गुरुवार, 17 जून 2010

ये है झांसी की रानी (jhansi ki rani)का असली चित्र.




मित्रो आज १७ जून को झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई की पुन्यथिति है।


झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का यह एकमात्र फोटो है, जिसे कोलकाता में रहने वाले अंग्रेज फोटोग्राफर जॉनस्टोन एंड हॉटमैन द्वारा 1850 में ही खींचा गया था। यह फोटो अहमदाबाद निवासी चित्रकार अमित अंबालाल के संग्रह में मौजूद है।

The only photo of Rani Laxmibai of Jhansi, which living in Calcutta in 1850 by the British photographer Ahugoman Jonstone and was pulled. This photo Ahmedabad resident artist Amit Ambalal exists in the collection.


161 टिप्‍पणियां:

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    1. this is not Rani Lakshmi Bai

      http://www.copsey-family.org/~allenc/lakshmibai/kb-Rani1.jpg

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    2. rani laxmibai k is chitra ko dikhane k liye mai our mera sangli dist bahot aabhari hai

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    4. ye rani laxmibai ka photo nhi hai me bhopal me hi rehta hu ye yaha ki begum ka photo hai mene apni ankhon se dekha hai

      राष्ट्र धर्म सर्वोपरि

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    5. photo ko nahi desvasiyo apne dil se mano laxmi bai ko
      khob ladi mardani thi wo jansi wali rani thi

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    6. how can she look like this??

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    7. i cannot understand what have you written

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    8. DARPHOK THI JHANSI KI RAANI

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    9. USE KABHI BHI GHODE PAR BETHNA NAHI AATA THA NAHI TALVAR PAKDNE AATI THI LADAI KE TIME PICHE K DARVAJE SE AAPNE BACHE KO LEKR BHAGI HUI RAANI H
      AI YE

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    10. USE KABHI BHI GHODE PAR BETHNA NAHI AATA THA NAHI TALVAR PAKDNE AATI THI LADAI KE TIME PICHE K DARVAJE SE AAPNE BACHE KO LEKR BHAGI HUI RAANI H
      AI YE

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    11. Tu to kabhi gadhe par bhi nahi baith payega pagle

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    12. haha.. darpok rani nahi darpok tu hai gadhe.. tu to cuhe se bhi darr jaye..

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    13. Benami apni aukat mein rah jar bat jar agar tubkisi kayak hits toh issue tarha kisi ki virta par timpani nahi karts .phele apna naam dhund ,phir uska kuch vajud bans,phir samaj keep lite kuch Karen keep bad jab kisi layak ho jaye tab kisi she yeh baat kehna .jab tujhe Jo jabab milega tu uske Kabul hoga . a hi tu issue zamin par rehne keep kayak bhi nahi hair.

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    14. Benami apni aukat mein reh kar baat kar . agar tu kisi layak hota toh iss tarah ki baat na karta or kisi ki veerta par tipanni nahi karta phele apna naam dhund benami ,phir uska kuch vajud bana phir samaj ke liye kuch kar . uske baad yeh bat kehna tab tujhe Jo jabab milega tu uske layak hogs.abhi tu iss dharti par ek dhaba hai .Jo uske sache veero ka you kayaro ki tarah apman Kar raha hai.

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    1. rani laxmibai k is chitra ko dikhane k liye mere our mera sangli dist aapaka bahot aabhari hai dhanyavad!

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    2. ye rani laxmibai ka photo nhi hai me bhopal me hi rehta hu ye yaha ki begum ka photo hai mene apni ankhon se dekha hai

      राष्ट्र धर्म सर्वोपरि

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    3. Rani laxami bai ki photo dekhaneki bahot chah thi thanks for that aur mai chahti hoo ki aaj ki nari me rani laxmi bai ki jhalak dikhe

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    4. bhai ager app seb maharne jhasi ke time mey hotey to app seb ko peta chalta ke us time hindustion ke ky desha tha aur kesy angrjrejo say ladea jata

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  3. pahle bhi ek chitr blog par dekhaa tha,jo ki dekhne me hi galat lag raha thaa. is ko dekhkar lagta hai ki yah sahi me theek hai.

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  4. झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का यह एकमात्र फोटो.
    shat-shat naman

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    1. Rani laxami bai ki pictur dekhane ki chah thi thanks for that aur mai chahati hoo ki aaj ki nari me rani laxami bai ki jhalak ho

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  5. bundele har bolo ke mooh hamne suni kahaani thi khoob ladi mardani wo to jhansi waali rani thi.

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  6. mitron me chhama prarthi hoon ki pahle 17 june ko me galti se jhansi ki rani ka jandin likh gaya.

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  7. उत्तर
    1. सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी,
      बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी,
      गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी,
      दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी।
      चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी,
      बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
      खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

      कानपूर के नाना की, मुँहबोली बहन छबीली थी,
      लक्ष्मीबाई नाम, पिता की वह संतान अकेली थी,
      नाना के सँग पढ़ती थी वह, नाना के सँग खेली थी,
      बरछी ढाल, कृपाण, कटारी उसकी यही सहेली थी।
      वीर शिवाजी की गाथायें उसकी याद ज़बानी थी,
      बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
      खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

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  8. झाँसी की रानी

    सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी,
    बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी,
    गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी,
    दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी।
    चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

    कानपूर के नाना की, मुँहबोली बहन छबीली थी,
    लक्ष्मीबाई नाम, पिता की वह संतान अकेली थी,
    नाना के सँग पढ़ती थी वह, नाना के सँग खेली थी,
    बरछी ढाल, कृपाण, कटारी उसकी यही सहेली थी।
    वीर शिवाजी की गाथायें उसकी याद ज़बानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

    लक्ष्मी थी या दुर्गा थी वह स्वयं वीरता की अवतार,
    देख मराठे पुलकित होते उसकी तलवारों के वार,
    नकली युद्ध-व्यूह की रचना और खेलना खूब शिकार,
    सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना ये थे उसके प्रिय खिलवार।
    महाराष्टर-कुल-देवी उसकी भी आराध्य भवानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

    हुई वीरता की वैभव के साथ सगाई झाँसी में,
    ब्याह हुआ रानी बन आई लक्ष्मीबाई झाँसी में,
    राजमहल में बजी बधाई खुशियाँ छाई झाँसी में,
    चित्रा ने अर्जुन को पाया, शिव से मिली भवानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

    उदित हुआ सौभाग्य, मुदित महलों में उजियाली छाई,
    किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई,
    तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाई,
    रानी विधवा हुई, हाय! विधि को भी नहीं दया आई।
    निसंतान मरे राजाजी रानी शोक-समानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

    बुझा दीप झाँसी का तब डलहौज़ी मन में हरषाया,
    राज्य हड़प करने का उसने यह अच्छा अवसर पाया,
    फ़ौरन फौजें भेज दुर्ग पर अपना झंडा फहराया,
    लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया।
    अश्रुपूर्णा रानी ने देखा झाँसी हुई बिरानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

    अनुनय विनय नहीं सुनती है, विकट शासकों की माया,
    व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया,
    डलहौज़ी ने पैर पसारे, अब तो पलट गई काया,
    राजाओं नव्वाबों को भी उसने पैरों ठुकराया।
    रानी दासी बनी, बनी यह दासी अब महरानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

    कुटियों में भी विषम वेदना, महलों में आहत अपमान,
    वीर सैनिकों के मन में था अपने पुरखों का अभिमान,
    नाना धुंधूपंत पेशवा जुटा रहा था सब सामान,
    बहिन छबीली ने रण-चण्डी का कर दिया प्रकट आहवान।
    हुआ यज्ञ प्रारम्भ उन्हें तो सोई ज्योति जगानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

    महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी,
    यह स्वतंत्रता की चिनगारी अंतरतम से आई थी,
    झाँसी चेती, दिल्ली चेती, लखनऊ लपटें छाई थी,
    मेरठ, कानपूर, पटना ने भारी धूम मचाई थी,
    जबलपूर, कोल्हापूर में भी कुछ हलचल उकसानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।



    इनकी गाथा छोड़, चले हम झाँसी के मैदानों में,
    जहाँ खड़ी है लक्ष्मीबाई मर्द बनी मर्दानों में,
    लेफ्टिनेंट वाकर आ पहुँचा, आगे बड़ा जवानों में,
    रानी ने तलवार खींच ली, हुया द्वन्द्ध असमानों में।
    ज़ख्मी होकर वाकर भागा, उसे अजब हैरानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।


    विजय मिली, पर अंग्रेज़ों की फिर सेना घिर आई थी,
    अबके जनरल स्मिथ सम्मुख था, उसने मुहँ की खाई थी,
    काना और मंदरा सखियाँ रानी के संग आई थी,
    युद्ध श्रेत्र में उन दोनों ने भारी मार मचाई थी।
    पर पीछे ह्यूरोज़ आ गया, हाय! घिरी अब रानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

    तो भी रानी मार काट कर चलती बनी सैन्य के पार,
    किन्तु सामने नाला आया, था वह संकट विषम अपार,
    घोड़ा अड़ा, नया घोड़ा था, इतने में आ गये अवार,
    रानी एक, शत्रु बहुतेरे, होने लगे वार-पर-वार।
    घायल होकर गिरी सिंहनी उसे वीर गति पानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

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    1. nari shakti ko shat shat pranam nari ko apni shakti pahchanani chahiye koi shayad hi rani jaisa ban paye lakin unse prerna le kar kuch ansh bhi unki tarah ban sake to unka amar jeevan hame peedhiyo tak prerna deta rahega aur pariwaro samaj sanskriti desh aur vishwa ka kalyann hoga aur nari deviyon ki tarah hi pooji jayengi ye hum par nirbhar karta hai ki hum apni chetna ko jagayn aur sarvottam bane yeh baat purushon par bhi lagu hoti hai

      हटाएं
  9. आप की इस रचना को शुक्रवार, 18/6/2010 के चर्चा मंच पर सजाया गया है.

    http://charchamanch.blogspot.com

    आभार

    अनामिका

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  10. आभार इस दुर्लभ चित्र को प्रस्तुत करने के लिए ।
    वीर सावरकर को भी धन्यवाद इस वीर गाथा के लिए ।

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  11. दुर्लभ चित्र दिखाया आपने ..बहुत बहुत आभार ..झाँसी की रानी को सादर प्रणाम .

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  12. इस दुर्लभ चित्र को प्रस्तुत करने के लिए आभार...

    उत्तर देंहटाएं
  13. Aapka bahut bahut Shukriya...main jhansi ki rani ko apna aadersh manti hoon.is paavan perv per unke liye dher sara pyar or samman...

    उत्तर देंहटाएं
  14. इस दुर्लभ चित्र के साथ ही वीर सावरकर द्वारा प्रस्तुत वीर गाथा को पढकर तो मानों छाती गर्व से द्विगुणित हो गई...
    आभार!

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  15. pandit ji ne bilkul mere man wali baat keh di....

    shat-shat naman.

    kunwar ji,

    उत्तर देंहटाएं
  16. Dhanyawaad.
    kya aapne iski original dekhi hai?
    aur iski pramanikta ke vishay me kya koi shanshay ho sakta hai?
    waise mera man to kahata hai ki yeh chitra vastavik hai.

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  17. दुर्लभ और संजो कर रखने वाला चित्र ,आभार

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  18. मुझै लगता है कि शायद कुछ इससे मिलती जुलती फ़ोटो NCERT की किताबों में भी छपती थी. अलबत्ता यह original है. जानकारी के लिए धन्यवाद.

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  19. jin logo ne jhansi ki raani ka nakli chitr laga rakha tha,kuch ne uske sath ye wala bhi jod diya hai,kintu aapka aabhaar prakat nahi kiya hia.

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  20. rakesh ji yah chitr orignal chitr ki photo scen copy hai.kyo ki isse pahle bhi jhansi ki rani ke chitr ke sthaan par kuch logo ne galatfahmi me ek modal ka chitr laga diya tha.maine iske liye poori chhanbeen kar li hai.

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  21. bharat swaabhiman manch ji isme kisi ko koi bhi aabhar prakat karne waali baat hi nahi hai kyoki maine bhi to ye chitr kahin na kahin se to liya hi hai.

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  22. esi mahan virangna ke chitr ke darshan karne late pahunch.chhama chahta hoon.

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  23. इस दुर्लभ चित्र को दिखने के लिए आभार...

    वीरसावरकर जी,

    सुभद्रा कुमारी चौहान की इस कविता को प्रस्तुत करने का शुक्रिया...
    कविता के नीचे रचयिता का नाम लिख देते तो बेहतर होता ..

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  24. दुर्लभ चित्र///के के यादव जी की पोस्ट पर अभी देख बिल्कुल यही!

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  25. kya baat hai tyagi sahab sabke galat chitr hatva diye.maine bhi kai bar galat chitr dekhe.kintu hraday nahi mana.lekin aaj is chitr ko dekhkar sir naman ke liye swam hi jhuk gaya.

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  26. वंदेमातरम्.....आप को साधुवाद

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  27. नवीन जी, इस चित्र के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद

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  28. आभार इस दुर्लभ चित्र को प्रस्तुत करने के लिए ।

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  29. महाबलिदानी महारानी लक्ष्मी बाई को हम सब का शत शत नमन !

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  30. श्रीमानजी यह चित्र झांसी की रानी का नहीं है.यह चित्र भोपाल की सुलतान जहां बेगम का है जो झांसी की रानी विरुद्ध थी .इसने अपनी फौजे अंग्रेजो की मदद के लिए भेजी थीं ,इसकी फोटो अंग्रेजों ने पोस्टकार्ड में छापी थी.भोपाल के संघ्रालय में आज भी बेगम का चित्र लगा है .आप भोपाल के नवाबों के बारे में सर्च करें .यह पोस्टकार्ड १० मई १९१० को जारी किया गया था .

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    उत्तर
    1. आदरणीय शर्मा जी, क्या झांसी की रानी का कोई भी चित्र अस्तित्व नहीं है....??

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    2. ठीक कह रहे हैं सर....झांसी की रानी का कोई चित्र ही मौजूद नहीं है....ये तो भोपाल की सुल्तान जहां बेगम है....

      हटाएं
    3. http://commons.wikimedia.org/wiki/File:Shahjahan_begum_yong.jpg

      this image cant be Shahjahan begum above is a photo of the original begum

      हटाएं
  31. महाबलिदानी महारानी लक्ष्मी बाई को हम सब का शत शत नमन !





    नवीन जी, मुझे मिली जानकारी के आधार पर आज के ही दिन यानी १८ जून को ही महारानी लक्ष्मी बाई का महा बलिदान दिवस होता है !

    देखे :- http://en.wikipedia.org/wiki/Rani_Lakshmibai

    वैसे इस लेख में २ अलग अलग तारीख है इस लिए भरम की स्थिति है ! वैसे स्टार न्यूज़ पर दी गयी जानकारी के हिसाब से भी १८ जून ही है !

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  32. इस चित्र को उपलब्ध कराने के लिए सम्पूर्ण ब्लॉग जगत आपका आभारी है।

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  33. रानी लक्ष्मी बाई को शत शत नमन।

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  34. sharma ji mai aapki bat ka virodh karoon esi meri okaat nahi hai.aapki baat me bhi tarkikta hai.kintu us samay ki muslim samaj ki sthiti ko dekhte hue koi bhi muslim orat mathe par bindi nahi lagati thi. aapki baat yahin galat siddh hoti hai.

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  35. shivam mishra ji 18 november jhansi ki rani ki jayanti hai.shayad isi vajah se kuchh logo ko bhram ho gaya hai ki 18 june inka balidan divas hai. inka balidaan divas 17 june 1858 hi hai.

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  36. माननीय त्यागीजी , नमस्कार ,
    आपके द्वारा दिखाया गया झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का दुर्लभ व एकमात्र चित्र के संकलन व प्रदर्शन के लिए हमारी ओर से हार्दिक आभार व अभिनन्दन व बधाई के साथ शुभकामना .
    १८ जून की पुण्यतिथि पर हम सबकी प्रेरणा वीर रानी को सादर नमन-प्रणाम व हार्दिक श्रद्धांजलि .
    सादर ,
    अलका मधुसूदन पटेल ,लेखिका-साहित्यकार

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  37. माननीय त्यागीजी ,
    थोडा सा संशोधन करना चाहती हूँ , झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती-जन्म दिवस की तिथि १९ नवम्बर व पुण्य तिथि दिवस १८ जून को ही माना जाता है. जैसा कि मुझे हमारे झाँसी उ.प्र. के लम्बे प्रवास के दौरान कि जानकारी है.(कृपया अन्यथा न लीजिएगा केवल सूचित कर रही हूँ.)
    अलका मधुसूदन पटेल ,लेखिका-साहित्यकार

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  38. aadarniy alka ji mujhe aapki baat ka bilkul bhi bhura nahi laga .kintu jhansi ki rani ne 17 june ki shaam ko hi veergati payi thi.

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  39. कहाँ ब्लॉग्गिंग कर रहे है आप लोग, उस देश में जहाँ सत्य का गला घोंट दिया जाता है ? धिक्कारे भी किसे जब पूरा देश ही झूठ की बुनियाद पर खड़ा है ?
    Blog has been removed
    Sorry, the blog at sureshchiplunkar.blogspot.com has been removed. This address is not available for new blogs.

    Did you expect to see your blog here? See: 'I can't find my blog on the Web, where is it?'

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  40. हार्दिक आभार।
    ---------
    क्या आप बता सकते हैं कि इंसान और साँप में कौन ज़्यादा ज़हरीला होता है?
    अगर हाँ, तो फिर चले आइए रहस्य और रोमाँच से भरी एक नवीन दुनिया में आपका स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  41. aapko dhanyabad, me jhanshi ki rani ka presanshak hun, our aapne ye photo dikha ke meri chah ko our bada diya ha, again dhanyabad.
    sachin gour - bhpal

    उत्तर देंहटाएं
  42. SALEEN GOUR - HOSHANGABAD2 अगस्त 2010 को 3:11 am

    DHANYABAD GOGLE AAPNE HAME JHANSHI KI RANI KA PHOTO DIKHAYA..............I AM SALLEN GOUR - HOSHANGABAD DIST. VILLAGE DATWASHA.

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  43. i am proud to be an indian women just because i also belong to same nation where great rani belong.

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  44. She was a brave woman.

    Matchless in entire world history.

    Salute to a great soldier......

    We are proud to be of same race.

    Deepak Sharma BHOPAL

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    उत्तर
    1. Jhansi ki Rani amar rage. Jhansi ki Rani maharani laxmi bai. KO mera shat shat parnam. Bands mathram. Soniya Sharma jalgaon

      हटाएं
  45. Hum aapke aabhari hai. Is Shandar chitra ko sachhe hindustani ke sath batne ke liye.. tkcrall

    उत्तर देंहटाएं
  46. बी एन शर्मा
    जी सही हैं |
    रानी लक्ष्मी बाई का चित्र हमारे लिए कोई महत्व नहीं रखता जबतक इन वीरांगना के सिद्धांतों की रक्षा न हो तो उनकी वीरगाथा गाने का अधिकार भी नहीं रखते हम |
    हिन्दू ह्रदय सम्राज्ञी महारानी लक्ष्मी बाई के चित्र जो चित्र हम बचपन से देखते आ रहे हैं वे ही पर्याप्त हैं इस विवादित फोटो चित्र में कोई ख़ास बात नहीं है |
    हिन्दू ह्रदय सम्राज्ञी महारानी लक्ष्मी बाई की चित्र वेबसाइट
    http://www.copsey-family.org/~allenc/lakshmibai/gallery.html

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  47. nahi janab ye photo ekmatra nahi hai Rani sahab ka....
    ek photo hamare sangrah me bhi hai....
    -awdhesh pratap singh
    Indore
    awdhesh.indore@gmail.com

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  48. navin ji inki sachhai bhi bataiye janata ko..inhone kyun ladai ladi...aur kyun nahi ladti...agar nahi pata to batayen main likh dunga.........jai hind,jai hindu...

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  49. kamal
    Jiske bare me bas sunte the to josh aa jata tha uska chitra dikhan ke liye hardik dhanyawad

    jai ho jhansi ki rani ki.........................vande matram

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  50. bahoot achha alekh itahas ki ek sarwanim hasti ka photo dekhene ka sobhagya prapt hooa koti koi dhanywad or sadhuwad

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  51. is ki alsi jankari subse pehle gyandotcom namak blog ne di thi...
    www.gyandotcom.wordpress.com

    jiske bare me india today ne bhi kaha ki yeh galat chitre hai

    gyandotcom ne iski sampuran jankari di hai

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  52. Thanks for providing a great oppurtunity to the real photo of queen of jhansi

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  53. आभार झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के दुर्लभ चित्र प्रस्तुत करने के लिए

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  54. झांसी की रानी लक्ष्मीबाई नहीं है..उनका इकलौता चित्र एकदम सादगी से भरा हुवा मौजूद है हमारे पास, यहाँ कैसे पोस्ट करूँ मैं उसको??

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  55. LAXMI BAI KI HAKIKAT KI PAHLI PHOTO DEKA HAI ESE DEKHKAR BHARTYE SAHID MAHILAYE OR BHARTIYE SAHIDO MAHA PURUSO KA YAD A GAYA YE PHOTO KE DARSHAN KARANE KE LIYE APKO BAHUT-BAHUT DHANYAVAD

    उत्तर देंहटाएं
  56. झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के दुर्लभ चित्र प्रस्तुत करने के लिए आभार

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  57. yah ek aise veer aurat hai inke jaise veeta aaj tak na kise aurat ne dekhai aur nahi dikha paynge hame naz hai ki humne is desh me janam liya jo jhasi ki rani ke karm aur dhrm bhumi hai yah ek devi hai aise veer devi ko pure samman ke sath namstak salam karta hu.kub ladi mardani yah to jhasi wali rani hai

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  58. Jhasi ke rani nam ki kafe hota tha angrejo ke liye yah ek aise veer aurat hai jisne apna pura janam desh ke seva me laga diya aise veer devi ko selut krta hu mujhe grav hai ke me us desh ka niwasi hu jaha aise veer yodha jhasi ki rani ka desh hai i proud i am indian.
    maa tujhe salam

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  59. ees durlabh chitra ke liye dhanyavaad.kintu drug -dance- disco-divorce vaaliyon ko yah dikhaanaa jaruree hai janaab.

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  60. ees durlabh chitra ke liye dhanyavaad. drug- dance-dissco-divorce vaalee naariyon ko yah dikhaanaa jaruree hai janaab.

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  61. manoj pandeya (google)ees durlabh chitra ke liye dhanyavaad.drug-dance-dissco-divorce vaalee naariyon ko yah dikhaanaa jaruree janaab.

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  62. इस दुर्लभ चित्र के साथ ही वीर सावरकर द्वारा प्रस्तुत वीर गाथा को पढकर तो मानों छाती गर्व से द्विगुणित हो गई...
    आभार! ( Ek Hindustani From Hindustan)

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  63. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  64. झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का यह एकमात्र फोटो है, जिसे कोलकाता में रहने वाले अंग्रेज फोटोग्राफर जॉनस्टोन एंड हॉटमैन द्वारा 1850 में ही खींचा गया था। यह फोटो अहमदाबाद निवासी चित्रकार अमित अंबालाल के संग्रह में मौजूद है।

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  65. Thanks jahan tak mujhe lagta hai ye pic jhansi ki rani ka hi hai

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  66. ye kavita adhuri he isme se kuchh panktiya cut kr di gyi he.........

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  67. aapne hme jhansi rani ka shi prarup dikhaya uske liya aapka dhanyavad

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  68. jhansi ki rani ka yah durlabh chitra aur unki is jeevan gatha ke liye aap ka dhanyabad aaj ke parivesh main yah beergatha naujavano ko prerna degi punah aapko koti koti dhanyabad

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  69. http://www.copsey-family.org/~allenc/lakshmibai/kb-Rani1.jpg

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  70. jhansi bali rani ko agar unke sathi dhoka na dete to sayad bharat kab ka ajad ho gaya hota
    sun.1950 mai n hi

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  71. MERE PYARE BHARTIYO,
    AAJ MATRIBHUMI KI ES MAHAAN,
    PARAKRAMI & VEER BETI KI PUNYTITHI HAI.......

    AAJ KE ES PAAWAN AVSAR PAR ES "BHARAT-MA" KI SACHHI SAPOOT KO SHAT-SHAT NAMAN.....

    I WANT TO BECOME A SOLDIER &
    TODAY I'm PROMISE TO ALL MY DEAR INDIANS THAT-
    agar es Bharatmata & es Veerangna ke AASHIRWAD se me
    apne es Lakshy me kamyaab hua to Koshosh karunga ki BHARAT AUR ES VEERANGNA KE GOURAV KO AUR BADHA SAKU.....

    I'm sure that one day i will Get my
    "this Aim of life".....


    SABHI BHARTIYO KE DILO ME SADA KE LIYE AMAR HO
    CHUKI "JHANSI KI RANI-MAHARANI LAKSHMIBAI" KO
    KOTI-KOTI PRANAAM.....


    BUNDELE HARBOLO KE MUKH,

    HUMNE SUNI KAHANI THI.......,

    KHUB LADI MARDANI VO TO,

    "JHANSI WALI RANI" THI............








    1857 KE US SWATANTRATA SANGRAAM KO PRANAAM......

    US PARAM PAAWAN MITTI KO PRANAAM JISME AISI VEERANGNA NE JANM LIYA.......

    US VEERANGNA KO SHAT-SHAT PRANAAM......








    BHAGWAN KARE YE PUNYDHARA SADA AISE HI DESHBHAKTO, VEERO, VEERANGNAO & MATRIBHUMI PAR MAR-MITNE WALE DESH-PREMIYO SE SUSHOBHIT HOTI RAHE.......


    MUJE GARV HAI KI MERA JANM ES SHORYBHUMI PE
    HUA & ME US GOD SE PRAY KARTA HU KI MUJE HAR JANM ESI BHARATBHUMI KI GOD ME MILE
    &
    AGAR YAHI ITHHAAS PUNAH DOHRAYA JAYE TO MUJE
    RANI-LAXMIBAI KE SAATH ES MATRIBHUMI KI SEVA KA
    AVSAR PRAPT HO.....



    "JAI JHANSI"
    "JAI BHAVANI"
    "JAI BHARAT"

    *PUSHPENDRA*
    BHILWARA,RAJASTHAN

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  72. ईश्वरीय दायित्वों के निर्वाह के लिए क्रांति हेतु आत्मा से स्थायीरूपेण उत्साही व्यक्तियों का आह्वान
    मुझे स्पष्ट रूप से ज्ञात है कि हर देश/काल/वातावरण में नारी व धन में पीछे लगे अंध-स्वार्थियों का ही बाहुल्य रहता है तथापि सम्भवतः कुछ वीर तो शेष होंगे जो जीवन को शेजन-प्रजनन-शयन रूपी त्रिकोण तक सीमित न रखते हुए मातृभूमि के प्रति सबकुछ करने को आत्मा से तैयार हों। झाँसी की रानी जब राष्ट्र-रक्षा के लिए सबका आह्वान कर रही थीं, तब भी बहुत ही कम व्यक्ति आगे आये, शेष व्यक्ति अपनी-अपनी पत्नी के पल्लु में छपुे बैठे रहे। आचार्य चाणक्य ने महान कहलाने व विश्वविजेता माने जाने वाले सिकन्दर को शरत से पलायन करने पर विवश किया; उन्होंने चंद्रगुप्त मौर्य के माध्यम से महाराज धनानंद के नंदवंश का विनाश किया; यदि वे अखण्ड भारत की स्थापना नहीं करते तो क्या आप-हम अपने-अपने घरों में इतना स्वतंत्र, सम्पन्न जीवन जी रहे होते? अंग्रेज़ तो लूटने आते ही नहीं क्योंकि सिकंदर के निर्दय यहूदी सैनिक एवं धनानंद के निर्मम सैनिक ही इतना लूट चुके होते कि वर्तमान में आप जिसे भारत कहते हैं, वह खण्ड-खण्ड देश सांस्कृतिक/आर्थिक/सामाजिक रूपों में पाकिस्तान एवं अनेक अफ्ऱीकी देशों से भी कई गुना अधिक दुर्गत में होता। आचार्य ने भी अपने पुनीत सामाजिक उद्देश्यों के लिए जन-जन के आह्वान के प्रयत्न किये किन्तु तब भी वर्तमान जैसे अधिकांश पुरुष वास्तव में नपुंसक थे, सब भय/स्वार्थ/निष्क्रियता/निराशा रूपी अंधकार व पंक(कीचड़) में अपने तन-मन-धन व स्वयं की आत्मा तक को साभिप्रेत(जान-बूझकर) डुबाये हुए थे; मूरा, अहिर्या, चैतन्य, मृगनयनी जैसे कुछ ही व्यक्ति ऐसे थे, जिन्होंने आचार्य के निर्देश माने तथा जिनके उपकारों के कारण हम यहाँ तक पहुँचकर इतना अधिक सुखद जीवन बिता रहे हैं; क्या आपमें से कोई है जो पूर्वजों के उन उपकारों के प्रति सम्मान में ही सही, अपने ईश्वरीय/राष्ट्रीय/सामाजिक दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वाह को उद्यत(तत्पर) हो? मैं यह पत्र ऐसे व्यक्तियों के आह्वान के लिए लिख रहा हूँ जो वास्तव में मातृभूभि, राष्ट्र के प्रति अपने सामाजिक एवं व्यक्तिगत उत्तरदायित्वों के निर्वाह के लिए भीतर से गम्भीर हों। शरत में अन्य साधनों(धरना-प्रदर्शन/सामान्य आवेदन करने) की तुलना में शीघ्र कार्यवाही एवं राष्ट्रीय कायापलट जनहितयाचिकाओं, संविधान-संशोधन एवं जनहितकारी स्टिंग ऑपरेशन्स के माध्यम से की जा सकती है; मैंने उपरोक्त विषयों में अनेक योजनाएँ तैयार की हैं किन्तु योजनाओं की संख्या बहुत अधिक एवं विषय व्यापक हैं, यदि और भी कुछ व्यक्ति सक्रिय एवं निःस्वार्थ रूप में आगे आयें तो शीघ्रातिशीघ्र क्रांतियाँ सुनिश्चित की जा सकती हैं। अस्थायी उत्साह युक्त भीड़ अथवा समूह नहीं अपितु उत्तेजक विचारों को साकार करने के लिए स्थायीरूपेण उत्साही व्यक्ति द्वारा ही क्रांतियाँ लायी जाती हैं।
    राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल कार्यवाही का अधिकार एवं दायित्व इन चार मुख्य शक्ति-केन्द्रों के पास हैः संसद(राज्य/लोक सभाएँ) एवं सर्वोच्च/उच्च न्यायालय(कहीं का भी), इनको जागृत करने के लिए जनहितयाचिका व स्टिंग ऑपरेशन्स सफल शस्त्र सिद्ध हो सकते हैं। बतायें कि आप उपरोक्त में से कौन-सा कार्य करने को तैयार हैं?
    वे ही व्यक्ति सम्पर्क करें जिनका उत्साह कभी न घटने वाला हो
    सुमित कुमार राय
    दूरभाष-91ः9425605432

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  73. Rani ki picture dil mein hai. JAI HIND

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  74. Har aurat mein laxmi bai hai. Jo Sehmat Hai Wo Ans Dein.

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  75. Aurat Ku sanman den*** aurat devi ma he. Jai jhansi ki rani ki

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  76. mera tuze salam
    Har har mahadev
    my best zashi Ki rani

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  77. I am neeraj Dubey

    Aap sab ko mera pranam maharani jhansi ki rani ke bare mai jankari and unka photos ka darshan karane ke lega. Thanks...... So

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  78. Mai nahi janti ki ye photo real hai ki nahi lekin mai unka sammaan photo dekhkar nahi jo unhone is desh ke liye kiya hai sayad he koi kar paye lekin mujhe nahi lagta ki jitna balidan unhone desh ke liye diya hai koi bhi nahii de sakta

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  79. a very very thank for giving this oppurtunity to see this picture

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  80. Bhai galat photo ko spread mat karo change the topic of blog

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  81. Mera jivan safal ho gaya.
    Zasi ki Rani Amar rahe.

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    1. it is not the real photo of jhansi ki rani

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    2. How do you know that this is not a real image of Rani Laxmibai

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  82. mera manna he ki ae rani laxmi bai ki hi poto he. TANKINg

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  83. As discussed above this is not the photo of Shahjahan begum of bhopal here is a link to the young begum photo http://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/a/af/Sultan_Shah_Jahan,_Begum_of_Bhopal,_1872.jpg

    notice her features are completely different then this one

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  84. Desh main or bhi buht se mude honge . Rap Jesse. Phele aurat ki respect honi jroori phir hum ache lagege kissi pic per behus karte . Main laxmi bai ki respect karti hon lekin respect agar her aurat ki ho phir hoga mere ko proud apne bharat per. Main ek chote gaon ki ladki hon per apni soch bdi hi rakhti hon.may be aap sub ko meri bate sahi lagengi.jai manvta.....

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  85. Mera jivan safal ho gaya.
    Zasi ki Rani Amar rahe.

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  86. Ranilaxmibai India ka itihash he aisi nari ko mera sadar parmesan love him nd love all over India for ranilaxmibai.

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  87. This is not rani of jhansi but begaum of bhopal

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