सोमवार, 8 मार्च 2010

क्या भारत में ऐसा संभव है.

९\११ के आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने सूझ-बूझ और साहसयुक्त कदम उठाया है,वैसा ही साहसी कदम उठाना अब भारत के लिए भी आवश्यक हो गया है. यह कहना है एक सेवा-निर्वत्त मुस्लिम सेनाधिकारी का. उनके कथानुसार अमेरिका ने इस हमले के बाद से ही मस्जिदों के इमामों को उनके इलाके में रहने वाले मुस्लिमों की गैर कानूनी गतिविधियों का जिम्मेवार निश्चित किया है,क्योकि प्रत्येक मुस्लिम किसी न किसी मस्जिद से जुड़ा होता है. इस नियम के अंतर्गत अब तक २०० से ज्यादा इमामों को उनके इलाके में संदिग्ध घटनाओं के कारण अमेरिका से बाहर निकाला जा चुका है. इसलिए अमेरिका में उसके बाद आतंकी घटनाओं की पुनरावृति नहीं हुई है.
उस देशभक्त अधिकारी का सुझाव है की भारत सरकार को भी सभी मस्जिदों के प्रमुखों को उनसे सम्बंधित नागरिकों की गतिविधियों का जिमेदार मानना चाहिए. क्योकि उन्हें अपने इलाके में रहने वाले सभी नागरिकों की जानकारी होती है.
वे कहते है की जिस दिन पाकिस्तानी आतकवादियों को भारतीय समर्थक मिलने बंद हो जायेंगे ,उसी दिन से भारत में आतंकवाद दम तोड़ने लगेगा .
देश की सुरक्छा के लिए ऐसी इच्छा शक्ति आवश्यक है . लेकिन क्या भारत में ऐसा संभव है? यह एक yax प्रश्न है.

8 टिप्‍पणियां:

  1. kyon bhaiya, dharmnirpekshiyon ka kya karoge.. muslim to baad me kuchh bolenge, hindoo pahle danapani lekar chaddh jayenge.

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  2. bhai esaa ho jaye to vastav me muslim aatankwaad ki tang jaroor toot jayegi

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  3. ऐसा क्यों नहीं हो सकता ?अब जरुरत है एक मंच पर आने की |

    उस पर क्या अभी तक फतवा नहीं लगा ?

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  4. क्या भारत में ऐसा संभव है? lagta to nahi ..

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  5. asambhav ? kya..bhai saheb...aap to kinnron ko vygra khila kar ....ummiid kar rahe hain.

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  6. asambhav ? kya..aap to bhaisaheb kinnron ko vyagra khila kar ...ummiid ki baat karne lage?

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