENCE NUMBER DIJIYE JAHAN AISI KOI BHI BAAT LIKHI HO..I WILL ANSWER AUR RAHA SAWAL LOOT KA TO BHAYYA AAP LOG HAIN KAM AKAL KE AAPKO ZYADA PARHE LIKKHO KI BAAT SAMJH MEIN NAHIN AAYEGI TO AAPKE HI TAREEKE SE JAWAB DE DETA HUN..AAPKE KRISHNA BHAGWAN TO MAKKHAN CHURATE THE :p TO KHUD HI BATA DO KYA WO CHOR THE....:p

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  108. Reply to MR.NAVIN AND DR.(:p) RAM FROM ATIF KHAN...
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    Aur Mr RAM main aapko bata dun..ki QURAN Hi ek maatra kitab hai duniya mein jo kehti hai ki MARRY ONLY ONE..GO AND READ SUREH BAKHRA CH.NO 2 VERSE 228 TO 243..IT IS SAID..Marry only one,or in twos or threes but if you could make justice to them...
    Aaap ek se zyada shaadi jabhi kar sakte hian jab aap justice kar sakte hon..harr tareeke se ...by wealth,by health even by sexual intercourse otherwise nahin kar sakte to ek se zyada biwi haram hai..MR RAM aap Ek bhi kitaab including your hindu scriptures lekar aa jayein aur dikha dein ki kahan likkha hai KI EK SE SHAADI KARO...
    OPEN CHALLANGE HAI AGAR AAP AISA KAREINGE I ATIF KHAN READY TO ACCEPT HINDUISM OTHERWISE YOU CANNOT CRITISISE QURAN...
    Ab raha sawal NAVIN TIYAGI KA...
    TO MR NAVEEN AAAP LOG FOLLOW KARTE HAIN..Aise Bhagwanon ko JO KHUD INSAAN KA ROOP LEKAR AAYE AUR BHAGWAN JAB KHUD MANUSH BAN GAYA TO USSMEIN AUR MANUSH MEIN KAHAN ANTAR REH GAYA...
    RAHA SAWAL DR.RAM KA TO YE HAIN NAAM KE DR. INKO PATA NAHIN KIS CHEEZ KI DR.DEGREE DI GAYI..KHAIR DR. RAM NE EK BHI PROOF QURAN AUR HADID KA NAHIN DIYA ...THATS WHY I SAY WHAT DR. RAM IS SAYING NOT ISLAM,ISLAM IS WHAT QURAN AND HADID SAYS..TO EK BHI JAGAH AAP MUJHE REFFRENCE NUMBER DIJIYE JAHAN AISI KOI BHI BAAT LIKHI HO..I WILL ANSWER AUR RAHA SAWAL LOOT KA TO BHAYYA AAP LOG HAIN KAM AKAL KE AAPKO ZYADA PARHE LIKKHO KI BAAT SAMJH MEIN NAHIN AAYEGI TO AAPKE HI TAREEKE SE JAWAB DE DETA HUN..AAPKE KRISHNA BHAGWAN TO MAKKHAN CHURATE THE :p TO KHUD HI BATA DO KYA WO CHOR THE....:p

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  109. कामकाजी महिलाएं पुरुषों को दूध पिलाएं
    काहिरा : मिस्र में पिछले दिनों आए दो अजीबोगरीब फतवों ने अजीब सी स्थिति पैदा कर दी है। ये फतवे किसी ऐरे-गैरे की ओर से नहीं बल्कि देश के टॉप मौलवियों की ओर से जारी किए जा रहे हैं।
    देश के बड़े मुफ्तियों में से एक इज्ज़ात आतियाह ने कुछ ही दिन पहले नौकरीपेशा महिलाओं द्वारा अपने कुंआरे पुरुष को-वर्करों को कम से कम 5 बार अपनी छाती का दूध पिलाने का फतवा जारी किया।

    yaseen beta musalmani school me bhi jati hain or nokri bhi karti hain. aage tu khud samajdaar hai ya kholke bataau.

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  110. ha ha ha, benami agar tumhare paas pruf he to dikhao
    konsse din kis paper ?
    or nokri to tu bhi karta hoga or teri maa bhi karti hogi. so usne to aapne diyar or jeth ko dudh pilaya hoga kya.
    or himmat he to naam se comment karo.
    or aapki jankari ke liye bata du ke sachha musalmaan kabhi bhi naye fatve nahi banata or na to uspe follow karta.
    or bhi bata du ke hamare fatve tu or tere baap dada peda bhi nahi huve the tabke likhe gaye he. or hum vohi follow karte he.
    or usme koi behuda changes nahi kar sakta or jo karega vo turant imaan se bahi ho jayega means tumhari tarah.

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  111. are yaaaro aapko mere dost or musallmaan bhai atif bhai ne itne sare reply diye fir bhi aap besarmo ki tarah aapni beijjati karvane yaha chale aate he.
    aagar me hindu hota or utna kuchh islam ke bare me jaanta to turant musalmaan ban jata .
    ab bhi waqt he musalman ban jao. tumhari duniya or aakhirat dono qamiyab ho jayegi. ye aallah ka wada he sab musalmaan se.

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  112. पैगम्बर तो आम इंसान नहीं थे। बेटे की पत्नी भी पुत्री के सामान होती है।पैगम्बर ने भी अपने मूह बोले बेटे जैद की पत्नी जैनब को इतना प्यार किया कि उससे निकाह ही कर लिया।
    अब इसी बाप बेटी के प्यार का खुमार मुसलमानों पर न चढ़े ,एसा कैसे हो सकता है? मुजफ्फर नगर (उत्तर प्रदेश) में इमराना का बलात्कार जब उसके ससुर ने कर दिया तो इमराना के पति ने जैद का रोल अदा किया, और इमराना का निकाह अपने बाप से करा दिया।
    ha ha ha ha ha ha ha ah

    what a funny religion islam is

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  113. nitin tyagi every time u took wrong information.
    tumhe koi chodu bana raha he.
    or tumhare paas dene ko koi jawab nahi he to mana kardo par ye sab aapne mannn ki vichar ko q likh rahe ho.isme mera waqt q barbaad karte ho.hum jaante he ke tum bekar logo me se 1 ho lekin esa thodi ke tum bandaro vali harkat karo?
    or haa tum topic to yaha likh dete ho lekin bina proof or vo bhi aadhi . jab tumhe uspe jawab dena hota he to tum dum dabake bhag jate ho.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  114. mr.tyagi ji and mr.yasin ji! u have initiated endless discussion. if both of u r religeous then u should stop this all.religion never allowes any one to make despute and using hard words at others.plz b humble and think only about how to eradicate the terrorism from the world.once again i request all of u not to dicuss on the religeous books....think only about humanity and b spiritual.leave the past and come in present. in present, there are hybrid crops, adulterated foods and medicines......and so many things, corruption, crime, insecurity......what not. we have a lot of issues to discuss on.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  115. yup mr. kaushalendraji.
    lekin aapne dekha hoga ke tyagi ne ye likh me kya likha he.me or aatif bhai to sirf unke samne sachh rakh rahe the. or mene or aatifbhai koi geeta ya aapke kisi books ke bare me galat likha or naa to virodh kiya . sirf nitin ko sachhayi batayi.
    aar aap sochiye ye jo jutha lekh likha gaya he vo sirf musalmaan or islam ko nicha dikhane ke liye hi likha gaya he.
    hum reply dete rahenge or usme sirf sachhayi bayan karenge.
    aap tyagi se kahiye ke ye jo galat blog likha he usse remove kare.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  116. Reply to nitin tyagi..
    Allah says in holy quran sure bakhra ch.no2 verse 111...
    'And they say that only we (non muslims) will enter the paradise,if they are true enough then ask them for proofs''

    yasin bhai aap bhi kinhe samjhane hue lage hain..jinnn bebaakon ko humare pyare nabiye kareem sallalahu wasselem nahin samjha sake to hum kya samjha sakte hain...
    Allah says in Holy Quran that thou (non muslims) are deaf as they cannot hear any GOOD WORDS OF ALLAH (SWT),THOU ARE BLIND AS THEY CANNOT SEE EVIDENCES AUR IT FURTHER SAYS...
    IF THEY WOULD HAVE NO PROOFS (WHICH SURELY THEY WONT)THEN THEY WILL START TO SAY BAD WORDS TO ALLAH AND HIS PROPHET SO IN THAT CONDITION A MUSLIM SHOULD NEVER TALK TO THEM AND WE (ALLAH SWT) WILL SHOW THEM AT THE DAY OF JUDGEMENT...
    INN BECHARON SE KISI BHI SAWAL KA JAWAB NAHIN DIYA GAYA AUR ALLHAMDOLLIAH MAINE HARR SAWAL KA JAWAB DIYA...ALLAH KE FAZAL SE DETE RAHEINGE...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  117. salam aatifbhai
    aapne thik kaha
    ok,hame duaa me yaad rakhna.
    k,khudahafiz

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  118. haan bhai sab hindu musalmaan ban jao aur musalmaan hindu aur jisko jo banana ho ban jao magar murkhon sabse pahale ek achhe insaan ban jao tum log yahaan ved, kuraan, aur geeta ki to baate karte ho par din bhar me ek bhukhe ko khana nahi khilaate ek majboor ki madad nahi karate aur baat karate jannat ki yahi haal raha to jannat to chhodo chain se mout bhi nahi milegi.

    isliye koshish karo jyada se jada majbooron aur besahara logo ki madad karo pata nahi kis roop me tumhe bhagwaan ya allah mil jaye

    aur ek achha insaan bano,

    socho aaj pakistaan aur china bharat par nigah laga kar baitha hai aur tum sab aapas me hi lad rahe ho

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  119. mr.misir yaha baat ladne ki nahi thi.
    quran or islamk bare me sach batane ki,
    or haa tum e uper jo kaha vo thik he vo hum karte he lekin kisiko batate nahi ke hamne aaj 5-10-100-1000 logo ko khana khilaya etc etc.hum aapna kaam aapno taraf se karte rehte he.
    or haa hamara har kaam jannat ko pane ke liye or allah tala ko khush karne ke liye hota he

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  120. ASSALAAM W ALAIKUM YASIN BHAI

    hum musalman jab kabhi kisi ko khana khilate hai ya phir zakat(dan)dete hai to kabhi kisi ko nahi batate kyunki "ALLAH" ka farman hai ki zakat is tarah karo ki tumhare baye haath ko khabar na ho kyunki dekhne wala to "ALLAH"hai.agar tum dikhawe ke liye zakat donge to "ALLAH"usko kabhi kabool nahi karenga.islam ki buniyad hi panch arkano par hai usme se ek "ZAKAAT" hai.
    islam ke panch buniyaadi arkaan.
    1.KALMAA
    2.NAMAAZ
    3.ZAKAAT
    4.ROZAA
    5.HAJJ

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  121. walekum assalam sameerbhai
    aapne thik kaha
    me yaha zikr nahi karna chahta tha lekin ye na samaj logo ko batana chahta tha ke kayi musalmaan log ese he jo achhe kaam karne ke baad aapne gharwale tak nahi batate.
    or insallah hum bhi karte rahenge . or jyada se jyda karne ki koshish karenge.
    ok, khudahafiz

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  122. As salam alekum yasin bhai aur sameer bhai...
    Islam mein allah ke fazal se harrr cheez ka hisaab rakkha gaya hai..jisse ye log khana khilana keh rahe hain wo asal mein zakaat aur khairaat hai..Ye bhi agar dekha jaye to economics hai jo quran se aati hai..Agar kisi muslim ke paaas 7.5 tola sona aur 52 tole chandi ya itne ki property ya koi bhi cheez jo itni qeemat ki banti hai to usse usss cheez ki total qeeemat ya isse zyada ki bhi banti ho to total ka 2.5% usse as zkaaat dena hai..agar harrr muslim shariyat ke hisaab se chale aur sahi taur se apni khairat zakaat nikale to koi bhi musalman bhai bhooka nahin rahega...
    OPEN CHALLENGE....
    Jo bhi koi isss blog ko shuru se parhega to usse andaza ho jayega ki jeet kis ki hui hai...
    aur raha sawal NAVEEN TIYAGI AUR DR RAM JAISE logo ka ye kuch jante hi nahin hain...
    ITS MY CHALLENGE MAIN PROPHET MUHAMMAD KO HINDU SCRIPTURES MEIN DIKHA SAKTA HUN...
    JO KOI BHI CHAHE MUJHSE PROOF MAANG SAKTA HAI OPENLY I M READY TO GIVE..REGARDS ATIF KHAN...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  123. w'salam
    kese ho atifbhai?
    or sameerbhai aap?
    ok, aaj thoda busy hu
    insallah tomorro
    ok,khduahafiz
    duaa me yaad

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  124. @sammeer

    chahe koi musalmaan 1.KALMAA
    2.NAMAAZ
    3.ZAKAAT
    4.ROZAA
    5.HAJJ
    kare ya na kare laikin uska kata hua jarur hota hai aur ye hi aik musalmaan ki pahchan hai bhai jaan

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  125. @yahin
    यासीन भाई बुरा मत मानियो ईमान से कह रिया हूँ |
    तुमको कुछ समझाना ऐसा है ,जैसे गधे के आगे बीन बजाना |
    भैंस इसलिए नहीं लिखा क्योकि मुझे मालूम है की भैंस बुरा मान जाएगी |
    अब नवीन त्यागी जी तुमको समझाने यहाँ नहीं आते क्योकि उनको भी मालूम है की तुम्हे समझाने से कोई फायदा नहीं |

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  126. Reply to navin tiyagi....from ATIF KHAN...
    Naveen sahab aap kabhi mujhse arguments kyon nahin karte hain??? shayad aap darr jate hain :P hai na yasin bhai???
    BHAI LOGO SAB DEKHO YE HAIN NAVEEN SAHAB HINDUSTAN KI SHAAAN AUR ITIHAAS KE JANKAAR AUR EK BAHUT BARHE LITTRATE..SEEE THE WAY OF HIS TALKING UPER LIKHTE HAIN KI 'KATA HUA ZAROOR HOTA HAI' AUR YE KYA KATA HUA INDICATE KARNA CHAH RAHE HAIN WO AAP SAB SAMAJH RAHE HONGE..AUR AB INSE AGAR YE POOCHA JAYE KI USSI KATE HUE KI TO YE POOJA KARTE HAIN TO JAWAB DENA TO DOOR KI BAAT HAI INHE KAHIN URINE BHI NAHIN MILEGA DOOB MARNE KE LIYE...:p AUR RAHA SAWAL KATA HUA TO NAVEEN SAHAB AAP KI JANKARI KE LIYE BATA DUN KI IN ENGLISH ITS CALLED CIRCUMCISED...EVERY MUSLIM IS CIRCUMCISED..
    AUR NAVEEN SAHAB YE ISLAM MEIN KAHIN NAHIN LIKKHA HUA HAI KI EVERY MUSLIM MUST BE CIRCUMCISED..USSKI PEHCHAAN USSKE KATE HUE SE NAHIN HO ISSI LIYE QURAN NE KATE HONE KA KAHIN ZIKR NAHIN HAI..TO ISLAM MEIN CIRCUMCISED HONA COMPOLSORY NAHIN HAI LEKIN YE EK BAHUT BARHA 'SUNNAH' HAI JO HARR MUSLIM KO KARNA CHAHIYE AUR PROPHET MOHD (PBUH) TOLD TO DO...
    AB SAWAL YE HAI KI NAVEEN SAHAB HAIN ITIHAAS KE STUDENT AUR YE PARH BHI WO RAHE HAIN JO INHE KHUD NAHIN PATA KI GHALAT HAI YA SAHI..AUR YE SAB BATEIN JAB KI HI PARH RAHE HAIN JAB INKE BAAP DADA BHI NAHIN PAIDA HUE HOIENGE TO YE KYA ISLAM SAMJHAYEINGE HAI NA YASIN BHAI..HAHAHA...AUR AAJ MEDICAL SCIENCE KEHTI HAI KI CIRCUMCISED HONE SE PENIS CANCER KABHI NAHIN HO SAKTA AUR EVEN AIDS KE CHANCES BHI 50% KAM HO JATE HAIN..AUR USSKE ALAWA BHI KOI GUPT ROG HONE KE CHANCES NA KI BARA BAR REHTE HAIN...YE MAIN NAHIN AAAPKI SCIENCE KEHTI HAI AUR BECHARE ITIHAAS WALE SCIENCE KYA JANEIN AUR CHALE AAYE YAHAN BATEIN KARNE...

    LAST MEIN NAVIN TIYAGI KE KUCH BOL YAHAN MENTION KARNA CHAHUNGA JO UPER POST MEIN LIKKHA HAI AAPNE...LIKKHA HAI 'अब नवीन त्यागी जी तुमको समझाने यहाँ नहीं आते ' ISS BAAT SE SAAF HAI KI NAVIN TIYAGI JI MAIDAN CHORH KAR BHAAG GAYE AUR YAHI FARK HAI BHAI NAVIN TIYAGI KI HUM MUSLIMS AAJ BHI AAPKO ISLAM SAMJHANE KI KOSHISH KAR RAHE HAIN AUR KARTE RAHEINGE..AAAP HUMARI TARAF SE DAWATE ISLAMI MEIN AAJ BHI INVITED HAIN APNE KISI BHI QUESTION KE SAATH..HUM AAPKI TARAN NAHIN LIKHNE WALE KI MAIN SAMJHANE NAHIN AAUNGA AUR HUM SAMJHA NAHIN SAKTE'' AAP PYAR SE SAMJHEIN TO AAPKI SAMAJH MEIN ZAROOR AAYEGA YE BAAT ALAG HAI KI AAAP DHEED BAN KAR FACT NA MAIEIN...
    MY EMAIL ID IS 'ANSWERINGNONMUSLIMS@GMAIL.COM'
    STILL WAITING FOR ANY QUESTION FROM NAVIN TIYAGI OR ANY OTHER NON MUSLIMS....
    AGAR ITNE SACCHE HO TO LAAAO PROOFS KYON YASIN BHAI....:D

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  127. sahi baat kahi aapne nitin navin k chamche
    tumhare bare me yahi sochta tha fir khayal aaya ke tum to usse bhi badtar ho.
    fir mene tumhari vajahse bhens or ghadhe ka aapmaan nahi kiya q ki tumse jyada to unki ijjat he
    meri soch galat na ho to aap bhens ke bare me jyada jaante ho ke use kya bura lagega ky a achha? koi relationship he kya.
    ok. aapne khud aapne aap ko sabit kar diya to muje or kuchh likhne ki jarurat nahi he.

    or 1 point or agar tum bohat samju or akkalmand he to mere or aatifbhai ke comment ka sahi reply q nahi karte. or bekaar me bakwass karte rehte ho.

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  128. sahi kaha aatifbhai
    aap barbaar unko challenge karte ho. lekin vo kya reply denge unke pass kuchh he hi nahi.
    aapne kata hva(sunnat) badi achhi tarike se samjaya e
    mere pass or bhi tarika he lekin muje nahi lagta ke aapke comment ke baad vo pesh karu
    or aatif bhai ese adhure itihas vale to bahut aaye or medan chhod ke kaha bhag gaye aaj tak kissiko pata bhi nahi chala.
    for...navin & nitin
    kon kon chhod gaye ho to tumhare pass internet to he hi pata karlo, tum ginte ginte thak jaoge.
    ha ginne se pehle yaad rakhna ke aapna naam na bhul jaye us list me.
    ok, aatifbhai or sab thik he na
    bas hamare liye duaa kijiyega
    ok.khudahafiz

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  129. AS SALAAM W ALAIKUM YASIN AUR ATIF BHAI.

    nitin tyagi tu ne ye blog "QURAN" ke ayaato par likha tha aur tu baat ko kha se kha le kar jaraha hai teko dimaag bhi hai ya tu bewaqoof hai jo bhi puchna hai "QURAN" ke baare main puch tere saare chamche to tera saath chod kar bhag gaye kyunki unki samajh main agaya tu akela bacha aur tere jaise bewaqoof ko saari zindagi bhi samjhao to bhi samajh nahi ayenga. yasin aur atif bhai ye ek pagal hai isko samjha kar kuch faida nahi kyunki jab hamare "NABI" inke pagal baap dadao ko nahi samjha sake tu ye to unse bhi badh kar hai to hum kaise samjha sakte hai.chod do is pagal ko uske haal par.aur pagal logo ko satana thik bhi nahi hai.

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  130. Allah ka shukr hai sameer bhai aur yasin bhai..aaplogo ne bilkul sahi kaha..aur ab main wait kar raha hun ki inmein se koi aur aaye apne sawal lekar..i m ready to give them answers..aur abhi to humne inse sawal kiye hi nahin aur ye maidan chorh bhage hahahaaaa

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  131. bilkul sahi kaha atif bhai allah ke fazal se in sab ke mun band ho gaye kidhar bhag gaya ye naveen tyagi aur uske chamche

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  132. ASSALAAM W ALAIKUM ATIF BHAI

    KYA AAP MUJHE BATA SAKTE HAI KI QURAN MAIN JO MUNAFIKIN KAHA GAYA HAI WO KAUN HAI

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  133. Walekum salam sameer bhai...
    Munafiq ke mayne hote hain wo shaks jo aaapke saaamne aaapki si kahe aur peeche aapki khilafat karta ho...
    humare pyare nabi jab islam ko duniya mein roshan kar rahe the to kuch log aise bhi the jo rasool ke samne unnse kehte the ki hum aapke saath hain aur baki phir saari khabrein aur jasoosi karke rasool e kareem ke dushmano ko unnki khabar dete the....to munafikin wo log hain jo samne kahein ki rasool hum aapke saath hain aur jabki wo pakhandi hote hain...quran mein aisi kai aayete sure nisa chapter no.4, surah bakhra chapter no.2 aur bhi kai jagah clearly allah ne bataya hai aur aise logon ke liye azaaab tayyar hai...hope this answers the question...regards atif khan...

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  134. or in short ye bhi keh sakte hain wo jo muslims ka attitude rakhte hon aur asal mein unnke dil mein kufr ho...

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  135. इस समय विश्व का शायद ही कोई देश होगा जो इस्लामी आतंक से त्रस्त नहीं हो , अथवा जहां मुसलमान देश विरोधी गतिविधियाँ नहीं चला रहे हों .इससे कई देशों की अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है .और रोज हजारों निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं .काफी विचार करने के बाद लोग इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि आतंक की जड़ केवल वर्त्तमान कुरआन है .क्योंकि मुहम्मद तो मर चुका है .लेकिन आज भी कुरआन की शिक्षा के कारण रोज रोज नए आतंकवादी ,अपराधी ,और देशद्रोही बन रहे हैं .जब मुस्लिम विद्वानों से कहा गया कि वे कुरआन की वे आयतें बच्चों को न पढाये जिस से बच्चे आतंकवादी बनते हैं ,या कुरआन में संशोधन कर दें .ताकि दुनिया के लोग शांति से जी सकें .लेकिन मुल्ले मौलवी नहीं माने .और बोले कि ऐसा नहीं हो सकता .


    फिर लोगों ने विवश होकर कुरान को जलाने की योजना बनाई .ताकि दुनिया भर के लोगों को बताया जाए कि कुरआन की हकीकत क्या है .जब कुरआन को जलाने की बात चली तो हमने उसका विरोध किया था .क्योंकि इससे वातावरण प्रदूषित होता .हमने सुझाव दिया था कि कुरआन का खंडन करने के लिए वैचारिक युद्ध किया जाये .और उसमे सारे देश शामिल हों .

    चूंकि मुसलमानों का दावा है ,कि कोई भी व्यक्ति कुरआन जैसी किताब नहीं बना सकता .जैसा खुद कुरआन में लिखा है -

    "यदि जिन्न और इंसान इकट्ठे हो जाएँ तो ,कुरआन जैसी किताब नहीं बना सकते .सूरा -बनी इस्राइल 17 :88


    "कहदो ,तुम इस कुरान जैसी सिर्फ दस सूरतें बनाकर लाओ ,और किसी को बुला लो .यदि तुम सच्चे हो .सूरा -हुद-11 :13


    "यदि किसी को शक हो ,कुरान जैसी एक सूरा बना कर दिखाओ ,सूरा -अल बकरा -2 :23

    लेकिन आप सबको यह जानकर हर्ष होगा कि इन सारे दावों को झुठलाते हुए एक नयी कुरआन नाजिल हो चुकी है जो दुबई में पढाई जा रही है इस का नाम الفرقان الحق "अल फुराकानुल हक़ "यानी सच्ची कुरआन .अंगरेजीमें "The True Furqan "है

    इस फुरकान में कुरआन की वे सारी आयतें निकाल दी गयीं है जो ,आतंक ,हिंसा ,नफ़रत ,अत्याचार सिखाती थीं .इसलिए फुरकान में केवल वही आयतें हैं जो मानवता कि बात सिखाती हैं .फुरकान में "बिस्मिल्ल्लाह "की आयत भी नहीं हैं इसी लिए फुरकान को इस सदी की कुरआन भी कहा जा रहा है "The 21 st Century furakan "इस फुरकान का विश्व भर में स्वागत हो रहा है ,यहांतक दुबई कि इस्लामी सरकार फुरकान को प्राथमिक कक्षा के बच्चों को पढ़ा रही है ,ताकि वे आतंकवादी न बनें

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  136. Reply to Mr. Ali.....

    SABSE PEHLI BAAT TO AAAP KA NAAM ALI HAI HI NAHIN AND YOU ARE NOT MUSLIM...
    AUR BARHE HI AFSOOS KI BAAT HAI KI AAP APNE AAPKO SHISHTACHARI AUR SADACHARI BOLTE HAIN...
    ISS POORE BLOG MEIN MAINE KAHIN BHI KISI BHI RELIGION KO NA TO BURA KAHA HAI NA HI APSHABD KAHEIN HAIN...
    ANSWER COMES FROM GLORIOUS QURAN...
    Surah Ale-'Imran CHAPTER NUMBER 3 VERSE NUMBER 64-71 IT SAYS...
    Say: "O people of the Book! come to common terms as between us and you: that we worship none but Allah; that we associate no partners with Him; that we erect not from among ourselves Lords and patrons other than Allah." If then they turn back say: "Bear witness that we (at least) are Muslims (bowing to Allah's will)."
    AUR ALI SAHAB AAPKA NAAM LETE HUE SHARM AA RAHI HAI JISS QURAN KI AAP BAAT KAR RAHE HAIN WO QURAN TO DUBAI MEIN KYA DUNIYA KE KISI KONE MEIN NAHIN PARHAYA JA SAKTA HAI..AAPKI JANKARI KE LIYE BATA DUN KI YE WO QURAN HAI JO JEWS AUR CHIRISTIANS NE MUSLIMS KO GUMRAH KARNE KE LIYE BANAYA HAI...
    AUR RAHA SAWAL JAHAN TAK ATANKWAAAD KA TO YE SIRF WESTERN MEDIA NE ISLAM KO BADNAAM KARNE MEIN SABSE BARHA ROLE PLAY KIYA HAI...
    OPEN CHALLENGE TO MR ALI...
    MR ALI AAAP CHAND AAYTEIN LEKAR AA GAYE QUARN KI JISSMEIN AAP DIKHA RAHE HAIN KI QURAN LARHAYI AUR JHAGRHA SIKHATA HAI..DUNIYA MEIN LARHAYI AUR JHAGRHE KI SABSE ZYADA EMPESISE KARNE WALI KITAAAB TO 'MAHABHARAT' HAI..USSKE BAREIN MEIN AAAPKA KYA KHAYAL HAI...
    AUR JAB QURAN NE KEH DIYA HAI KI SOORAT BANA LAO TO LAAKAR DIKHA DO HAHAHAH...
    AUR JAB NAHIN LA SAKTE HO TO GHALAT QURAN LAGE BANANE....
    MAIN DUBAI MEIN PICHLE TEEEN SAAAL SE KAAM KAR RAHA HUN AUR EK BAAT AUR BATA DUN AAPKO MR ALI...YAHAN PAR HARRR WO WEBSITE JO ISLAM KE BAREIN MEIN GHALAT INFORMATION DETI HO BLOCK HOTI HAI...AUR AGAR MAINE MAHABHARAT SE AAPKO SHLOK AUR SAYINGS LAKAR DIKHA DIN TO DO CHAAR KITABEIN CHAAAP SAKTA HUN TERRORISM PAR..LEKIN MAIN AISA NAHIN KARUNGA...GHALAT TAREEKSE PESH KARUNGA TO MAHABHARAT HI TERRORISM KI POORI KITAAAB LAGNE LAGEGI...LEKIN MAIN AISA NAHIN KARNA CHAHTA BECZ ISLAM IS THE RELIGION OF PEACE AND LOVE....YE BAAT ALAG HAI KI AAAP FACT MANNE KO TAYYAR HI NA HON JAISE KI AAAP KABHI HOTE BHI NAHIN HAIN....HOPE THIS ANSWERS THE QUESTION....THANKS AND REGARDS ATIF KHAN....

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  137. Aur jiss quran ki aap baat kar rahe hain main pehle hi usske bare mein parh chuka hun agar aap parhna chahte hain to parh sakte hain...

    http://thetruefurqan.com/

    aur agar yahan parh kar bhi tassali na ho to yahan parh lein :D

    http://en.wikipedia.org/wiki/The_True_Furqan

    Aur Mr. ALI WHAT EVER YOU ARE AND I DONT WANT TO SAY YOU ALI ANYMORE...
    DUNIYA MEIN KOI KITAAB AISI NAHIN KI JISSMEIN GOD KO SIRF CHAAR LINES MEIN ITNI KHOOBSOORTI SE DIFINE KIYA HO AGAR HAI TO LAA KAR DIKHAO...
    QURAN SAYS IN SUREH IKHLAAS CH.NO 112 VERSE 1-4
    1 Qul huwa Allahu ahad
    2 Allahus-samad
    3 Lam yalid walam yulad
    4 Walam yakun lahu kufuwan
    Say: He is Allah, the One and Only!
    Allah, the Eternal, Absolute;
    He begetteth not nor is He begotten.
    And there is none like unto Him.

    Aur Hum ussi alllah ki baat kar rahe hain jisske bare mein aaap ki bhagwat geeta kehti hai....
    It is mentioned in Bhagavad-Gita 11:43 that...

    You are the One Creator of all the worlds,
    and of that which moves and that which does not move,
    You alone are fit for worship, You are the highest Teacher,
    In all the worlds there is none equal to You.
    Sab jagah oneness of GOD ki hi baat ki gayi hai and that is no doubt ALLAH (SWT)....
    Aur sharam ki baat ye bhi hai ki aap apna character aise bhi dekh lein ki aap muslim ke naam ka sahara lekar kaise badnaam kar rahe hain islam ko taki aaapmein se hi kal ye keh sakein ki dekho ye bhi muslim hai...shame on you...May ALLAH Pardon alll of our sins and give paradise in hereafter...
    Aaapne baat ki hai uss The TRUE FURQAN ki jo ki americans aur jews ne banaya hai...ab iss blog mein pehle main ye sabit karunga ki kaise america ne apne hi WORLD TRADE TOWERS APNE AAP GIRAYE AUR PHIR ISLAM KO KAISE AATANKWAAD KA NAAM DEKAR AUR IRAQ,AFGHANISTAN AUR AB IRAN JAISE MULKON PAR KABZA KIYA YA KARNE KI TAYYARI BANA RAHA HAI..DUNIYA JANTI HAI KI AMERICA KI NAZAR MUSLIMS KI USS NEYMAT PAR THI JO ALLAH (SWT) NE UNHE BAKHSHI HAI AUR WO HAI 'PETROL"...AGAR AAPKO PROOFS CHAHIYEIN TO MAIN AAPKO PROOOFS DE SAKTA HUN KI 9/11 WAS AN INSIDE JOB ITSELF BY AMERICA...AUR AGAR CHAHYEIN TO AAP PROOF KARWA LEIN AUR PHIR KABHI AAAPKE PAAS ALFAAAZ NAHIN HOYEINGE ISLAM KO AAATANKWAAD SE JORHNE KO...

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  138. HARAMI ALI APNE NAAM SE ALI NIKAL DE TU MUSALMAN HO HI NAHI SAKTA.

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  139. repply to atif khan, aapne jo likha jisse pata chalta hai ki aapne bed,gita ka gahan adhyan kya mujhe bahut khussi hui.aur aap man hi man jarur feeling karte honge ki vastav me islam dharma aur hindu dharma me kya diffrence hai dono ka updesh kya hai.ek hinsa to dusra ahinsa ko support karta hai ye dono dharma me kitna aasman aur jamin ka fark hai aur ye dono dharma ke samuday ke log[ek dev ek danav ke tulya hai sahi me ye ek dusre ke dusman ke siviy aur kuch rista ho hi nahi sakte]kabhi bhi ek banke ,ek jagah rahna osambhav hi hai.aap ye sab soch ke bhi ye sachai ko najarandaz karte huye aap islam dharm ke paksh me hi bol rahe hai ye wahi karte hai jiski budhhi varasta ho jatia hai jo sachai ko jante huye bhi najarandaj kar dete hai.mai aapko isliye bol raha hu ki aap muslim hoke bhi hindu dharma granth ka adhyan kya.aur mujhe ummid hai ki mere in sare bato ka aap par achha reaction hoga.

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  140. Reply to mr naveen from Atif khan:

    Maine sirf hindu dharm ka hi addhyan nahin kiya hai mere dost, balki Chiristianity,Jewdism,Sikhism aur bhi kai dharmon ka addhyan kiya hai...Aur raha sawal jahan tak mere ander aqal ka to aaapko bata dun ki Addhayn sirf issiliye kiya ki kaun sa religion kya kehta hai...maine uper bhi likkha hai aap blog mein parh sakte hain ki hindusm mein ideol worship mana hai..ye main nahin kehta aapka hi dharm kehta hai ..aap hi ke upnishad aur vedas kehte hain...Koi bhi tark agar main Quran se nikaal kar bataunga to aaap nahin maneinge issmein koi barhi baaat nahin hogi balki Barhi baat to wo hogi ki jab main aaapke hi dharm se nikaaal kar wo baat aapke samne prastut karunga aur aaap phir bhi usse nahin maneinge tab aaap sharminda hoyeinge aur apni haar bhi maneinge..aaap blog mein uper parhien aur mujhe batayein ki jo vedas aur upnishads mein se maine aapko bataya ussmein se aaap kya follow karte hain...
    Aur raha jahan tak sawal addhyan ka addhyan ka matlab ye nahin hota ki Hum usse pooori taran maanein kabhi kabhi addhyan hum kisi cheez ke comparision ke liye bhi karte hain...jaisa ki shuru mein aaapke hi bhai Naveeen tiyagi ne kaha ki unhone bhi Quran ka addhyan kiya hai to kya wo quran ko bhi manne lage ..offcourse not...Aur maine jo scientific facts quran se nikaal kar diye aaap ka dimaag kahega ki ye sahi hain lekin aaaap ka mannn ussse manne ko tayyar nahin hoga to aaapne jo baat mujhpar kahi ki sacchayi ko nazar andaaz karte hue aap islam ka paksh le rahe hain aaaap par bhi laagu hoti hai..Aur agar dekha jaye to aaap logo ne koi bhi prooofs nahin diye jabki maine bahut se prooofs diye...aaap sirf apni baton se kataksh karte rahe jabhi main sacchayi batta raha wo bhi aaaphi ki dharmik kitabon mein se...Aaap apni dharmik kitabon ki baat to maan nahin rahe to Quran ko kya define karienge...In future aaapko khula challenge hai ki aaaap aayein aur uper ek verse bhi likkhi hai quran ki maine..ki lets come on the common term....Kisi bhi topic ko lekar discussion karein lekin prooofs ke saaath na ki baton ke kataksh ke saaath...Hope in future you will give authentic proofs..
    Maine poore blog mein hindusm ko kahin ghalat sabit karne ki koshish ya bura nahin kaha hai..
    balki wo kiya hai jo aaap logo ke dil mein islam ko lekar ghalat fehmiyan hain unhein dooor karne ki koshish ki hai...
    Aur aaap poore blog mein islam ko hi bura bananne ki koshish ki hai....

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  141. Aur aaaplogon ke aaadharsh dekhte hain islam ke baarein mein kya kehte hain....

    इस्लाम के बारे में भारतीय ग़ैर-मुस्लिम विद्वानों के विचार

    इस्लाम के बारे में दुनिया के बेशुमार विद्वानों, विचारकों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और इतिहासकारों आदि ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। इनमें हर धर्म, जाति, क़ौम और देश के लोग रहे हैं। यहाँ उनमें से सिर्फ़ भारतवर्ष के कुछ विद्वानों के विचार उद्धृत किए जा रहे हैं:



    स्वामी विवेकानंद (विश्व-विख्यात धर्मविद्)
    ‘‘...मुहम्मद (इन्सानी) बराबरी, इन्सानी भाईचारे और तमाम मुसलमानों के भाईचारे के पैग़म्बर थे।...



    मुंशी प्रेमचंद (प्रसिद्ध साहित्यकार)
    ‘‘...जहाँ तक हम जानते हैं, किसी धर्म ने न्याय को इतनी महानता नहीं दी जितनी इस्लाम ने।...



    रामधारी सिंह दिनकर (प्रसिद्ध साहित्यकार और इतिहासकार)
    जब इस्लाम आया, उसे देश में फैलने से देर नहीं लगी। तलवार के भय अथवा पद के लोभ से तो बहुत थोड़े ही लोग मुसलमान हुए, ज़्यादा तो ऐसे ही थे जिन्होंने इस्लाम का वरण स्वेच्छा से किया।...



    अन्नादुराई (डी॰एमके॰ के संस्थापक, भूतपूर्व मुख्यमंत्री तमिलनाडु)
    ‘‘इस्लाम के सिद्धांतों और धारणाओं की जितनी ज़रूरत छठी शताब्दी में दुनिया को थी, उससे कहीं बढ़कर उनकी ज़रूरत आज दुनिया को है,...



    प्रोफ़ेसर के॰ एस॰ रामाकृष्णा राव (अध्यक्ष, दर्शन-शास्त्र विभाग, राजकीय कन्या विद्यालय मैसूर, कर्नाटक)
    ‘‘पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) की शिक्षाओं का ही यह व्यावहारिक गुण है, जिसने वैज्ञानिक प्रवृत्ति को जन्म दिया।...



    वेनगताचिल्लम अडियार
    ‘‘औरत के अधिकारों से अनभिज्ञ अरब समाज में प्यारे नबी (सल्ल॰) ने औरत को मर्द के बराबर दर्जा दिया।...



    विशम्भर नाथ पाण्डे भूतपूर्व राज्यपाल, उड़ीसा
    क़ुरआन ने मनुष्य के आध्यात्मिक, आर्थिक और राजकाजी जीवन को जिन मौलिक सिद्धांतों पर क़ायम करना चाहा है उनमें लोकतंत्र को बहुत ऊँची जग हदी गई है



    तरुण विजय सम्पादक, हिन्दी साप्ताहिक ‘पाञ्चजन्य’ (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पत्रिका)
    ‘‘...क्या इससे इन्कार मुम्किन है कि पैग़म्बर मुहम्मद एक ऐसी जीवन-पद्धति बनाने और सुनियोजित करने वाली महान विभूति थे जिसे इस संसार ने पहले कभी नहीं देखा?



    एम॰ एन॰ रॉय संस्थापक-कम्युनिस्ट पार्टी, मैक्सिको कम्युनिस्ट पार्टी, भारत
    ‘‘इस्लाम के एकेश्वरवाद के प्रति अरब के बद्दुओं के दृढ़ विश्वास ने न केवल क़बीलों के बुतों को ध्वस्त कर दिया बल्कि वे इतिहास में एक ऐसी अजेय शक्ति बनकर उभरे जिसने मानवता को बुतपरस्ती की लानत से छुटकारा दिलाया।


    राजेन्द्र नारायण लाल (एम॰ ए॰ (इतिहास) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय)
    ‘‘...संसार के सब धर्मों में इस्लाम की एक विशेषता यह भी है कि इसके विरुद्ध जितना भ्रष्ट प्रचार हुआ किसी अन्य धर्म के विरुद्ध नहीं हुआ।


    लाला काशी राम चावला
    ‘‘...न्याय ईश्वर के सबसे बड़े गुणों में से एक अतिआवश्यक गुण है। ईश्वर के न्याय से ही संसार का यह सारा कार्यालय चल रहा है।

    पेरियार ई॰ वी॰ रामास्वामी (राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत, द्रविड़ प्रबुद्ध विचारक, पत्रकार, समाजसेवक)
    ‘‘...हमारा शूद्र होना एक भयंकर रोग है, यह कैंसर जैसा है। यह अत्यंत पुरानी शिकायत है। इसकी केवल एक ही दवा है, और वह है इस्लाम।



    डॉ॰ बाबासाहब भीमराव अम्बेडकर (बैरिस्टर, अध्यक्ष-संविधान निर्मात्री सभा)
    ‘‘...इस्लाम धर्म सम्पूर्ण एवं सार्वभौमिक धर्म है जो कि अपने सभी अनुयायियों से समानता का व्यवहार करता है।



    कोडिक्कल चेलप्पा (बैरिस्टर, अध्यक्ष-संविधान सभा)
    ‘‘...मानवजाति के लिए अर्पित, इस्लाम की सेवाएं महान हैं। इसे ठीक से जानने के लिए वर्तमान के बजाय 1400 वर्ष पहले की परिस्थितियों पर दृष्टि डालनी चाहिए,



    Agar aur kuch prooof bhi chahiye to batao....my email is answeringnonmuslims@gmail.com

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  142. repply to rahul, harami rahul tum yato bro-sist,fath-daug,ke duara janma hua nasla ka hoga tum hindu ho hi nahi sakta agle baar sahi naam ke saath aana.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  143. माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर गुरू जी
    पाकिस्तान बनने के पश्चात जो मुसलमान भारत में रह गए हैं क्या उनकी हिन्दुओं के प्रति शत्रुता , उनकी हत्या , लूट दंगे, आगजनी , बलात्कार , आदि पुरानी मानसिकता बदल गयी है , ऐसा विश्वास करना आत्मघाती होगा । पाकिस्तान बनने के पश्चात हिन्दुओं के प्रति मुस्लिम खतरा सैकड़ों गुणा बढ़ गया है । पाकिस्तान और बांग्लादेश से घुसपैठ बढ़ रही है । दिल्ली से लेकर रामपुर और लखनउ तक मुसलमान खतरनाक हथियारों की जमाखोरी कर रहे हैं । ताकि पाकिस्तान द्वारा भारत पर आक्रमण करने पर वे अपने भाइयों की सहायता कर सके । अनेक भारतीय मुसलमान ट्रांसमीटर के द्वारा पाकिस्तान के साथ लगातार सम्पर्क में हैं । सरकारी पदों पर आसीन मुसलमान भी राष्ट्र विरोधी गोष्ठियों में भाषण देते हें । यदि यहां उनके हितों को सुरक्षित नहीं रखा गया तो वे सशस्त्र क्रांति के खड़े होंगें ।
    -बंच आफ थाट्स पहला आंतरिक खतरा मुसलमान पृष्ठ १७७-१८७


    गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर
    ईसाई व मुसलमान मत अन्य सभी को समाप्त करने हेतु कटिबद्ध हैं । उनका उद्देश्य केवल अपने मत पर चलना नहीं है अपितु मानव धर्म को नष्ट करना है । वे अपनी राष्ट्र भक्ति गैर मुस्लिम देश के प्रति नहीं रख सकते । वे संसार के किसी भी मुस्लिम एवं मुस्लिम देश के प्रति तो वफादार हो सकते हैं परन्तु किसी अन्य हिन्दू या हिन्दू देश के प्रति नहीं । सम्भवतः मुसलमान और हिन्दू कुछ समय के लिए एक दूसरे के प्रति बनवटी मित्रता तो स्थापित कर सकते हैं परन्तु स्थायी मित्रता नहीं ।
    - रवीन्द्र नाथ वाडमय २४ वां खण्ड पृच्च्ठ २७५ , टाइम्स आफ इंडिया १७-०४-१९२७ , कालान्तर

    लाला लाजपत राय

    मुस्लिम कानून और मुस्लिम इतिहास को पढ़ने के पश्चात मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि उनका मजहब उनके अच्छे मार्ग में एक रुकावट है । मुसलमान जनतांत्रिक आधार पर हिन्दुस्तान पर शासन चलाने हेतु हिन्दुओं के साथ एक नहीं हो सकते । क्या कोई मुसलमान कुरान के विपरीत जा सकता है ? हिन्दुओं के विरूद्ध कुरान और हदीस की निषेधाज्ञा की क्या हमें एक होने देगी ? मुझे डर है कि हिन्दुस्तान के ७ करोड़ मुसलमान अफगानिस्तान , मध्य एशिया अरब , मैसोपोटामिया और तुर्की के हथियारबंद गिरोह मिलकर अप्रत्याशित स्थिति पैदा कर देंगें ।
    -पत्र सी आर दास बी एस ए वाडमय खण्ड १५ पृष्ठ २७५


    समर्थ गुरू राम दास जी
    छत्रपति शिवाजी महाराज के गुरू अपने ग्रंथ दास बोध में लिखते हैं कि मुसलमान शासकों द्वारा कुरान के अनुसार काफिर हिन्दू नारियों से बलात्कार किए गए जिससे दुःखी होकर अनेकों ने आत्महत्या कर ली । मुसलमान न बनने पर अनेक कत्ल किए एवं अगणित बच्चे अपने मां बाप को देखकर रोते रहे । मुसलमान आक्रमणकारी पशुओं के समान निर्दयी थे , उन्होंने धर्म परिवर्तन न करने वालों को जिन्दा ही धरती में दबा दिया ।
    - डा एस डी कुलकर्णी कृत एन्कांउटर विद इस्लाम पृष्ठ २६७-२६८


    राजा राममोहन राय
    मुसलमानों ने यह मान रखा है कि कुरान की आयतें अल्लाह का हुक्म हैं । और कुरान पर विश्वास न करने वालों का कत्ल करना उचित है । इसी कारण मुसलमानों ने हिन्दुओं पर अत्यधिक अत्याचार किए , उनका वध किया , लूटा व उन्हें गुलाम बनाया ।
    -वाङ्मय-राजा राममोहन राय पृष्ट ७२६-७२७

    श्रीमति ऐनी बेसेन्ट
    मुसलमानों के दिल में गैर मुसलमानों के विरूद्ध नंगी और बेशर्मी की हद तक तक नफरत हैं । हमने मुसलमान नेताओं को यह कहते हुए सुना है कि यदि अफगान भारत पर हमला करें तो वे मसलमानों की रक्षा और हिन्दुओं की हत्या करेंगे । मुसलमानों की पहली वफादार मुस्लिम देशों के प्रति हैं , हमारी मातृभूमि के लिए नहीं । यह भी ज्ञात हुआ है कि उनकी इच्छा अंग्रेजों के पश्चात यहां अल्लाह का साम्राज्य स्थापित करने की है न कि सारे संसार के स्वामी व प्रेमी परमात्मा का । स्वाधीन भारत के बारे में सोचते समय हमें मुस्लिम शासन के अंत के बारे में विचार करना होगा ।
    - कलकत्ता सेशन १९१७ डा बी एस ए सम्पूर्ण वाङ्मय खण्ड, पृष्ठ २७२-२७५


    स्वामी रामतीर्थ

    अज्ञानी मुसलमानों का दिल ईश्वरीय प्रेम और मानवीय भाईचारे की शिक्षा के स्थान पर नफरत , अलगाववाद , पक्षपात और हिंसा से कूट कूट कर भरा है । मुसलमानों द्वारा लिखे गए इतिहास से इन तथ्यों की पुष्टि होती है । गैर मुसलमानों आर्य खालसा हिन्दुओं की बढ़ी संख्या में काफिर कहकर संहार किया गया । लाखों असहाय स्त्रियों को बिछौना बनाया गया । उनसे इस्लाम के रक्षकों ने अपनी काम पिपासा को शान्त किया । उनके घरों को छीना गया और हजारों हिन्दुओं को गुलाम बनाया गया । क्या यही है शांति का मजहब इस्लाम ? कुछ एक उदाहरणों को छोड़कर अधिकांश मुसलमानों ने गैरों को काफिर माना है । - भारतीय महापुरूषों की दृष्टि में इस्लाम पृष्ठ ३५-३६

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  144. महर्षि दयानन्द सरस्वती
    इस मजहब में अल्लाह और रसूल के वास्ते संसार को लुटवाना और लूट के माल में खुदा को हिस्सेदार बनाना शबाब का काम हैं । जो मुसलमान नहीं बनते उन लोगों को मारना और बदले में बहिश्त को पाना आदि पक्षपात की बातें ईश्वर की नहीं हो सकती । श्रेष्ठ गैर मुसलमानों से शत्रुता और दुष्ट मुसलमानों से मित्रता , जन्नत में अनेक औरतों और लौंडे होना आदि निन्दित उपदेश कुएं में डालने योग्य हैं । अनेक स्त्रियों को रखने वाले मुहम्मद साहब निर्दयी , राक्षस व विषयासक्त मनुष्य थें , एवं इस्लाम से अधिक अशांति फैलाने वाला दुष्ट मत दसरा और कोई नहीं । इस्लाम मत की मुख्य पुस्तक कुरान पर हमारा यह लेख हठ , दुराग्रह , ईर्ष्या विवाद और विरोध घटाने के लिए लिखा गया , न कि इसको बढ़ाने के लिए । सब सज्जनों के सामन रखने का उद्देश्य अच्छाई को ग्रहण करना और बुराई को त्यागना है ।।

    -सत्यार्थ प्रकाश १४ वां समुल्लास विक्रमी २०६१

    स्वामी विवेकानन्द
    ऎसा कोई अन्य मजहब नहीं जिसने इतना अधिक रक्तपात किया हो और अन्य के लिए इतना क्रूर हो । इनके अनुसार जो कुरान को नहीं मानता कत्ल कर दिया जाना चाहिए । उसको मारना उस पर दया करना है । जन्नत (जहां हूरे और अन्य सभी प्रकार की विलासिता सामग्री है) पाने का निश्चित तरीका गैर ईमान वालों को मारना है । इस्लाम द्वारा किया गया रक्तपात इसी विश्वास के कारण हुआ है । -कम्प्लीट वर्क आफ विवेकानन्द वॉल्यूम २ पृष्ठ २५२-२५३

    गुरु नानक देव जी

    मुसलमान सैय्यद , शेख , मुगल पठान आदि सभी बहुत निर्दयी हो गए हैं । जो लोग मुसलमान नहीं बनते थें उनके शरीर में कीलें ठोककर एवं कुत्तों से नुचवाकर मरवा दिया जाता था ।
    -नानक प्रकाश तथा प्रेमनाथ जोशी की पुस्तक पैन इस्लाममिज्म रोलिंग बैंक पृष्ठ ८०

    महर्षि अरविन्द

    हिन्दू मुस्लिम एकता असम्भव है क्योंकि मुस्लिम कुरान मत हिन्दू को मित्र रूप में सहन नहीं करता । हिन्दू मुस्लिम एकता का अर्थ हिन्दुओं की गुलामी नहीं होना चाहिए । इस सच्चाई की उपेक्षा करने से लाभ नहीं ।किसी दिन हिन्दुओं को मुसलमानों से लड़ने हेतु तैयार होना चाहिए । हम भ्रमित न हों और समस्या के हल से पलायन न करें । हिन्दू मुस्लिम समस्या का हल अंग्रेजों के जाने से पहले सोच लेना चाहिए अन्यथा गृहयुद्ध के खतरे की सम्भावना है । ।
    -ए बी पुरानी इवनिंग टाक्स विद अरविन्द पृष्ठ २९१-२८९-६६६

    सरदार वल्लभ भाई पटेल

    मैं अब देखता हूं कि उन्हीं युक्तियों को यहां फिर अपनाया जा रहा है जिसके कारण देश का विभाजन हुआ था । मुसलमानों की पृथक बस्तियां बसाई जा रहीं हैं । मुस्लिम लीग के प्रवक्ताओं की वाणी में भरपूर विष है । मुसलमानों को अपनी प्रवृत्ति में परिवर्तन करना चाहिए । मुसलमानों को अपनी मनचाही वस्तु पाकिस्तान मिल गया हैं वे ही पाकिस्तान के लिए उत्तरदायी हैं , क्योंकि मुसलमान देश के विभाजन के अगुआ थे न कि पाकिस्तान के वासी । जिन लोगों ने मजहब के नाम पर विशेष सुविधांए चाहिंए वे पाकिस्तान चले जाएं इसीलिए उसका निर्माण हुआ है । वे मुसलमान लोग पुनः फूट के बीज बोना चाहते हैं । हम नहीं चाहते कि देश का पुनः विभाजन हो ।
    -संविधान सभा में दिए गए भाषण का सार ।


    बाबा साहब भीम राव अंबेडकर
    हिन्दू मुस्लिम एकता एक अंसभव कार्य हैं भारत से समस्त मुसलमानों को पाकिस्तान भेजना और हिन्दुओं को वहां से बुलाना ही एक हल है । यदि यूनान तुर्की और बुल्गारिया जैसे कम साधनों वाले छोटे छोटे देश यह कर सकते हैं तो हमारे लिए कोई कठिनाई नहीं । साम्प्रदायिक शांति हेतु अदला बदली के इस महत्वपूर्ण कार्य को न अपनाना अत्यंत उपहासास्पद होगा । विभाजन के बाद भी भारत में साम्प्रदायिक समस्या बनी रहेगी । पाकिस्तान में रुके हुए अल्पसंख्यक हिन्दुओं की सुरक्षा कैसे होगी ? मुसलमानों के लिए हिन्दू काफिर सम्मान के योग्य नहीं है । मुसलमान की भातृ भावना केवल मुसमलमानों के लिए है । कुरान गैर मुसलमानों को मित्र बनाने का विरोधी है , इसीलिए हिन्दू सिर्फ घृणा और शत्रुता के योग्य है । मुसलामनों के निष्ठा भी केवल मुस्लिम देश के प्रति होती है । इस्लाम सच्चे मुसलमानो हेतु भारत को अपनी मातृभूमि और हिन्दुओं को अपना निकट संबधी मानने की आज्ञा नहीं देता । संभवतः यही कारण था कि मौलाना मौहम्मद अली जैसे भारतीय मुसलमान भी अपेन शरीर को भारत की अपेक्षा येरूसलम में दफनाना अधिक पसन्द किया । कांग्रेस में मुसलमानों की स्थिति एक साम्प्रदायिक चौकी जैसी है । गुण्डागर्दी मुस्लिम राजनीति का एक स्थापित तरीका हो गया है । इस्लामी कानून समान सुधार के विरोधी हैं । धर्म निरपेक्षता को नहीं मानते । मुस्लिम कानूनों के अनुसार भारत हिन्दुओं और मुसलमानों की समान मातृभूमि नहीं हो सकती । वे भारत जैसे गैर मुस्लिम देश को इस्लामिक देश बनाने में जिहाद आतंकवाद का संकोच नहीं करते ।
    -प्रमाण सार डा अंबेडकर सम्पूर्ण वाग्मय , खण्ड १५१

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  145. Aur phir bhi aaaj MUSLIMS Duniya mein sabse zyada hain aur Allah ke fazal se duniya par raaaj kar rahe hain :D...Hinduism sirf india mein hai wo bhi 65% allah ne burai ko ek jagah hi sameth kar rakh diya hai..apna itihaas parho jakar aur dekho ki tumhari tadaad kya thi aur kitni si reh gayi...saari duniya to muslim ho gayi....

    Prophet Muhammad (pbuh) is told in your Bhavishya purana:
    According to Bhavishya purana in the Prati Sarag Parv 3,khand 3 Adhyay 3,shalokas 5 to 8..
    'A Malechha (belonging to a foreign country and speaking a foreing language) spiritual teacher will appear with his companions,His name will be Mohammad.
    1.The name of the prophet is clearly mentioned here mohommed...
    2. Special mention is made for the compainions and no other prophet had as many as compainions i.e sahabas like Prophet mohd (pbuh)He reffered as the pride of human kind and quran also says that Prophet is made for whole human kind....
    Muhammad (pbuh) prophesised in Bhavishya purana in the pratisarg parv 3,khand 3adhyay 3,shalokas 10 to 27 and maharishi vyas has prophesied...
    ''The Malechha have spoiled the well known land of the arabs. Arya dharma is not to be found in the country. Before also there appeared a misguided fie and whom i had killed.he has now again appearedbeing sent by a powerful enemy.To show these enemiesthe right path and to give them guidance the well known muhammad (pbuh)....and it is mentiond further that the follwers will be circumcised without trail on their head and the will eat meat of authorised animals...they will call upon the prayers i.e. azan...aur kya kya sabooot chahyein main zyada lamba post likh nahin sakta mr. ali tumhara kya hai net par se search karte ho aur copy paste kar dete ho ...hahahaha

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  146. Main isss blog ke saaare bhayyon se appeal karta hun ki plz kisi ke liye kisi bhi tareeke ki koi bhi slang or abusive language ka use na karien....

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  147. kahan gaye sab koi ab iss blog ko aage barhana kyon nahin chahta kya ho gaya bhai logon :D
    Sahi jawab mil gaya to sabke sab chup kar ke baith gaye...kahan ho nitin aur naveen bhai koi aur tark ho to wo bhi le aaao :D

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  148. salam atifbhai
    aapka reply koi nahoi dega q ke kisike paas koi jawab hi nahi he.
    ok,khudahafiz
    duaa me yaad

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  149. jhute logo ka yahi anjam hota hai khuuda ne hame jeet de di.

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  150. walekum salam yasin bhai baat ye nahin hai ki meri baat ka jawab nahi hai..balki baat to ye hai ki sacchai ko koi jawab hi nahin hota...

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  151. reply to atif khan ek baat to aapne bilkul sahi kaha ki meri tadad bahut thi ab simat kar rah gaya.iska kya karan hai ye aap jaan ke bhi anjan kyo ban rahe hai.agar aap kul ke samne nahi aana chahte hai to mai clear kar deta hu.ek baat to saaf islam panth murti aur parkirti puja ke khilaf hai isse to saaf sabit ho hi raha hai ki iss panth ke pale murti aur parkirti puja hota tha aur christan ka bhi yahi mat hai to isse najarandaj nahi kiya ja sakta ki in dono panth se pahle koi dharma tha jo aaj bhi hai aur hamesha rahega bhi.ek baat satya hai ki satya,nyay, ahinsa,dharma,ke defnition islam panth me kuch aur hai aur sanatan dharma iski iska definition kuch aur hai.ye baat sahi hai ki adharm ke raasta asaan hai aur dharma ka raasta muskil hota hai so adharm ka raste par chalna majburi ho jaata hai. mai ind,afg,pak,bang,iraq,iran....ke90% muslim ko hindu hi manta hu bhale hi usska muslim banna majburi ho.aur ye bhi satya hi hai in desho me jitne bhi hindu bach gaye wo aaj bhi kisi ke aage nahi jhuke aur aap jhukne waale me se ek ho iss sachai ko bhale aap hamare samne accept na kare par aapka atma jhut nahi bol sakta.aapne jo upar me vidwano ke kathan ka warnan kiya hai aapne ye bhul gaye ki wo kiss khand kiss book me likha hai.jaise alli bhai ne unhi vidwano ke ke baare me khand pristh ke saath likha hai bhala ye kaise ho sakta hai ki ek aadmi do mat kaiise ho sakte hai ye to aapko samajhna chahiye.ek baat to saaf hai ki perient jo bache ko bachpan se sanskar deta hai ussi rste par chalta hai chahe wah dharma ke raste ho ya adharma isse koi fark nahi parta.ye baat saaf hai ki dharma ki paribhasa aapke najar me kuchh hai aur mere najar me kuch ye ussi sanskar ka hi natija hai isme aapka koi kasur nahi hai.

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  152. reply to atif khan,mai aapse kuch sawal karna chahta hu ummid hai ki sahi sahi jawab denge.1.islam me murti puja ko napak kyo mana jata hai?kya karan raha hoga?2.upar me diye gaye sabhi ayate se kya niskarsh nikalta hai?3.jihad ka kya matlab hota hai?4.love jihad ka kya matlab hai?5.kafir ka kya matlab hota hai?6.kaafir kisko kah sakte hai?7.gair muslim ke khilaaf jahar ugalne ka kya matlab hai?8.kuran me 4saadi kyon aniwarya hai?9.woman 4saadi kyon nahi kar sakta mard hi kyo?10.kya kaaran raha hoga? ye saare sawal kuraan ,hadis ke anusaar hi hai jo usme warnan kiya hua hai uske bahar ek bhi sawal nahi hai.ummid hai aap soch ke sahi sahi jawab denge.i m waiting............................

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  153. navven ji sayad aapne youtube pe video nahi dekhe honge.
    america jo maha satta par tha vo muslim se dusmani karne gaya allah pak ne use khalas kar diya, vaha 10 me se 5 ke paas job nahi he
    or rahi islam ki baat europe me aaj kal bohat log muslalmaan ban rahe he, to vo kya tumhari tarah bevakuf he. sayad tumse jayada unlogo ke pass anubhav he.
    or aaj europe or har jagah musalmaan badha rahe he.q ki vo jaan gaye he ki islam hi sachha dharm he.
    uppar aapne jo blog likha he vo na kisi taran ke baad he , vo aapne aapne maan ka zeher ugla he
    me nahi kahta ,aap ko yakin na ho to youtube ya dr.zakir naik ka lekha padh lo.
    haa lekin uske liye tumhe english aani chahiye, muje nahi lagta tum padhe likhe ho q is lekh or comment se aap anpadh gawar lagte ho.

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  154. navin tumhare sab sawal ke jawab mere pass he lekin me mere pass itna time nahi ke tum anpadh gawar ko samja saku. may be next time

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  155. duniya main islam ke siwa koi dharam nahi bachega.ye mera aap se wada hai naveen kumar zinda rahe to apne ankho se dekhlena.

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  156. reply to sameer aur yasin, mai aaplogo ko ye bata dena chahta hu ki mujhe faltu ke bakawash karne ka na hi aadat hai na hi mere paas time hi hai so mai jisse sawaal kiya hu wo hi jawab denge kyoki wo sabhi regional book ka study kar chuke hai.ye aapke bas ki baat nahi hai so agar aap mere sawalo ka jawab de sakte hai to thik hai nahi to aap apna kimti wakt west na kare.jaha tak islam ko aap dharma kah rahe hai wo dharma nahi panth hai.panth aur dharm me asman jamin ka difference hota hai.so aap aage se panth ko dharm kahke dharm ko badnam na kare.ek baat aapko bata du ki pahle ek hi dharma tha usse hi bahut panth hua hai aur bhi hoga futhure me.kal ek tha aaj 10 hai aur aane waale samay me 20 honge 25 honge yah silsila badhta jayega ye galat femi me na rahe ki sirf islam hi rah jayega.kal na hi islam,na hi christion,na hi baudh,na hi sikh,na hi parsi,na hi jain,.......tha aur aaj hai bhi aur aage aur hoga.jaha tak aapne mujhe gawar kaha hai to mai bata du ki mai angreg ka aulad nahi hu ki english me hi baat karu aur apni mother-language ko chor du.jaha ak islam banne ka sawal hai to wo mai upar me hi jawab de chuka hu gaur se padhe ki kyo islam,kyo christan,kyo baudh,kyo.....ban rahe hai.

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  157. tumhe faltu me bakwas karne ki adat nahi he to aab tak kya kar rahe the
    me tumhare sawala ka jawab dunga lekin me confuse hu ke tum na samaj ko itna samjane ke baad bhi samje nahi to or kese samjau.
    ok tumhare pehle sawala ka jawab
    1. murti haram q?
    q ki murti khud insaan ne aapne hatho se banayi he , vo kalpanik he.
    or aapne hatho se banayi huvi chiz ko pujte nahi
    or khuda ka koi chitr ya aakar nahi he.
    kya kahi dekha suna ya padha he ki insan ne aapne hato se khuda ko banaya ho or janm diya ho?

    abhi mere paass itna time nahi he ki me sab sawala ka jawab du. lekin me time nikal ke deta rahunga.

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  158. reply to naveen kumar jab se duniya bani hai tab se islam hai aur jab tak duniya rahengi tab tak islam bhi rahenga.jab tum jante ho ki atif bhai ne saari mazhab ki kitabe padhi hai to tum ko unki baat samajh main nahi aati kya.aaj tum ko hamare bich main bolne par bura lag raha hai to tum ne jo itne saare chamcho ko le kar aaye the unke baare main kya bolte ho jab bhi islam ke baare main koi galat ya jhut bolenga hum isi tarah jawab denge hum teen aaye the aur teen hai tumhare saare chamche tumhe chod kar bhag gaye aur tum akele bach gaye kyunki unke to samajh main aa gaya.

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  159. reply to yaasin aapne sahi kaha hai ki lord ka koi rup nahi hota mai bhi manta hu aur bed me bhi iska warnan hai.bt bed duapar aur tireta ke pahle likha gaya tha.baad me lords ke birth hone ke [lords ram,lords krishna...etc] baad se hi aaj tak ye silsila chal raha hai aur chalta hi rahega.bt aap lords sri ram,sri krishna ko to maanoge nahi to aapke sawal ka jawab dene ke babjud bhi nahi manoge kyo?bt aap ke panth me kisiki to lords mante ho aur ye bhi mante ho ki uska janma bhi hua aur dekha bhi hoga aapke purwaj.agar ye baat sahi hai to aap uska partima kyo nahi bana ke pujte ho.agar aisa nahi kar sakte ho to mujhe lagta hai ki aap dhong karte ho ki allah bhi hai aur kisi dusre dharma ke khilaf jahar ugalna bhi ho jay yaani ek tir me do sikaar kyo?bed me saaf kaha gaya hai ki jo dharma dusre dharma ka khilaaf karta hai wo dharma nahi kudharma hai.aur aap issi ke raaste chal rahe ho.to kahne ka matlab ye hua ki mere ist sawal ka jawaab bhi nahi de sake to baanki sawal ka jawab kya doge mai tumhe pahle hi kah diya tha ki ye tumhare bas ki baat nahi hai lekin tum logo ko to tang arane ki aadat hai aur mujhe hi na samjh kah rahe ho bastav me ulta jamana aa gaya hai.ha samay ho tabhi discus kare.

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  160. reply to sameer, mai aapko bata du ki jab duniya bana tha tab pahle jib jantu ka bikaas hua tab insan ka bikaas hua jo aaj bhi wah insan hamare bich maujud hai aur wo hai aadiwaasi log jo world me aaj bhi bahut sankhya me hai aur india me kuch state me hai aur usi ki biksit rup ham log hai wo aadiwaasi ko dekhne se aapko koi rok nahi sakta.use jake dekhe ki wo aaj bhi parkirti,murti puja hajaro lakho barso se karte aa rahe hai kam se kam meri baat nahi to apne hajaro laakho baras purb purbaj se to nasihat to le hi sakte ho ha agar aap ye samajh rahe hai ki mai biksit hoke upar se tapka hu to iska mere paas koi jawab nahi hai kisi ke paas bhi nahi ho sakta hai.jab insano ka bikaas hua to ek hi dharma tha usi se panth bana kisi ko puja karna majur tha kisi ko nahi tha wo panth hai jaise islam,christan,....aur kuch panth huye jaise baudh,jain,sikh,parsi...etc jo aaj bhi parkirti,murti puja me viswaas kar rahe hai kuch panth biswaas nahi karte jisme aap log hai. mujhe aisa lagta hai ki jiski budhi varasta ho jaati hai wo hi dharma change kar lete hai aur wo apne purwaj ko bhi bhul jaate hai aur wo baad me manne lagte hai ki mai upar se tapka hu kitni ghatia soch ho jata hai uske liya dharma,niyay,ahinsa ki paribhasa hi badal jata hai.lekin kuch log marte dam tak aisa nahi karte wastav me insan ke do rup hai lord ke samay me jab adharma tha to aaj to nahi hai adharma ke nahi hone ka sawal hi nahi paida hota.mujhe lagta hai ki aap samajh gaye honge.jaha tak aapne chamche ki baat kar rahe hai to aap atif ke chamche lagte hai aisa hai to atif ko kyo nahi bula lete kyoki aap dono mere sawalo ka jawab dene se asamarth hai aur hamesha rahenge.aaplog upar upar kyo tair rahe hai gahrai me jake baat kyon nahi karte hai agar knowlege nahi hai to knowlege le tab jake discus kare nahi to nahi.

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  161. Reply to Mr Naveen kumar...
    Sabse pehle to mere saare muslim bhayyon ko mera salam aur mere pyare hindu bhayyon ko mera aadab..
    main inndinon kuch busy tha issiliye blog par continue nahin kar saka...
    sabse pehle to main Naveen kumar ji ke sawalon ke ek ek kar ke jawab dunga...
    Naveen kumar ji ke sawal kuch iss taran se the..
    Ques no1. islam me murti puja ko napak kyo mana jata hai?kya karan raha hoga?2
    Islam mein murti pooja iss liye jayez nahin hai naveen bhai kyonki wo Ek patthar hai..Jiss murti ko aap apne haton se khud banate hain wo murti ko hi aap bhagwan kaise maan sakte hain jabki aap khud usske rachnakaar hain...
    The difference between hindusm and islam is only of 's'
    iss baat ko clear karte hain aayye naveen bhai ki hindusm aur islam mein 's' ka kya difference hai..
    According to hindus 'EVERYTHING IS GOD' & According to Islam 'EVERYTHING IS GOD'S '
    Humare hindu bhai samajhte hain ki harr cheez bhagwan hai for ex..cow is god,Ox is god,mice is god,wind is god,elephant is god,snake is god,sun is god,moon is god etc etc..jabki Islam mein sirf ek hi concept hai ki Harr cheez Allah ne banyi hai aur sabka malik Beshak Allah (SWT) HAI...
    To murti ya koi bhi bejaan cheez aapka bhagwan ya God nahin ho sakti hai..uper likkhi harr jagah mein god ko small 'g' se represent kiya hai isska matlab hai ki all these are fake gods...aur GOD kabhi fake nahin ho sakta hai...Naveen ji agar aapne poora blog sahi se parha hai to maine aapko referrences diye hain ki even aapke vedas aur scriptures mein bhi murti ya kisi natural ya kisi bejaan ya kisi bhi jaan dar cheez ko poojna mana hai..Hope this answers the question...

    Ques no 2. from naveen bhai.. was upar me diye gaye sabhi ayate se kya niskarsh nikalta hai?
    Isska jawab main aapko pehle hi de chuka hun agar aapne blog sahi se parha hai to...ki quran ki harr aayat alag alag samay mein nazil hui to halat aur logon ke hisaab se quran ne aayte pesh kin...maine aapka scripture mahabharat ka bhi example diya tha ki agar duniya mein koi sabse zyada war aur larhayi jhagrhe ko emphasis karti hui kitab hai to wo mahabharat hai..aap jakar slok parh lein usske..Wahan sri krishna ne jo bhi shlok kahe agar sirf aap parhne mein usska matlab nikaleinge to ussse yahi lagega ki ye larhai ke liye encourage karti hai lekin agar aap wo mahabharat ki larhayi satya aur asatya ke beech ke hisaab aur time ko nazar mein rakhte hue dekheinge to wo aapko sahi lageingi..same is with quran..hope this answers the question...
    Ques no.3 from naveen bhai was..3.jihad ka kya matlab hota hai?
    Jihad ka matlab hota hai to strive or to struggle..jhoot aur adharma ke liye larhna ya sangharsh karna that is called jihad...islam mein jihad ka matlab ye bilkul nahin hai ki kisi bhi non muslim ko qatal karna..Prophet mohd (pbuh) himself said in sayyah bukhari hadith no 1529 that if any non muslim is killed in any muslim country by any muslim if he was innocent than in that case the punishment is capital which means death punishment...aur unhone aage ye bhi kaha hai ki agar koi aisa karne par duniya ki adalat mein bach jata hai to ALLAH (SWT) ki adalat mein at the day of judgment (qayamat ke din) Prophet Mohd (pbuh) khud usske khilaf allah se punishment mangeinge aur Allah ki adalat mein usske khilaf case kareinge aur uss muslim ko usski saza dilwayeinge aap jakar quran aur hadith sahi se parhein then you will realise..terrorism ki islam mein koi jagah nahin it was western media to attach islam with terrorism...hope this answers the question...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  162. Reply to MR NAVEEN..CONTINUES....

    Ques no 5 from naveen bhai was..kafir ka kya matlab hota hai?6.kaafir kisko kah sakte hai?7
    maine pehle bhi bataya hai ki Kafir ka matlab hota hai QUFR KARNE wala basically Qufr is an arbic word which means not to accept what is written in Quran...to kafir ka matlab hota hai ki harr wo shaks jo khud ko muslim hi kyon na kehta ho agar quran ki ek bhi baat ko jhoota kehta hai to he is kafir..infact kafir is an arbic word which means a non muslim..aur issmein kya ghalat hai harr mazhab mein ek non hota hai..jaise ki hindu ya non hindu..christian ya non christian..sikh ya non sikh etc etc...to kafir koi gali ya ghalat lafz nahin in simple words its an arbic word which means a non muslim...hope this answers the question....

    Next question from naveen bhai was kuran me 4saadi kyon aniwarya hai?9.woman 4saadi kyon nahi kar sakta mard hi kyo?
    inn sare sawalon ke jawab main ek saath dunga aur alhamdolillah aaapke paas unmein se kisi ek baat ko ghalat nahin keh sakeinge aur ye baat alag hai ki agar aap sach ko na manein...
    Poori duniya mein sirf Quran hi ek aisi kitaab hai jo kehti hai ki Marry only one...sirf ek se shaadi karo...its my challenge even hindusm,chiristians aur kisi bhi religion ki kisi bhi kitab mein ye likkha hai to i m ready to accept that religion..sirf quran ke sure bakhra mein allah farmata hai ki ek se shaadi karo..ye aayat kuch iss taran se kehti hai..Marry only one or in twos or threes or fours only when if you could make justice to them..Aaapki jankari ke liye bata dun naveen bhai Quran mein 4 shaadi karna aniwariya nahin optional hai aur wo bhi jab jab aap sabke saath niyay kar sakein harr tareeqe se paise se,pyar se aur even sexual intercourse se tabhi aap 4 shaadiyan kar sakte hain nahin to its haram...
    aur jahan tak sawal mard aur aurat ka hai to usska jawab ye hai..ki alhamdollillah islam mein harr cheez insaani tareeke aur allah ne humare hukook ke hisaab se likkhi hai...Mard ko ye option iss liye diya gaya hai ki allah janta hai ki jise ussne banaya hai wo illigal sex karega issiliye isse option mein rakkha hai..aaj kitne hi log extra maritial affairs rakhte hain...even in hindusm aur chiristianity ki to aap baat hi nahin kar sakte hain..Isski ek wajah aur bhi hai naveeen bhai..

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  163. reply to naveen bhai continues....

    main aapse poochna chahta hun ki (bura nahin manna its an example) agar aapki khud ki behn aisi jagah hai jahan par 10 lacs aurtein hain aur 5 lacs mard hain aur unnsab se keh diya jaye ki apne partners chun lein to 5 lacs ko to partner mil gaye aur shadiyan bhi ho gayin lekin baki ki 5 lacs aurton ka kya hoga??? lets say ki ussmein aapki behn bhi hai to usska kya hoga??? usske aage teen hi option hain ya to wo saari umer kuwari rahe ya phir public property ban jaye...as per as i m concern about the medical truth that no woman can be virgin thoughout his whole life..saari zindigi koi aurat kuwari ji hi nahin sakti aisa medical science kehti hai...aur public property ka to matlab aap samajhte hi hain aur raha teesra option ki wo islam ke tareeke se aise aadmi se shaadi kar le jo pehle se shaadi shuda hai..mere khayyal mein third option is better aur hazar jagah quran mein allah ne likkha hai ki HE knows the truth..to usse pata tha ki aisa hoga issi liye ussne ye jayz kiya hai...aur raha sawal aurat ke do ya chaar shaadi karne ka to islam ye nahin kehta ki aurat doosri shaadi nahin kar sakti hai..aurat doosri shaadi kar sakti hai lekin apne current husband ke marr jane ke baad ya usse talaq ho jane ke baad..at a time ek se zyada husband iss liye nahin rakh sakti hai kyonki jo aulad hoyeingi aur jab wo school jayeingi to pata hi nahin chal sakega ki isska baap kaun hai...aur aapki medical science bhi ye kehti hai ki aurat agar ek time mein ek se zyada mardon se sexual intercourse karti hai to unusual deseases jaise ki AIDS etc ka failne ka khatra 100% rehta hai..aur phir main yahi kahunga ALLAH (SWT) Knows everything issiliye ussne islam mein harr cheez mukarrar karne ka ek maksad rakkha hai...aaap inn baton ko zara sochein aur batayein ki issmein ghalat kahan hai???? Aur phir bata dun ki ek se zyada biwi rakhna its optional aur aap ko justice bhi dena hai ye nahin ki aapne apne faide ke liye rakh liye aur use kar ke chorh diya..its haram...aur jaisa ki hum sab jante hain ki Sri ram ke father ki kitni wives thin??? 5 i think :D aur sri krishna ki kiti wives thin more than 16000 to aap bata dein ki aapko kya takleef hai naveen bhai islam mein to sirf 4 hain wo bhi sharton ke saath...Hope this answers the question aur mere diye gaye kisi bhi example ka matlab aap ghalat dhang se nahin lena...thank you...

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  164. bahut badhiya atif bhai .

    naveen ji atif bhai ne itne acche tarike se samjhaya hai ab to aap samajh gaye honge ki islam main sirf ek khuda ki ibadat karne ke liye kaheta hai islam ko galat tarike se dekhna chod dijiye.

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  165. Sameer bhai..sabse pehli ghalti to naveen bhai ne aisa blog bana kar ki hai..aap dekhiye shuru mein likhte hain ki mera iss blog ko bannane ka matlab kisi ko thes pahuchana nahin hai aur baad mein ye kar bhi rahe hain..maine kahin bhi inke dharam ko bura nahin kaha balki apne dharam ki goood things inhe batane ki koshish ki hai..Main manta hun kuch sangathan jaise ki al qaida aur taleeban terrorism kar rahe hain lekin wo muslims hain isssiliye unko itna highlight kar ke media badnaam karti hai islam ko...Naveen ji wo kehte hain na ki kisi bhi car ke gurhon ko usske driver se nahin parkha ja sakta hai waise hi islam ko aaap islam manne walon se nahin parakh sakte hain...aaapne uper bangladesh,pakistan etc jaisi countries ke bare mein to likh diya lekin unnn muslims ka kya jo duniya mein sabse zyada top par hain..kya aap jante hain naveen sahab ki saudi arab ke king fahad aapki england ki queen elizabeth ko 10 baar khareed sakte hain nahin jante to jake parh lein ya kisi se pooch lein...aaaj duniya mein abu dhabi ke paas sabse zyada paisa hai..Iraq ke jalwe sabne dekhe the 92 ki jung mein jab 28 countries ek hokar including america,australia etc larhe the iraq se phir bhi haar gaye the...baad mein jo kuch hua wo hum muslims ki naitte faqi aur gunahon ka nateeja tha...america ne apne towers khud urhaye aur ilzam osama par thok diya...iss baat ko bhi main sabit kar sakta hun..kahein to proofs de sakta hun...aur phir afghanistan par hamla kar ke kitne begunah mare kya wo terrorism nahin tha..aap america ko to terrorist nahin keh sakte..udhar israel ne palestine mein do do saaal ke bacche mare wo terrorism nahin tha...sirf bush india aaye aur paise dekar chale gaye to aap unki jai jai kaar karne lage aur kar rahe hain baat aap sanskaaron ki...aapka bollywood aaj kahan ja raha hai..almost blue films ban rahi hain..saari hindu actresses nangi hain..mallika,karina bipasha etc etc...unke sanskaar to nahin dikhte aapko lekin agar saniya mirza ne mini skirt mein tennis khel li to aap islam ko badnaam karne mein lag gaye...boliye kahan hain aapke bhartiye sanskaar...ek taraf to aaap sanskaron ki baat karte hain aur doosri taraf gujrat jaise dange bhi karte hain...RSS jaise sangathan bhi chalate hain...maowadi,Virrapan group,tamil tigers etc kya ye aatankwadi nahin hain inhe to kabhi aapne aatankwadi nahin kaha kyon kyonki ye hindu hain issliye...
    chorhiye naveen bhai aapne jo behes cherhi thi usske jawab aapko mil gaye aur main aapse apeal karta hun ki saaare muslims se maafi mangiye aur ye ghatiya blog bund kar dijiye...

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  166. Sameer bhai..sabse pehli ghalti to naveen bhai ne aisa blog bana kar ki hai..aap dekhiye shuru mein likhte hain ki mera iss blog ko bannane ka matlab kisi ko thes pahuchana nahin hai aur baad mein ye kar bhi rahe hain..maine kahin bhi inke dharam ko bura nahin kaha balki apne dharam ki goood things inhe batane ki koshish ki hai..Main manta hun kuch sangathan jaise ki al qaida aur taleeban terrorism kar rahe hain lekin wo muslims hain isssiliye unko itna highlight kar ke media badnaam karti hai islam ko...Naveen ji wo kehte hain na ki kisi bhi car ke gurhon ko usske driver se nahin parkha ja sakta hai waise hi islam ko aaap islam manne walon se nahin parakh sakte hain...aaapne uper bangladesh,pakistan etc jaisi countries ke bare mein to likh diya lekin unnn muslims ka kya jo duniya mein sabse zyada top par hain..kya aap jante hain naveen sahab ki saudi arab ke king fahad aapki england ki queen elizabeth ko 10 baar khareed sakte hain nahin jante to jake parh lein ya kisi se pooch lein...aaaj duniya mein abu dhabi ke paas sabse zyada paisa hai..Iraq ke jalwe sabne dekhe the 92 ki jung mein jab 28 countries ek hokar including america,australia etc larhe the iraq se phir bhi haar gaye the...baad mein jo kuch hua wo hum muslims ki naitte faqi aur gunahon ka nateeja tha...america ne apne towers khud urhaye aur ilzam osama par thok diya...iss baat ko bhi main sabit kar sakta hun..kahein to proofs de sakta hun...aur phir afghanistan par hamla kar ke kitne begunah mare kya wo terrorism nahin tha..aap america ko to terrorist nahin keh sakte..udhar israel ne palestine mein do do saaal ke bacche mare wo terrorism nahin tha...sirf bush india aaye aur paise dekar chale gaye to aap unki jai jai kaar karne lage aur kar rahe hain baat aap sanskaaron ki...aapka bollywood aaj kahan ja raha hai..almost blue films ban rahi hain..saari hindu actresses nangi hain..mallika,karina bipasha etc etc...unke sanskaar to nahin dikhte aapko lekin agar saniya mirza ne mini skirt mein tennis khel li to aap islam ko badnaam karne mein lag gaye...boliye kahan hain aapke bhartiye sanskaar...ek taraf to aaap sanskaron ki baat karte hain aur doosri taraf gujrat jaise dange bhi karte hain...RSS jaise sangathan bhi chalate hain...maowadi,Virrapan group,tamil tigers etc kya ye aatankwadi nahin hain inhe to kabhi aapne aatankwadi nahin kaha kyon kyonki ye hindu hain issliye...
    chorhiye naveen bhai aapne jo behes cherhi thi usske jawab aapko mil gaye aur main aapse apeal karta hun ki saaare muslims se maafi mangiye aur ye ghatiya blog bund kar dijiye...

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  167. Atif bhai.... aap ne sahi kaha hai.kyun naveen ji samajh main aaya jo atif bhai ne likha.aap log aisa kyu karte hai aap sirf islam ko hi kyun badnaam karte hai.aap islam ko jitna badnaam karenge woh utna hi phailenga.atif bhai "ALLAH" agar madad karne par utar aye to ye saari duniya ke kafir mil kar bhi musalman aur islam ka ek baal bhi baka nahi kar sakte.bas zarurat hai to "ALLAH" aur "NABI(SAW)"ki rassi mazbooti se pakadne ki.atif bhai chodiye hum ko fikr kar ne ki zaroorat nahi hai kyun k fikr karne wala to "ALLAH" hai woh sab janta hai kya hone wala hai.hame to bas apne nabi ki pairwi karni hai "ALLAH" hame iski taufiq de...AMEEN
    naveen ji aap ko bata du ki "ALLAH" jo insan ka dimag aur sochne samajh ne ki jo salahiyat di woh "ALLAH" ki zaat ke baare main soch bhi nahi sakta .khair atif bhaii ye logo ko to inki saza mil kar rahengi.naveen ji jab aap is duniya se rukhsat honge to marne ke kuch hi second baad hi aap ko pata chal jayenga k aap ne allah aur uske rasool aur uski aayaton ko jhutla kar kitni badi galti ki hai ."ALLAH" quran main farmate hai ki jis ne bhi meri aayaton aur mare rasoolo ko jhut laya unko khush khabri de do ki unke liye dardnak azaab tayyar hai"

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  168. han sameer bhai aapne bilkul sahi kaha..aur mere khayyal mein bahut sahi jawab diye gaye hain naveen sahab ko...ummed hai ki ab ye iss tareeke ke blogs par islam par koi comment nahin kareinge...chaar aayte parh kar chal diye poore islam ka nishkarsh nikalne...Quran ne aaj ki modern discoveries ko pehle hi bata diya hai aur wo beshak ALLAH (SWT) ke direct words hain...
    aur naveen sahab baat karte hain hindu dharm ki...
    open challenge hai naveen sahab aap hindu dharam ka naam apne kisi bhi scripture mein dikha dijiye main aapki baat manne ko tayyar ho jaunga...hindu koi dharam nahin hai balki indus river ke kinaare jo arya samaj ke log rehte the unhe britishers ne hindus ka naam diya tha aur baad mein yahi naam inhone apne dharam ka rakh liya...
    aur alhamodillah quran apni aayton mein khol khol kar bayan karta hai ki islam aur muslims kya hain...

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  169. han sameer bhai aapne bilkul sahi kaha..aur mere khayyal mein bahut sahi jawab diye gaye hain naveen sahab ko...ummed hai ki ab ye iss tareeke ke blogs par islam par koi comment nahin kareinge...chaar aayte parh kar chal diye poore islam ka nishkarsh nikalne...Quran ne aaj ki modern discoveries ko pehle hi bata diya hai aur wo beshak ALLAH (SWT) ke direct words hain...
    aur naveen sahab baat karte hain hindu dharm ki...
    open challenge hai naveen sahab aap hindu dharam ka naam apne kisi bhi scripture mein dikha dijiye main aapki baat manne ko tayyar ho jaunga...hindu koi dharam nahin hai balki indus river ke kinaare jo arya samaj ke log rehte the unhe britishers ne hindus ka naam diya tha aur baad mein yahi naam inhone apne dharam ka rakh liya...
    aur alhamodillah quran apni aayton mein khol khol kar bayan karta hai ki islam aur muslims kya hain...

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  170. चमन में होने दो बुलबुल को फूल के सदके
    बलिहारी जाऊँ मै तो अपने रसूल के सदके

    सदा बहार सजीला है रसूल मेरा
    हो लाखपीर रसीला है रसूल मेरा
    जहे जमाल छबीला है रसूल मेरा
    रहीने इश्क रंगीला है रसूल मेरा

    चमन में होने दो बुलबुल को फूल के सदके
    बलिहारी जाऊँ मै तो अपने रसूल के सदके

    किसी की बिगड़ी बनाना है ब्याह कर लेंगे
    बुझा चिराग जलाना है ब्याह कर लेंगे
    किसी का रूप सुहाना है ब्याह कर लेंगे
    किसी के पास खजाना है ब्याह कर लेंगे

    चमन में होने दो बुलबुल को फूल के सदके
    बलिहारी जाऊँ मै तो अपने रसूल के सदके

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  171. इस्लाम कहता है कि "सारी दुनिया मुसलमान बन जाए अन्यथा काट दिए जाओगे।"

    अब उसके बाद अगर कोई मुसलमान बन जाए तो वह स्वत : ही स्वेच्छा से मुसलमान बना की नहीं और जो नहीं बना तो अगर उसे मार दिया जाय, काट दिया जाय तो इसमें बिचारे मुसलमानों का क्या कसूर। ...........अरे वे तो पहले से ही उन्हें अल्लाह के मार्ग की और बुला रहे थे। ...............अब किसे ने नहीं सुना तो गलती तो मरने वाले की हुई न ।

    इस्लाम के सन्देश को यदि ध्यान से देखा जाय तो योन विज्ञान का एक नया सिद्धांत है बिना किसी लाग लपेट के नई नई ओरते भोगने को आराम से मिलती हैं ।............... केवल मात्र औरत के परिवार को समाप्त करना होता है।पवित्र कुरआन मुसलमानो को यही आदेश देती है । .......... पैगम्बर ने अपने शिष्यों के लिए विषय भोग का साधन अत्यंत ही सरल व सुलभ बनाया था। धन्य हो पैगम्बर मोहम्मद।

    इसके अलावा पैगम्बर ने मुसलमानों के लिए धन की व्यवस्था भी बड़े अच्छे प्रकार से की है कि मुसलमानों को कुछ भी करने की जरूरत नहीं है -------पैगम्बर कहता है कि "मेरा गुजर लूट पर होता है ."

    इसी प्रकार एक हदीस में पैगम्बर कहता है कि" अल्लाह ने मेरे लिए लूट हलाल कर दी है.मूझसे पहले पैगम्बरों के लिए लूट हलाल नहीं थी। "

    एक हदीस कहती है की "तुम्हे जो गनिमते(लूट का माल)मिली है उन्हें पाक समझ कर खाओ।

    इस धन कमाने के आसान तरीको के अलावा पैगम्बर ने अपने चेलों के के लिए जन्नत का भी वायदा किया है .कुरआन कहती है की "दुसरे धर्मो के लोगों को मारो,उनकी स्त्रियों से बलातकार करो ,उनकी संपत्ति को लूटो तो तुम जन्नत को प्राप्त करोगे। "

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  172. और हाँ महान पैगम्बर ने ऐसी वैसी जन्नत का वायदा नहीं किया है। जन्नत भी ऐसी की वहां भी मजे लूटने के लिए ७२ हूरे(सम्भोग के लिए) व ७२ कम उम्र के लोंडे(जी हाँ सम्लेगिको के लिए भी जुगाड़ है) व शराब की नदिया बहती मिलेंगी।

    अरे मूर्ख हिन्दुओं छोड़ो तप साधना व नैतिकता का रास्ता।पैगम्बर मोहम्मद पर ईमान लाओ और सब कुछ पा जाओ।

    तो मित्रों हुआ ना हुआ धन पाने का एक आसान तरीका । और साथ साथ जन्नत का टिकट भी पक्का।

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  173. to atif khan,reply mai aapke jawabo ka khandan karte hue sahi jawab de raha hu.[1].islam me murti puja napak hai bec islam ka janma hindu dharma se hi kisi karanbas hua jo ki hindu religion ke biprit yah panth banaya gaya.sirf murti puja hi nahi balki yah dharma ke sanskriti ke biprit hai jise nakara nahi ja sakta hai jaha tak aapne murti puja par aapne sawal khara kiya hai to mai aapko bata du ki lords ka janma insan ke rup me hone ke baad se hi murti puja hone laga tha usse pahle to yahi mana ja raha tha ki lords ka koi rup hi nahi hota jaisa ki bedo me likha gaya hai. [2].upar ke ayoto se to yahi niskarsa nikalta raha hai nihsankoch yah pustak likhne waala kaisa ho sakta hai.uske najar me to dharma,non voilence,niyay ki parivasa hi alag hai or koi bhi dharma book jise log mante hai yaisa karne ko aadesh nahi de sakta bt kuran,hadish jaise book aisa karne ka aades de raha hai durvagya hai uska jo iske anusar chal rahe the aur aaj bhi chalte hai.jaha tak aap kah rahe hai ki ye ayate samay samay par likha gaya hai to mai bata du ki ye kisi kanun ki kitabe nahi hai jise samay samay par likha jai ya paas kiya jai aur agar aap aisa hi mante hai to iska sansodhan bhi samay samay par hona chahiye jaisa ki kanun ki kitabo me hota hai par aisa nahi hua.ek hindu dharma hi hai jo ek hi baar likha gaya hai isme samay samay par jorne ki jarurat nahi pari aur na hi futher me parega bhi.jaha tak aapne mahabharat ka sawal uthaya tha to gita me sri krishan jo bhi updesh diye the wo kisi dharm ke khilaaf nahi tha bec uss samay anya koi dharma tha hi nahi ek baat jarur kaha tha ki jo dharma dusre dharma ka khilaaf karta hai wah dharm nahi kudharma hai.vastav me sahi hi kaha hai.jaha tak mahabharat ka sawal hai to wah yudh ek hi dharma samudai ke bich hua tha jisme ek dharm dusra adharm ka paksh tha aur isko apne dharm se jorna bekar hai. [3].jihad ka matlab kuran ke anusar 4-56,32-22,7-123,2-173,9-27,47-20 ayate me diye gaye aadesh par chalna hi jihad hai.aap jo jawab diye wo ye sabhi aadeso ke khilaaf tha so aapko islam ke anusaar kaafir kaha ja sakta hai.[4].love jihad ka matlab yahi hai ki gair muslim girls ko love trap me fasakar usse saadi karna,use islam me convert karna ya iska bren wash karke gair muslim ke khilaaf aatankwaad banana hi love jihad hai.[5]-[6].nihsandeh kuran anya dharma ke biprit hai to aur isse na manne waalo yanigair muslim chahe wokisi anya smudsy ke kyo na ho ko kaafir maana gaya hai.[7].gair muslim ke khlaaf jahar ugalne ka matlab hai ki use dawab me dalkar use islam kabl karwana aur apni sankhya badhana hi ek maatra maksad hai.[8].chaar saadi karne ka yahi matlab hai ki jyada se jiya bache paida kiya ja sake aur apni sankhiya puri duniya me badha sake.nihsandeh aurato ka sosan hota hai to islam me hi.aur usse saadi karne ke liya use kahi jana bhi nahi parta hai hai.allah sirf mardoke liye hi illigal sex diya kaas woman ke liye bhi kuch socha hota.[9]-[10].bec woman men ki haato ki kathputli hi hai wah uska kisi bhiparkaar use kar sakta hai ya kisi ke saath saadi kar sakta hai iss par woman ksi parkar ke sawal nahikar sakta hai ya family ke koi bhi member uske saath raf kar de to wah uske saath saadi karna parega chahe wah uska koi kyo na ho. jaisa ki aapne example diya hai mai aapko bata du ki god ne men woman ko almost equal rup se hi janma deta hai yaani bilence banake agar men 5lakh hai to woman bhi 5lakh hi hoga usme thora bahut diffrence ho sakta hai jaisa ki aapne kaha 5-10 lakh itna bara diffrence ho hi nahi sakta hai.ha agar aap apna sauk hi pura karna chahte hai to kuch bhi karan de sakte jiska kaat sayad kiya nahi ja sakta hai. aur aapne jo example diya hai sri krishan ke baare me.sri krishan ki tin wife thi jiska bhi karan tha aur 16000wife ke bhi bahut bara karan the wo to aapko pata hona chahiye agar pata nahi hai to aapko pata lagna chahiye waha aapko sabhi sawalo ka jawab mil jayega.

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  174. to atif khan,reply mai aapke jawabo ka khandan karte hue sahi jawab de raha hu.[1].islam me murti puja napak hai bec islam ka janma hindu dharma se hi kisi karanbas hua jo ki hindu religion ke biprit yah panth banaya gaya.sirf murti puja hi nahi balki yah dharma ke sanskriti ke biprit hai jise nakara nahi ja sakta hai jaha tak aapne murti puja par aapne sawal khara kiya hai to mai aapko bata du ki lords ka janma insan ke rup me hone ke baad se hi murti puja hone laga tha usse pahle to yahi mana ja raha tha ki lords ka koi rup hi nahi hota jaisa ki bedo me likha gaya hai. [2].upar ke ayoto se to yahi niskarsa nikalta raha hai nihsankoch yah pustak likhne waala kaisa ho sakta hai.uske najar me to dharma,non voilence,niyay ki parivasa hi alag hai or koi bhi dharma book jise log mante hai yaisa karne ko aadesh nahi de sakta bt kuran,hadish jaise book aisa karne ka aades de raha hai durvagya hai uska jo iske anusar chal rahe the aur aaj bhi chalte hai.jaha tak aap kah rahe hai ki ye ayate samay samay par likha gaya hai to mai bata du ki ye kisi kanun ki kitabe nahi hai jise samay samay par likha jai ya paas kiya jai aur agar aap aisa hi mante hai to iska sansodhan bhi samay samay par hona chahiye jaisa ki kanun ki kitabo me hota hai par aisa nahi hua.ek hindu dharma hi hai jo ek hi baar likha gaya hai isme samay samay par jorne ki jarurat nahi pari aur na hi futher me parega bhi.jaha tak aapne mahabharat ka sawal uthaya tha to gita me sri krishan jo bhi updesh diye the wo kisi dharm ke khilaaf nahi tha bec uss samay anya koi dharma tha hi nahi ek baat jarur kaha tha ki jo dharma dusre dharma ka khilaaf karta hai wah dharm nahi kudharma hai.vastav me sahi hi kaha hai.jaha tak mahabharat ka sawal hai to wah yudh ek hi dharma samudai ke bich hua tha jisme ek dharm dusra adharm ka paksh tha aur isko apne dharm se jorna bekar hai. [3].jihad ka matlab kuran ke anusar 4-56,32-22,7-123,2-173,9-27,47-20 ayate me diye gaye aadesh par chalna hi jihad hai.aap jo jawab diye wo ye sabhi aadeso ke khilaaf tha so aapko islam ke anusaar kaafir kaha ja sakta hai.[4].love jihad ka matlab yahi hai ki gair muslim girls ko love trap me fasakar usse saadi karna,use islam me convert karna ya iska bren wash karke gair muslim ke khilaaf aatankwaad banana hi love jihad hai.[5]-[6].nihsandeh kuran anya dharma ke biprit hai to aur isse na manne waalo yanigair muslim chahe wokisi anya smudsy ke kyo na ho ko kaafir maana gaya hai.[7].gair muslim ke khlaaf jahar ugalne ka matlab hai ki use dawab me dalkar use islam kabl karwana aur apni sankhya badhana hi ek maatra maksad hai.[8].chaar saadi karne ka yahi matlab hai ki jyada se jiya bache paida kiya ja sake aur apni sankhiya puri duniya me badha sake.nihsandeh aurato ka sosan hota hai to islam me hi.aur usse saadi karne ke liya use kahi jana bhi nahi parta hai hai.allah sirf mardoke liye hi illigal sex diya kaas woman ke liye bhi kuch socha hota.[9]-[10].bec woman men ki haato ki kathputli hi hai wah uska kisi bhiparkaar use kar sakta hai ya kisi ke saath saadi kar sakta hai iss par woman ksi parkar ke sawal nahikar sakta hai ya family ke koi bhi member uske saath raf kar de to wah uske saath saadi karna parega chahe wah uska koi kyo na ho. jaisa ki aapne example diya hai mai aapko bata du ki god ne men woman ko almost equal rup se hi janma deta hai yaani bilence banake agar men 5lakh hai to woman bhi 5lakh hi hoga usme thora bahut diffrence ho sakta hai jaisa ki aapne kaha 5-10 lakh itna bara diffrence ho hi nahi sakta hai.ha agar aap apna sauk hi pura karna chahte hai to kuch bhi karan de sakte jiska kaat sayad kiya nahi ja sakta hai. aur aapne jo example diya hai sri krishan ke baare me.sri krishan ki tin wife thi jiska bhi karan tha aur 16000wife ke bhi bahut bara karan the wo to aapko pata hona chahiye agar pata nahi hai to aapko pata lagna chahiye waha aapko sabhi sawalo ka jawab mil jayega.

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  175. Reply to Mr Naveen..
    Naveen bhai bahut afsoos ki baat hai aap sari ki saari batein bina kisi tark ke karte hain..jabki allah ke fazal se hum proofs ke saath karte hain..maine aapse poocha ki aap meri dharmik kitaab ko chorh dein apne hi dharam ko le lein to aapko kuch nahin maloom hai usske bare mein tak...aur raha sawal aurton aur mardon ki population difference ka to aap jakar statistics dekhein india mein hi dekh lein..Usa,germany,france aur kai countries mein aurton ki taaadat tezi se barh rahi hai..aaj ki tareekh mein germany mein 1 million aurtein zyada hain mardon se...rusia mein 1.5 million aurton ki aabadi zyada hai mardon se..aur jahan tak aapne aur bhi kai tark pesh kiye hindusm ke baare mein to main aap ko batana chahunga...
    ki aapke kisi bhi veda mein bhagwan kabhi manushya ka roop lekar nahin aaye prathvi par..sirf aapne jo scriptiars ko kisi manushya ne likkhe jaise ki ramayan written by valmiki...mahabharat,bhagwat gita etc etc...inhi mein bhagwan ko manushya ka roop diya gaya hai warna agar aap apne hi dharamko sahi se dekhienge to ussmein kahin koi GOD ke khud ke words nahin mileinge jissmein ussne manushya ka roop liya ho..jab bhagwan khud manushya ban gaya to phir wo bhagwan kaise reh gaya...Aur isska jawab Allhamdollilah Glorius Quran deta hai..
    Sure ikhlaas mein verse no. 1-4,
    1 Qul huwa Allahu ahad ( Say: He is God, the One and Only)
    2 Allahus-samad (God, the Eternal, Absolute)
    3 Lam yalid walam yulad ( He does not beget, nor is He begotten)
    4 Walam yakun lahu kufuwan ahad (And there is none comparable to Him)...
    Agar aap isse khoobsoorat definition GOD ki lakar dikha sakte hain apne kisi bhi scriptiars se ya kisi aur religion ke scriptiars se jissmein GOD ko sirf 4 lines meini itni khoobsoorti aur breifly explain kiya ho to MR.NAVEEN ITS PROMISE FROM YOU KI I WILL ACCEPT THAT RELIGION...Ab aap plz apne khud ke banaye hue tark na pesh karein...aur main saath saath kehna chahunga ki aaapke liye Quran MEIN ek khoobsoorat aayat hai...
    Quran says in AL KAFIRUN (THE UNBELIVERS) SURE 109....

    Qul yaa ayyuhal kaafiruun
    Laa 'abudu maa t'abuduun
    Walaa antum 'aabidunna maa a'abud
    Walaa ana 'aabidun maa 'abadttum
    Walaa antum 'aabiduuna maa a'abud
    Lakmu deenukum wa liya deen

    In the name of Allah, the Beneficent, the Merciful.
    Say: Oh you who turn away (SUNO AYE ISLAM KO NA MANNE WALON)
    I do not worship what you worship (MAIN WO NAHIN POOJTA JO TUM POOJTE HO),
    nor do you worship what I worship (AUR TUM WO NAHIN POOJTE JO MAIN POOJTA HUN).
    And I will not worship what you worship (AUR MAIN WO KABHI NAHIN POOJUNGA JO TUM POOJTE HO),
    Nor will you worship what I worship (NAHI TUM WO POOJOGE JO MAIN POOJTA HUN).
    Your way is yours, and my way is mine (TO TUMHARA RASTA TUMHARE LIYE AUR MERA RASTA MERE LIYE).

    AB SAMJHE NAVEEN SAHAB QURAN MEIN ALLAH AISE HI NAHIN KEHTA KI SAARI MANUSHYA JATI AUR JINN MIL KAR BHI QURAN KI EK AAYAT BHI NAHIN BANA SAKTE JO ALLAH (SWT) NE DI HAIN...AUR NAVEEN SAHAB AB ISS BEHS KO KHATAM KARYYE AUR MAINE AAPKE LIYE JO AAYAT LIKKHI HAI WO AAP PAR HI LAGU HOTI HAI AUR DOOSRE KE DHARAM KO NEECHA DIKHANE WALE AISE BLOGS BUND KAR DIJIYE...

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  176. Reply to Mr Naveen..
    Naveen bhai bahut afsoos ki baat hai aap sari ki saari batein bina kisi tark ke karte hain..jabki allah ke fazal se hum proofs ke saath karte hain..maine aapse poocha ki aap meri dharmik kitaab ko chorh dein apne hi dharam ko le lein to aapko kuch nahin maloom hai usske bare mein tak...aur raha sawal aurton aur mardon ki population difference ka to aap jakar statistics dekhein india mein hi dekh lein..Usa,germany,france aur kai countries mein aurton ki taaadat tezi se barh rahi hai..aaj ki tareekh mein germany mein 1 million aurtein zyada hain mardon se...rusia mein 1.5 million aurton ki aabadi zyada hai mardon se..aur jahan tak aapne aur bhi kai tark pesh kiye hindusm ke baare mein to main aap ko batana chahunga...
    ki aapke kisi bhi veda mein bhagwan kabhi manushya ka roop lekar nahin aaye prathvi par..sirf aapne jo scriptiars ko kisi manushya ne likkhe jaise ki ramayan written by valmiki...mahabharat,bhagwat gita etc etc...inhi mein bhagwan ko manushya ka roop diya gaya hai warna agar aap apne hi dharamko sahi se dekhienge to ussmein kahin koi GOD ke khud ke words nahin mileinge jissmein ussne manushya ka roop liya ho..jab bhagwan khud manushya ban gaya to phir wo bhagwan kaise reh gaya...Aur isska jawab Allhamdollilah Glorius Quran deta hai..
    Sure ikhlaas mein verse no. 1-4,
    1 Qul huwa Allahu ahad ( Say: He is God, the One and Only)
    2 Allahus-samad (God, the Eternal, Absolute)
    3 Lam yalid walam yulad ( He does not beget, nor is He begotten)
    4 Walam yakun lahu kufuwan ahad (And there is none comparable to Him)...
    Agar aap isse khoobsoorat definition GOD ki lakar dikha sakte hain apne kisi bhi scriptiars se ya kisi aur religion ke scriptiars se jissmein GOD ko sirf 4 lines meini itni khoobsoorti aur breifly explain kiya ho to MR.NAVEEN ITS PROMISE FROM YOU KI I WILL ACCEPT THAT RELIGION...Ab aap plz apne khud ke banaye hue tark na pesh karein...aur main saath saath kehna chahunga ki aaapke liye Quran MEIN ek khoobsoorat aayat hai...
    Quran says in AL KAFIRUN (THE UNBELIVERS) SURE 109....

    Qul yaa ayyuhal kaafiruun
    Laa 'abudu maa t'abuduun
    Walaa antum 'aabidunna maa a'abud
    Walaa ana 'aabidun maa 'abadttum
    Walaa antum 'aabiduuna maa a'abud
    Lakmu deenukum wa liya deen

    In the name of Allah, the Beneficent, the Merciful.
    Say: Oh you who turn away (SUNO AYE ISLAM KO NA MANNE WALON)
    I do not worship what you worship (MAIN WO NAHIN POOJTA JO TUM POOJTE HO),
    nor do you worship what I worship (AUR TUM WO NAHIN POOJTE JO MAIN POOJTA HUN).
    And I will not worship what you worship (AUR MAIN WO KABHI NAHIN POOJUNGA JO TUM POOJTE HO),
    Nor will you worship what I worship (NAHI TUM WO POOJOGE JO MAIN POOJTA HUN).
    Your way is yours, and my way is mine (TO TUMHARA RASTA TUMHARE LIYE AUR MERA RASTA MERE LIYE).

    AB SAMJHE NAVEEN SAHAB QURAN MEIN ALLAH AISE HI NAHIN KEHTA KI SAARI MANUSHYA JATI AUR JINN MIL KAR BHI QURAN KI EK AAYAT BHI NAHIN BANA SAKTE JO ALLAH (SWT) NE DI HAIN...AUR NAVEEN SAHAB AB ISS BEHS KO KHATAM KARYYE AUR MAINE AAPKE LIYE JO AAYAT LIKKHI HAI WO AAP PAR HI LAGU HOTI HAI AUR DOOSRE KE DHARAM KO NEECHA DIKHANE WALE AISE BLOGS BUND KAR DIJIYE...

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  177. इस्‍लाम का संदेश आतंक मचाओ हूर मिलेगी
    इस्‍लाम का उदृदेश्य आतंक और सेक्स है यह मेरा कहना नही है किन्‍तु जब इस्‍लाम से सम्‍बन्धित ग्रंथो का आध्‍ययन किया जाये तो प्रत्‍यक्ष रूप ये यह बात सामने आ ही जाती है। कि घूम फिर कर अल्‍लाह को खुश करने के लिये जगह पर आंतक फैलाने और उनके अनुयायियों खुश करने के लिये सेक्‍स की बात खुल कर कही जाती है।

    इस्लाम के पवित्र योद्धाओ (आतंकियो) को यौन-सुखों और भोगविलास के असामान्य विशेषाधिकार दिए गए हैं। यदि वे लड़ाई के मैदान में जीवित रह जाते हैं तो उनके लिए गैर-मुसलमानों की स्त्रियाँ रखैलों के रूप में सुनिश्चित हो जाती हैं। लेकिन यदि वे युद्ध के मैदान में मारे जाते हैं तो वे हूरियों से भरे 'जन्नत' के अत्यन्त विलासिता पूर्ण वातावरण में निश्चित रूप से प्रवेश के अधिकारी हो जाते हैं। अल्‍लाह को खुश करने के लिये कई जगह मुर्तिपूजको तथा गैर-मुसलमानों की संहार योजना में भाग लेने के बदले में यौन-सुखों के प्रलोभनों का वायदा किया जाता है जैसे कि

    यदि वह (आतंक फैलाने वाला ) युद्ध भूमि की कठिन परिस्थितियों मारा गया तो उसे 'जन्नत' में उसकी प्रतीक्षा कर रहीं अनेक हूरों के साथ असीमित भोगविलासों एवं यौन-सुखों का आनंद मिलेगा, और यदि वह जीवित बचा रहा तो उसको 'गैर-ईमान वालों' के लूट के माल, जिसमें कि उनकी स्त्रियाँ भी शामिल होंगी, में हिस्सा मिलेगा।

    इन आतंकियो को कितनी अच्‍छी तरह से हूरो का लालच दे कर बरगलाया जा रहा है हदीस तिरमिज़ी खंड-2 पृ.(35-40) में दिए गए हूरों के सौंदर्य के वर्णन इस प्रकार है

    हूर एक अत्यधिक सुंदर युवा स्त्री होती है जिसका शरीर पारदर्शी होता है। उसकी हड्डियों में बहने वाला द्रव्य इसी प्रकार दिखाई देता है जैसे रूबी और मोतियों के अंदर की रेखाएँ दिखती हैं। वह एक पारदर्शी सफेद गिलास में लाल शराब की भाँति दिखाई देता है।
    उसका रंग सफेद है, और साधारण स्त्रियों की तरह शारीरिक कमियों जैसे मासिक धर्म, रजोनिवृत्ति, मल व मूत्रा विसर्जन, गर्भधारण इत्यादि संबंधित विकारों से मुक्त होती है।
    प्रत्येक हूर किशोर वय की कन्या होती है। उसके उरोज उन्नत, गोल और बडे होते हैं जो झुके हुए नहीं हैं। हूरें भव्य परिसरों वाले महलों में रहतीं हैं।
    हूर यदि 'जन्नत' में अपने आवास से पृथ्वी की ओर देखे तो सारा मार्ग सुगंधित और प्रकाशित हो जाता है।
    हूर का मुख दर्पण से भी अधिाक चमकदार होता है, तथा उसके गाल में कोई भी अपना प्रतिबिंब देख सकता है। उसकी हड्डियों का द्रव्य ऑंखों से दिखाई देता है।
    प्रत्येक व्यक्ति जो 'जन्नत' में जाता है, उसको 72 हूरें दी जाएँगी। जब वह 'जन्नत' में प्रवेश करता है, मरते समय उसकी उम्र कुछ भी हो, वहाँ तीस वर्ष का युवक हो जाएगा और उसकी आयु आगे नहीं बढ़ेगी

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  178. इस्‍लाम की वर्जनाएं समाप्‍त नही होती है हम महिलाओं के प्रति अत्‍याचार निम्‍न रूप में देख सकते है-

    पैगंबर मोहम्मद ने कहा था की यदि नमाज़ पढ़ते समय आपके सामने से गधा, कुत्ता या औरत निकले तो नमाज़ हराम है। दो औरतों की गवाही एक पुरुष की गवाही के बराबर है. नरक में 95 प्रतिशत महिलाएं हैं।

    एक मुस्लिम महिला की जुब़ानी उसी की कहानी - हादिया के बयान और हक़ीकत बिल्कुल बरअक्स हैं. इस्लाम में औरतों की हालत किसी मुस्लिम लड़की के बाप या भाई से पूछो। हमारी ज़िंदगी से तो मौत अच्छी. हर बात पर हमारी औकात बता दी जाती है. मेरा भाई एक ईसाई लड़की से शादी करना चाहता था, वो एक बार मुझसे बाहर मिली और जब मैने उसे अपने तौर तरीके बताए तो उसके चेहरे का रंग उतर गया. उसके मां बाप ने इसके बाद मेरे भाईजान को अपने घर बुलाकर बात चीत की। मुझे पता चला कि मेरा भाई उनके सवालों का कोई जवाब नहीं दे सका। उस दिन के बाद वो मेरे भाई से दुबारा नहीं मिली. मेरा भाई, मेरे अब्बा से बहुत ज़्यादा उखड़ चुका है. अब ये हाल है कि मेरा भाई जो पाँच वक़्त का नमाज़ी था, मज़हब के नाम से ही चिढ़ने लगा है. बड़ी बात नहीं अगर मुझे पता चले कि उसने अपना मज़हब बदल लिया है। सच पूछो तो मुझे अपने भाई से बहुत हमदर्दी है मगर मुस्लिम लड़कियों की ज़िंदगी अख़बार मे छपने वाली बातें नहीं हक़ीकत होती है, जो ना तो रंगीन है और ना ही सपनीली।

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  179. बलात्कार की शिकार लड़की को 200 कोड़े मारने की सजा
    जेद्दाह : जेद्दाह में एक सऊदी अदालत ने पिछले साल सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की को 90 कोड़े मारने की सजा दी थी। उसके वकील ने इस सजा के खिलाफ अपील की तो अदालत ने सजा बढ़ा दी और हुक्म दिया: '200 कोड़े मारे जाएं।' लड़की को 6 महीने कैद की सजा भी सुना दी। अदालत का कहना है कि उसने अपनी बात मीडिया तक पहुंचाकर न्याय की प्रक्रिया पर असर डालने की कोशिश की। कोर्ट ने अभियुक्तों की सजा भी दुगनी कर दी।
    इस फैसले से वकील भी हैरान हैं। बहस छिड़ गई है कि 21वीं सदी में सऊदी अरब में औरतों का दर्जा क्या है? उस पर जुल्म तो करता है मर्द, लेकिन सबसे ज्यादा सजा भी औरत को ही दी जाती है।

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  180. कामकाजी महिलाएं पुरुषों को दूध पिलाएं : फतवा
    काहिरा : मिस्र में पिछले दिनों आए दो अजीबोगरीब फतवों ने अजीब सी स्थिति पैदा कर दी है। ये फतवे किसी ऐरे-गैरे की ओर से नहीं बल्कि देश के टॉप मौलवियों की ओर से जारी किए जा रहे हैं।
    देश के बड़े मुफ्तियों में से एक इज्ज़ात आतियाह ने कुछ ही दिन पहले नौकरीपेशा महिलाओं द्वारा अपने कुंआरे पुरुष को-वर्करों को कम से कम 5 बार अपनी छाती का दूध पिलाने का फतवा जारी किया। तर्क यह दिया गया कि इससे उनमें मां-बेटों की रिलेशनशिप बनेगी और अकेलेपन के दौरान वे किसी भी इस्लामिक मान्यता को तोड़ने से बचेंगे।

    गले लगाना बना फतवे का कारण
    इस्लामाबाद (भाषा) : इस्लामाबाद की लाल मस्जिद के धर्मगुरुओं ने पर्यटन मंत्री नीलोफर बख्तियार के खिलाफ तालिबानी शैली में एक फतवा जारी किया है और उन्हें तुरंत हटाने की मांग की है।
    बख्तियार पर आरोप है कि उन्होंने फ्रांस में पैराग्लाइडिंग के दौरान अपने इंस्ट्रक्टर को गले लगाया। इसकी वजह से इस्लाम बदनाम हुआ है।

    फतवा: ससुर को पति पति को बेटा
    एक फतवा की शिकार मुजफरनगर की ईमराना भी हुई। जो अपने ससुर के हवश का शिकार होने के बाद उसे आपने ससुर को पति ओर पति को बेटा मानने को कहा ओर ऐसा ना करने पे उसे भी फतवा जारी करने की धमकी मिली।

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  181. benami ji aap jo ye sawal la rahe hain innke jawab pehle hi blog mein diye ja chuke hain wahi purana raag baar baar na alapiye aur aisi news parhte kahan se hain aap humein bhi to battayye zara :D

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  182. benami tumhari haddi me kitna pani bhara he vo to yaha se hi pata chal gaya. k 1 to aapne aapna naam nahi bataya. or jab aatifbhai ne sawal puchhe the tab tum kaha the.
    or tum upper jo khud ke fatve likh rahe ho uska koi proof to dikhao.
    balke me ye proof de sakta hu k europe me log aapni marji musalmaan q ban rahe he.
    or tum sadte rehna uss jahalat me

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  183. khalil

    khalilqureshi@rocketmail.com

    HINDU GOD BRAHMA AND HIS GODDESS DAUGHTER SARASVATI – WHERE IS THE LINE DRAWN BETWEEN A GOD WHO HAS FORCED SEX WITH HIS OWN DAUGHTER , HIS OWN FLESH AND BLOOD AND RUNS LUSTING FOR HIS OWN DAUGHTER AND A GOD WHO IS FREE IS PURE AND FREE FROM ALL SINS

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  184. LET THE MOST SACRED SCRIPTURES OF HINDUS
    THE VEDAS BE THE WITNESS AGAINST HINDUS IN
    THEIR SHAMEFUL DEEDS OF MAKING THE
    FORMLESS GOD INTO ALL KIND OF HUMANS AND
    ANIMALS
    Yajurveda
    “na tasya pratima asti
    “There is no image of Him.”
    [Yajurveda 32:3]


    \“shudhama poapvidham”
    “He is bodyless and pure.”
    [Yajurveda 40:8]


    “Andhatama pravishanti ye asambhuti mupaste”
    “They enter darkness, those who worship the natural elements” (Air, Water, Fire, etc.). “They sink deeper in darkness, those who worship sambhuti.”
    [Yajurveda 40:9]

    Sambhuti means created things, for example table, chair, idol, etc.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  185. Brahma is the creator of the universe, Saraswati, who became the wife of her own father, was the daughter of Brahma. There are two stories about her genesis in the
    “Saraswati Purana”. One is that Brahma created his beautiful daughter Saraswati direct from his “vital strength” or seminal fluid. The other is that Brahma used to collect his semen in a pot whenever he masturbated fixing his carnal eyes on the celestial beauty Urvasi. Brahma’s semen in the pot gave birth to Saraswati. Thus,Saraswati had no mother.
    This daughter or grand-daughter of Brahma is the Hindu goddess of learning. When Brahma saw the beauty of Saraswati he became amorous. To escape from her father’s passionate approach Saraswati ran to the lands in all four directions, but she could not escape from her father. She succumbed to Brahma’s wish. Brahma and his daughter Saraswati lived as husband and wife indulging in incest for 100 years. They had a son Swayambhumaru. Swayambhumaru made love with his sister Satarpa. Through the incest of Brahma’s son and daughter Brahma got two grandsons and two grand-daughters.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  186. AMOROUS GODS AND GODDESSES
    The above Expert taken from
    Prajapati(Brahma) desired his daughter( SARASWATI) and made love to her. This was a sin in the eyes of the gods, who said to the god who rules over beasts [Pasupati, Rudra], ‘He commits a sin, acting in this way towards his own daughter, our sister. Pierce him.’ Rudra took aim and pierced him. Half his seed fell to the ground. The gods cured Prajapati and cut out Rudra’s dart, for Prajapati is the sacrifice. To utilize [the seed], the gods said, ‘Take care that this may not be lost, but that it may be less than the oblation.’ They gave it to Bhaga to eat, but it burnt his eyes and he became blind. Then they gave it to Pusan to eat, but it knocked out his teeth. At last they gave it to Savitr [the sun] and it did not injure him, for he appeased it.” —
    Ref : Satapatha Brahmana 1:7:4:1-7.
    I WOULD JUST ASK ALL HINDUS THIS QUESTION?
    WHERE IS THE LINE DRAWN BETWEEN A GOD WHO HAS FORCED SEX WITH HIS OWN DAUGHTER , HIS OWN FLESH AND BLOOD
    AND RUNS LUSTING FOR HIS OWN DAUGHTER
    AND A GOD WHO IS FREE IS PURE AND FREE FROM ALL SINS
    AND FOR GOD SAKE ARE THESE MORALLY SICK godsARE GOING TO TEACH MORALS TO THE SOCIETY OR THEIR HINDU FOLLOWERS ?!!!
    IF SUCH ARE THE gODS WHO NEED SEX WITH THEIR OWN DAUGHTERS TO PLEASE THEM THEM , WHAT IS THE SCOPE OF DEVIL DOING ANY HARM ?
    WHEN THE WORK OF DEVIL IS ALREADY DONE BY THESE HUMAN SEX THIRSTY INCEST COMMITING gODS ?
    HOW DOES A HINDU TRUST HIS OWN WIFE , MOTHER OR DAUGHTER WITH THIS LUSTY gOD ? WHO DOES NOT EVEN SPARE HIS OWN FLESH AND BLOOD DAUGHTER Goddes SARASWATI ?
    LEAVE ALONE THIS gods PROTECTING THE FLESH AND BLOOD OF THEIR UNSUSPECTING SERVANTS !!!!
    ONE CAN DO NOTHING BUT PITY AT THE EVIL FATED POOR SERVANTS OF THESE SO CALLED gODS !!!
    OF COURSE THESE SERVANTS HAVE ALWAYS THE CHOICE OF CHOOSING NOT TO BE THE SERVANTS OF THESE EVIL gODS !!!
    INSTEAD CHOOSING TO BE SERVANTS OF THE JUST AND LOVING ONE TRUE GOD OF ALL !!!

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  187. I WOULD JUST ASK ALL HINDUS THIS QUESTION?


    WHERE IS THE LINE DRAWN BETWEEN A GOD WHO HAS FORCED SEX WITH HIS OWN DAUGHTER , HIS OWN FLESH AND BLOOD
    AND RUNS LUSTING FOR HIS OWN DAUGHTER
    AND A GOD WHO IS FREE IS PURE AND FREE FROM ALL SINS
    AND FOR GOD SAKE ARE THESE MORALLY SICK godsARE GOING TO TEACH MORALS TO THE SOCIETY OR THEIR HINDU FOLLOWERS ?!!!
    IF SUCH ARE THE gODS WHO NEED SEX WITH THEIR OWN DAUGHTERS TO PLEASE THEM THEM , WHAT IS THE SCOPE OF DEVIL DOING ANY HARM ?
    WHEN THE WORK OF DEVIL IS ALREADY DONE BY THESE HUMAN SEX THIRSTY INCEST COMMITING gODS ?
    HOW DOES A HINDU TRUST HIS OWN WIFE , MOTHER OR DAUGHTER WITH THIS LUSTY gOD ? WHO DOES NOT EVEN SPARE HIS OWN FLESH AND BLOOD DAUGHTER Goddes SARASWATI ?
    LEAVE ALONE THIS gods PROTECTING THE FLESH AND BLOOD OF THEIR UNSUSPECTING SERVANTS !!!!
    ONE CAN DO NOTHING BUT PITY AT THE EVIL FATED POOR SERVANTS OF THESE SO CALLED gODS !!!
    OF COURSE THESE SERVANTS HAVE ALWAYS THE CHOICE OF CHOOSING NOT TO BE THE SERVANTS OF THESE EVIL gODS !!!
    INSTEAD CHOOSING TO BE SERVANTS OF THE JUST AND LOVING ONE TRUE GOD OF ALL !!!
    HOLY QURAN Surah 53. The Star
    19. Have ye seen Lat. and ‘Uzza,
    20. And another, the third (goddess), Manat?
    21. What! for you the male sex, and for Him, the female?
    22. Behold, such would be indeed a division most unfair!
    23. These are nothing but names which ye have devised,- ye and your fathers,- for which Allah has sent down no authority (whatever). They follow nothing but conjecture and what their own souls desire!- Even though there has already come to them Guidance from their Lord!
    24. Nay, shall man have (just) anything he hankers after?
    25. But it is to Allah that the End and the Beginning (of all things) belong.
    Yet, they set up beside GOD idols from among the jinns(GENIE OR EVIL SPRITS DEMONS), though He is the One who created them. They even attribute to Him sons and daughters, without any knowledge. Be He glorified. He is the Most High, far above their claims.
    HOLY QURAN [6:100]

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