शुक्रवार, 10 अप्रैल 2009

मूर्ख हिंदू पूजते है खूनी व बलात्कारी को

पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक शहर है,बहराइच । बहराइच में हिन्दू समाज का सबसे मुख्य पूजा स्थल है गाजी बाबा की मजार। मूर्ख हिंदू लाखों रूपये हर वर्ष इस पीर पर चढाते है।इतिहास
ka जानकर हर व्यक्ति जनता है,कि महमूद गजनवी के उत्तरी भारत को १७ बार लूटने व बर्बाद करने के कुछ समय बाद उसका भांजा सलार गाजी भारत को दारूल इस्लाम बनाने के उद्देश्य से भारत पर चढ़ आया । वह पंजाब ,सिंध, आज के उत्तर प्रदेश को रोंद्ता हुआ बहराइच तक जा पंहुचा। रास्ते में उसने लाखों हिन्दुओं का कत्लेआम कराया,लाखों हिंदू औरतों के बलात्कार हुए, हजारों मन्दिर तोड़ डाले।
राह में उसे एक भी ऐसाहिन्दू वीर नही मिला जो उसका मान मर्दन कर सके। इस्लाम की जेहाद की आंधी को रोक सके। परंतु बहराइच के राजा सुहेल देव पासी ने उसको थामने का बीडा उठाया । वे अपनी सेना के साथ सलार गाजी के हत्याकांड को रोकने के लिए जा पहुंचे । महाराजा व हिन्दू वीरों ने सलार गाजी व उसकी दानवी सेना को मूली गाजर की तरह काट डाला । सलार गाजी मारा गया। उसकी भागती सेना के एक एक हत्यारे को काट डाला गया। हिंदू ह्रदय राजा सुहेल देव पासी ने अपने धर्म का पालन करते हुए, सलार गाजी को इस्लाम के अनुसार कब्र में दफ़न करा दिया। कुछ समय पश्चात् तुगलक वंश के आने पर फीरोज तुगलक ने सलारगाजी को इस्लाम का सच्चा संत सिपाही घोषित करते हुए उसकी मजार बनवा दी।

आज उसी हिन्दुओं के हत्यारे, हिंदू औरतों के बलातकारी ,मूर्ती भंजन दानव को हिंदू समाज एक देवता की तरह पूजता है। सलार गाजी हिन्दुओं का गाजी बाबा हो गया है। में स्वं बहरैच जा चुका हूँ। लेकिन वहां पर जो पाया,उसे देखकर बहुत दुःख हुआ। कि हिंदू वीर शिरोमणि सुहेल देव पासी सिर्फ़ पासी समाज का हीरो बनकर रह गएँ है। और सलार गाजी हिन्दुओं का भगवन बनकर हिन्दू समाज का पूजनीय हो गया है। अब गाजी की मजार पूजने वाले ,ऐसे हिन्दुओं को मूर्ख न कहे तो क्या कहे?

63 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय स्वयंभू बुद्धिमान हिंदू जी! आपने किस आधार पर किसी को खूनी और बलात्कारी ठहराया है कोई पूर्वाग्रह है या बस एक मुस्लिम पीर के प्रति खिसियाहट? आपके अनुसार हिंदुओं को आपने दो वर्गों में विभाजित कर दिया है एक वर्ग में आप हैं और दूसरे वर्ग में वे हिंदू जो कि गाजी बाबा वगैरह जैसे लोगों के प्रति आस्था रखते हैं यानि कि "मूर्ख".....
    जय जय भड़ास

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    1. ye sahi hai ki desh mai muslman doyam darje ka ho kar rah gaya hai yah desh hame apna raha hai yah hinduao ka badappan hai halaki desh hamara bhi hai
      kiyoki hamne to pakistan hinduo se maang liya tha, aur sach to ye hai ki yahi sab ham nahi kar paate yadi ham desh mai bahu sankhyak hote to hinduo par atyachhar jroor karte

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    2. NAVEEN TYAGI IS RIGHT. I AM SATISFIED YOU

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    3. go to library and deep study about muslim relision and then say these kind of words. some idiot like you are against hindu.

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    4. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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    5. musalman rakshs hai jitni krurta aur haivaniyat unme hai kisi me nahi aur ye peer baba ho ya falane baba ho kisne jana inko , hm hinduo me kamjori hai jo apne dharm grantho ko na padhkar aur unke niymo ka palan na karke bas kaunsa baba mil jaye aur chamtkar ho jaye , muslim ke liye kuran sab kuchh hai usi ke niymo ka palan karte hai aur hm nahi ,

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  2. आपकी कहानी अच्छी और शीर्षक गलत है
    ध्यान दें

    वीनस केसरी

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  3. ajj kal ke fool hindu truth ko story he manege but i know this is truth . I appreciate this true story and i give thank to mr naveen who r doing good work

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  4. आदरणीय स्वयम्भू निर्बुद्धिमान हरभूषण जी !! आपने किस आधार पर गाजी बाबा का समर्थन किया है जरा हमें भी बताएं ? अब आपकी टिपण्णी ने इस लेख की पूर्ण सार्थकता सिद्ध कर दी. येही तो देश का दुर्भाग्य है की सत्य को कहानी बोलते हैं और कहानियों को सत्य जय हो मजारों को पूजने वाला हिन्दू समाज !!

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  5. kuch bhi ho ..saarpoorn lekh hai.

    ho sakta hai jo log poojte hai unhen ye pata hi na ho ki sach kya hai ?

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  6. ithash me bahut se asi gatnae hai gisse hamare bavish ko barbad kar sakti hai . hume mil-jol kar rahna chahiye.Ache va bure instan har majhub jati me hote hai.hame kise ke bare me gande lubj ka istemal nai karna chahie gisse kisi ka man duke.kisi bi daram me burai ko nahi apnaya hai. to hum bure kyo hai.

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    1. vikram ji kya aapne kuran ki aayten padhi hai. nahi na to mangadhant baten na karen.

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  7. vikram ji naveen ji ke lekh me sachchai ke sath sath rashtrvad hay parantu aapki tippani mi kayarta ka vas hai.

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  8. apne jo likha hain vo bahut hi badiya hain main bhi ap ka samarthan deta hu sir apko naman krta hu main bhi baharich k pas (gonda) distt. se hu apka blog pad kr mujhe accha laga hain

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  9. Jay Shreeram..apaki shaili ne muze bahut prabhavit kiya bandhuvarya.

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  10. हरभूषण इसको पड़ें. आप जैसे लोगों के लिए एक neutral source से मिली जानकारी. और अगर कुछ शर्म बाकि है तो अपने जैसे और लोगों को भी पढाएं.
    http://en.wikipedia.org/wiki/Ghazi_Saiyyad_Salar_Masud

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  11. Muslim samaj ke principls khud hi unki barbadi ke karan ban gaye hai.... har desh me musalmano ki halat dhobi ke kutte ke saman hai jo na ghar ke hai na ghat ke, Aap jaise Itihaskar aur bhi is tarah ki sacchai logo ke samne rakhe taki logo ki aankhe khule.

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  12. ek muslman ne itno ki neede uda di???????????

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  13. भारत में यदि सब लोग भारतीय बनकर रहे तो बड़ा ही अच्छा होगा नहीं तो यदि हिन्दू संगठित हो गया तो मुसलमानों और ईसाईयों को कब्रों में भी जगह नहीं मिलेगी और क़यामत तक वक़्त कटना मुश्किल हो जायेगा | हम हिंदुयों को क्या दर अगर अच्छे कर्मे किये तो फिर मुसलमानों और ईसाईयों को निपटाने के लिए पैदा हो जायेंगे हिन्दू बनकर |
    मुसलमानों और ईसाईयों जान लो की हम हिन्दू अमर हैं और तुम्हें तो बस एक जनम मिलता है | अब सोच लो हमारे साथ यदि भाई बनकर रहे तो लम्बी दोस्ती चलेगी नहीं तो कब्रों में पड़े रहकर क़यामत का इन्तेजार करना पड़ेगा हूरों के साथ सोने के लिए |

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  14. hellooo jii
    aap whi hindu ki bat kar rahe he
    jo amrnat pe jate he

    pta he amarnat pe mandiro k rakshk sevak sare muslim log he jo barso se wha pe kam kar rahe he n mandiro ki raksha karte he

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  15. abhe hindi tumhara nark to yaha se start hote e jab tumhe apne ghar wale jala ke aate he. tumhe to nark me jalna he so ye kaam ghar wale hi start kar dete he

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  16. @one muslim

    कुछ पंथ या मजहब कहते हैं कि ईश्वर से डरोगे, संयम रखोगे तो मरने के बाद स्वर्ग मिलेगा और सरकशी का जीवन बिताओगे तो नरक मिलेगा । स्वर्ग में सुन्दर स्त्री मिलती है; मनचाहे भोजन का, सुगन्धित वायु का और कर्णप्रिय संगीत का आनंद मिलता है; नेत्रों को प्रिय लगने वाले दर्शनीय स्थल होते हैं अर्थात् पांचों ज्ञानेन्द्रियों को परम तृप्ति जहाँ मिले वहीं स्वर्ग है । नरक में यातनाएँ मिलती हैं पुलिसिया अंदाज में; जैसे अपराधी से उसका अपराध कबूल करवाने या सच उगलवाने के लिए व्यक्ति को उल्टा लटका देना, बर्फ की सिल्लियों पर लिटा देना आदि या आतंकवादियों, डकैतों और तस्करों के कुकृत्य की तरह जो शारीरिक और मानसिक यातना देने की सारी सीमाएँ तोड़ देते हैं । नरक में इससे अधिक कुछ नहीं है ।

    स्वर्ग के जो सुख बताये गये हैं, उन सुखों को विलासी राजाओं और बादशाहों ने इस धरती पर ही प्राप्त कर लिया । और नरक की जो स्थिति बतायी गयी है, मजहब और पंथ के नाम पर आतंकवादी इस धरती को ही नरक बना रहें हैं । नरक का भय दिखाकर तो हम ईश्वर को सबसे बड़ा आतंकवादी ही साबित करेंगे । वस्तुत: ईश्वर को स्वर्ग के सुख या नारकीय यातना से जोड़ने का कोई सर्वस्वीकार्य कारण उपलब्ध नहीं है ।

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  17. इस प्रकार हिन्दुत्व का परम लक्ष्य स्वर्ग-प्राप्ति न होकर मोक्ष की प्राप्ति है ।

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  18. agar hindu ek nahi hoge to har dharm unper raaz karega musamaan bahut katar to hai magar
    hindu bhi unka har eat ka jawab pathar se dega

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  19. kya hmare dhes mae bas itnai hi hindu hai jo is tippadi ka answer bhi kuch hi logo nae diya hai

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  20. q navin tum vahi hona jaha se tumhe bhagaya he
    or vivek tumhare under dum he to ye navin ka blog sab comment ke sath padh ke aan fir baat karenge.ha dono page ki commnet padh ke aana

    http://satyarthved.blogspot.com/2009/04/musalman.html
    abhi tum bachhe ho

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    1. आधी से ज्यादा आयतें तो हिन्दू ग्रंथों से चोरी की हे. वची कूची बाइबिल से १४०० सौ साल पहले क्या दुनिया नहीं थी। अपनी मौज- मस्ती और ऐय्याशी के लिए बनाये कानून को तुम इस्लाम कहते हो. कल तक तो तुम भी हिन्दू थे औरंगजेब, जैसे लोगों ने तुम्हारी माँ बहन के साथ क्या किया होगा ये तो मुझे बताने के जरुरत नहीं हे। मुझे एक उद्धरण दे दे की क़ुरान शांति देने वाली किताब हे कितने देश में रह रहे मुल्ले शांति से रह रहे हे जिस अल्ल्हा का जिक्र मुम्मद करता हे। उस आल्हा का कानून और उसका नाम कही किसी किताब में मिलता हे तुम्हारी आयतों का कोई मतलब निकाले तो गलत। और तुम किसी की किताब में कोई भी अर्थ निकालो तो सही जो धरम करोङो सालो से धरती पे था तब आल्हा सो रहा था क्या उसको १४०० साल पहले ही ध्यान आया की किताब लिखी जाए।
      और बो भी ऐसी जिसमे औरतों के लिए नरक से भी ज्यादा बत्तर जिंदगी हो
      जिसमे जानबरों को खाने का प्रबधंन हो। क्यों की तुम्हारे मुहम्मद को अरब में जहां घास तक नहीं उगती वहां जनबरों के सिबाय खायेगा भी क्या और रही औरत की बात औरत आदमी की कमजोरी सुरु से ही रही हे और अरब की औरतये तो बहुत खूबसूरत होती हे तो उन्हें देखकर तो कोई भी फिसल जाए। और क़ुरान में लिखा भी हे के मरने के बाद भी सेक्स करने के लिए ७२ हूरें मिलेंगी। क़ुरान सिर्फ एक लालच में फ़साने वाली किताब हे. धरम और शांति से इसका कोई लेना देना नहीं हे। काबा भी शिव मंदिर हे सारी दुनिया जानती हे। उसको त्रिपाल से ढकने की क्या जररत हे मुहम्मद से पहले भी लाखों नबी आये हे उनकी किताबें कहाँ चली गयी
      क़ुरान पढ़के किसी मुसलमान ने इस दुनिया में कुछ इज़ात किया हे सिबाय आतंक बाद के. सिया और सुन्नी तो दोनों ही अल्ल्हा को मानते हे फिर क्यों लड़ते हे क्यों की सनातन धरम में साफ़ साफ़ लिखा हे के इस कलयुग में राक्छसों का अधिकार फिर से हो जायेगा तभी तो ईश्वर इस धरती पे अवतरित होंगे। धरम को पहचानो दुनिया में शांति सिर्फ सनातन धरम ही दे सकता हे ये जो अशांति फैली हे बो १४०० सो साल से हे फैली हे इस कलयुग में
      जब जब धरम की होयही हानि। बाढिह अधम अशुर अभिमानी।

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  21. or navin tumme dum tha vo kah chala gaya.
    ye to sirf survat thi or tum bhag gaye.

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  22. @yasin

    read here more about islam

    http://satyagi.blogspot.com/

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  23. vo to tumne aapni bhadas nikali hogi or kuchh nahi

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  24. jan kar bada dukh hua ki log bhagwan krishna ke vakyo ko bhi bhul gaye jo unhone geeta me kaha he
    "jo bhut ki puja karte he vo bhoot yoni ko hi prapt hote he"
    or fir bhi apne swarth ke liye aise tamam bhuto ki mazaro pe sir jhukate he,
    jabki vandan karne yogya to sirf bhagwan hi he.

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  25. isllam duniya ke liye naasur hai isliye kuran ko khattma karo use janne walo ko narak me bhej do

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  26. aapne sach kaha n keval gaji baran aaj sir sayyed ahmad kha ko bhi hum bada aadar dete hai ishi karn aaj tak y dharm aur dsh peeche in hinduo ki aurto aur ladkiyon ko jab mulle uthayenge tab ye aaj ki karni par royenge

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  27. Esa pagal pan sirf hindu log hi karte hai, wo log sachhai nahi jante aur bevkufo ki tarah kisi bhi admi ki pooja karte hai

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  28. hindu hote he aise hai...
    jise chaha khuda bana liya, aur i think k tatti ko bhi khuda he mante hai jo history padhte hai

    hasi bhi aati hai aur gussa bhi k yar ye log gunge hai, andhe hai aur behre hai k kabhi sahi raste par nai aa sakte, allah ne inke dilo par parda daal diya hai

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  29. big correction required in this post
    SUHALDEV was a RAJBHAR king .
    SEE www.rajbharunity.com

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  30. i request naveen ji to correct the post

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  31. NAVEEN JI JARA AJMER SHARIF PER BHI EK LEKH LIKHNA

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  32. sri tyagi ji /krapakar suheldev ji ke bishay men etihasik jankari jutayen. ve pasi nahin balki BHAR KSHATRIY the.

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    1. भर पासी, राजभर , भारशिव, सभी पासी जाति की उप जाति है। प्राचीन काल में भगवान शिव की मूर्ति को सिर पर धारन करने और शैव संप्रदाय का प्रचार के कारण भर पासी कहलाए।
      कृपया बाहरी लोगों वीर पासी जाती मे फूट न डाले।

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    2. Then why you are change the title of great king !!

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  33. jab ye ek hi ko mante he to dargah par ko jate he.......

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  34. majhane ki kosish kar rahe hai yeh koi dharma virodhi nahi parantu manavata virodhi jaroor hai agar aise atyachari ko sufi sant jo bhi dhama banata hai o dharma achcha ho hi nahi sakta humara dharma itna prachin aur saral hai ki koi bhi hindu kisi bhi church ya majar pe jakar apni swartha ke liye kuch bhi karta hai aisa vyakti dharmik nahi swarthi hai use murkh ya mahamurkh hi kaha jasakta hai aur kuch nahi in mahamurkho ko yeh bhi nahi pata hai ki hindu dharma me dewtao ki itani sankhya hai ki janma se roj do dewtao ki puja karo to pura nahi kar sakte phir inke pass samay aur kahi jane ka kaha se milta hai jo inki wakalat kar rahe hai unko bramhad ke paida hote hue bhi GEETA ke char islok ka wastavik gyan nahi hoga kuaran pada rahe hai sabse bade mahamurkh to yehi hai hinduo ki barbadi ke karan tum jaise hi hai jo unko jankar bhi bhatakne ko chod dete ho

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  35. aur han tyagi ji mahaveer suheldeo ji pasi nahi bharshiv ke vansaj (bhar raja)rajbhar the unki jeevani pade sir u r great hume unpe garva hai aur sabko garva karna chahiye

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  36. Tyagi sir plz kindly correction in ur
    mistake i.e. Replacing pasi to rajbhar
    plz read rajbhar history & take care in future.

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  37. इस्लाम में अल्लाह के सिवा किसी की भी पूजा मानी नही है फिर भी उनके द्वारा मजारो की पूजा की जाती है। हिन्दु में किसी की भी पूजा करने की रोक नहीं है इसलिए जिसे भी वह पूजनीय समझता है उसकी पूजा करने के लिए वह स्वतन्त्र है। मेरे विचार से आम हिन्दू हो या मुसलमान सब अपने अपने स्वार्थ से बंधे हुए है स्वार्थ पूर्ति भी आस्ता का कारण बनती है। किसी मंदिर या मजार वा देव स्थान पर पूजा करने मत्था टेकने से उसका काम बन जाता है तो वह उसका आस्तावान हो जाता है। इसी के चलते जादातर मंदिर और मजारो में पूजा हो रही है। यात्री/जायरीन आ रहे है पुजारियों और खादिमो का धंधा भी खूब चल रहा है।

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  38. AAPNE QURAN PADHA ISKI MUJHE BEHAD KHUSHI HAI..PAR USKE SATH SATH,,AFSOS BHI YE HAI,, KI AAPNE QURAN KA ADHDHIYAN SAHI TARHA SE NAHI KIYA..BAHUT SAMAYE PEHLE HAMARE POORWAJON,, KI SOCH BHI KUCHH. KUCHH AAP HEE KI TARHA SE THI..PAR JAB HAMARE POORWAJON NE QURAN KA ADHDHIYAN SAHI TARHA SE KIYA TO UNHE MALOOM HUA,, KI HAM GALAT RAHA PAR HAIN.AAPKO SACH MAIN QURAN KA SAHI AUR POORA ADHDHIYAN KARNE KI AVASHAKTA HAI.SACH KEHTA HUN..AGAR AAPNE QURAN PAK KA ADHDHIYAN KAR LIYA
    AUR USKE BAAD AAPKO SAHI DHARM KA MALOOM NA HUA TO..JO AAP KAHENGE WEH MAIN KARUNGA.. KHUDA KI QASAM.PAR SHART MEINRI YE HAI..KI AAPKE PAAS QURAN ARTH, BATANE WALA BHI HONA CHAHIYE...CHAHE WEH HINDU DHARM SE HO YA MUSLIM DHARM SE,WESE HINDU DHARM SE TO KOI HOGA NAHI BEHTAR HOGA MULSALMAN SE HI QURAN KA HINDI ANUWAAD KARANA..ISKI BHI EK WAJHE HAI.. KE JIS HINDU BHAI NE BHI ,,,QURAN PADH LIYA HOGA ANUWAAD SAHIT,, TO WEH SACH MAIN QURAN PAK PAR YAQEEN LIYAYA HOGA..ISLIYE KEH RAHA HUN.. MUSLIM DHARM GURU.. AUR HINDU DHARM GURU KE HI BEECH MAIN BETHH KAR ISKA ADHDHIYAN KIYA JAYE,,TO DOODH KA DOODH AUR PANI KA PANI HO JAYEGA,, AUR MUJH VISHWAAS HAI.. KE AAP MUSALMANO SE KHUD HAATH JODKAR MUAAFI MAANGE,,SAHI KAHA NA MAINE..PLZ..SORRY

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  39. क्या परशुराम ने २१ बार क्षत्रियों का संहार किया था...?

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  40. उत्तर
    1. भर पासी, राजभर , भारशिव, सभी पासी जाति की उप जाति है। प्राचीन काल में भगवान शिव की मूर्ति को सिर पर धारन करने और शैव संप्रदाय का प्रचार के कारण भर पासी कहलाए।
      कृपया बाहरी लोगों वीर पासी जाती मे फूट न डाले।

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  41. Suhaldev paasi nahi they vo rajbhar they pahle theek se itihaas ka addhyan karo fir kuch likho.

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    उत्तर
    1. भर पासी, राजभर , भारशिव, सभी पासी जाति की उप जाति है। प्राचीन काल में भगवान शिव की मूर्ति को सिर पर धारन करने और शैव संप्रदाय का प्रचार के कारण भर पासी कहलाए।
      कृपया बाहरी लोगों वीर पासी जाती मे फूट न डाले।

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  42. भर पासी, राजभर , भारशिव, सभी पासी जाति की उप जाति है। प्राचीन काल में भगवान शिव की मूर्ति को सिर पर धारन करने और शैव संप्रदाय का प्रचार के कारण भर पासी कहलाए।
    कृपया बाहरी लोगों वीर।पासी जाती मे फूट न डाले।

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    उत्तर
    1.  Pasi are a Muslim community found in the state of Bihar in India.

      Turuk Pasi Regions with significant populations India Languages• Hindi • Urdu • Bhojpuri Religion• Islam Related ethnic groups• Pasi

      History and origin

      The Turuk Pasi are converts to Islam from thePasi. There traditional occupation was tapping toddy from palm trees. They are Sunni Muslims and found in the districts of Patna,Hajipur, Saran and Muzaffarpur. The Turuk Pasi speak Bhojpuri and Urdu. Little is known about the circumstances of their conversion to Islam.

      Present circumstances

      The traditional occupation of the Turuk Pasi remains toddy-tapping. They are issued licences by the government to collect toddy. Some work on daily wages as labourers. Rearing of cattle and poultry are important subsidiary occupations.[1]

      References

      ^ a b People of India Bihar Volume XVI Part Two edited by Surendra Gopal and Hetukar Jha pages 951-953

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    2.  Pasi are a Muslim community found in the state of Bihar in India.

      Turuk Pasi Regions with significant populations India Languages• Hindi • Urdu • Bhojpuri Religion• Islam Related ethnic groups• Pasi

      History and origin

      The Turuk Pasi are converts to Islam from thePasi. There traditional occupation was tapping toddy from palm trees. They are Sunni Muslims and found in the districts of Patna,Hajipur, Saran and Muzaffarpur. The Turuk Pasi speak Bhojpuri and Urdu. Little is known about the circumstances of their conversion to Islam.

      Present circumstances

      The traditional occupation of the Turuk Pasi remains toddy-tapping. They are issued licences by the government to collect toddy. Some work on daily wages as labourers. Rearing of cattle and poultry are important subsidiary occupations.[1]

      References

      ^ a b People of India Bihar Volume XVI Part Two edited by Surendra Gopal and Hetukar Jha pages 951-953

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  43. यह बात तो सत्य है कि "पासी " एक बहादुर जाति है।
    ओर यह भी बात सत्य है, इनका भी इतिहास मे एक शासन रहा,और यह बात हम भली-भांति जानते है कि,देश मे राजाओ की आपसी लडाईयो के कारण ,दुसरे लोगो ने शासन किया।
    कृपया बाहरी लोगो, वीर "पासी " जाति मे फुट न डाले।

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  44. chalo tyagiji ek hi baat batavo parshuram ne kshatriyo ko ikkis bar nasht kiya. Ma ke garbh ko bhi mar dal to aap log usko bhagvaan kyu mante ho? aur hum aap logo ko sahi kyu mane kyu ki aap log gaddar ho desh mein mushlim shasan lane vale kaun the voh aapke gadar bhaio hi the. hum kshatriy aapke hattkande ban gaye aur aapne use karke fenk diya. abhi bhi voh kar rahe hai aap log hindu hai to Raj ram mohanray ne Brahmosamaj kyun sthapit kiya, Hindu samaj kyu nahi. Dayanand sarswati ne Arya samaj kyu banaya hindu samaj kyu nahi. Aap gaddar log jante ho ki hindu ban ke hi tum apne roti garam kar shakte ho. Jay Hind....

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